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Sonipat News: जिले के 87 गांव टीबी मुक्त, चार ग्राम पंचायतों को मिलेगा गोल्ड अवॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:22 AM IST
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फोटो : जिला नागरिक अस्पताल।
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने 87 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर दिया है। विभाग की ओर से तय छह पैरामीटर पर खरा उतरने के बाद इन पंचायतों को टीबी मुक्त किया गया है।
रहमाणा, गुढ़ा, कैहल्पा व कतलूपुर की ग्राम पंचायत को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें एक हजार की आबादी पर शून्य या एक मरीज है। विभाग की ओर से जल्द ही 87 ग्राम पंचायतों को पदक व महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के नियंत्रण और उन्मूलन के लिए ग्रामीण स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर टीबीमुक्त घोषित किए जाने का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में बीमारी के मामलों की पहचान, उपचार और निगरानी से जुड़े मानकों को पूरा किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है। समय पर जांच और दवा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका इस दिशा में अहम होती है। जिले में 1,056 मरीजों का उपचार चल रहा है।
पहली बार टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल 72 गांवों को कांस्य और लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल 11 गांवों को रजत पदक दिया जाएगा। लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल चार ग्राम पंचायतों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष में राज्य टीबी सेल ने दस्तावेजों की जांच के बाद 87 गांव को टीबी मुक्त घोषित किया है। निक्षय योजना के तहत सभी टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ पोषण के लिए 500-500 रुपये की राशि दी जा रही है। उपचाराधीन रोगियों को निक्षय मित्रों से पोषण सहायता भी दी जाती है।
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इन चार गांवों को मिलेगा स्वर्ण पदक
- रहमाणा, गुढ़ा, कैहल्पा व कतलूपुर।
इन 11 गांवों को मिलेगा रजत पदक
भोगीपुर, ठसका, मदीना, वजीरपुरा, तिहाड़, बोहला, जाजी, आनंदपुर, रामपुर, किड़ौली, खुर्मपुर।
इन गांवों को मिलेगा कांस्य पदक
- बिलंदपुर, खिजरपुर अहीर, माजरी, पुगथला, तेवड़ी, भादी, चंदौली, चटिया देवा, आंवली, बली ब्राह्मणान, भैंसवाल कलां, भंडेरी, भैंसवाल कलां (बावला पाना), भैंसवाल कलां (मिठान), जागसी सहरावत, शामड़ी सिसान, सिवाना, छतेहरा, राणाखेड़ी, गुहणा, दोदवा, हसनपुर, भांवर, बिलबिलान, चौलका, गिवाना, जसराणा, कटवाल, खेड़ी दहिया, एमपी माजरा, माहरा, मोई हुड्डा, निरथान, पुट्ठी, रभड़ा, रिवाड़ा, रुखी, एसपी माजरा, सेहरी, रिंढाना, शामाबाद, नसीरपुर, मुनीरपुर, लाड़पुर, गढ़ी बाला, जाजल, बिंधरौली, अटेरना, नाथूपुर, पलड़ी, फरमाणा, गोरड़, झरोठ, कुंडल, मौजम नगर, एनपी माजरा, नकलोई, निरथान, रिढ़ाऊ, सिलाना, सरगथल, हरसाना कलां, तिहाड़ खुर्द, टिकौला, गढ़वाल, निजामपुर।
वर्जन
चार ग्राम पंचायतों को पहली बार स्वर्ण पदक दिया जाएगा। इन गांव में तीन साल से एक हजार की आबादी पर शून्य या एक मरीज है। इस बार विभाग ने 87 गांव टीबी मुक्त किए हैं। 11 ऐसे गांव हैं जिनमें लगातार दूसरे वर्ष कोई मरीज नहीं मिला है। राज्य टीबी सेल ने दस्तावेजों की जांच कर टीबी मुक्त गांव घोषित किया है। -डाॅ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन
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रहमाणा, गुढ़ा, कैहल्पा व कतलूपुर की ग्राम पंचायत को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें एक हजार की आबादी पर शून्य या एक मरीज है। विभाग की ओर से जल्द ही 87 ग्राम पंचायतों को पदक व महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के नियंत्रण और उन्मूलन के लिए ग्रामीण स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर टीबीमुक्त घोषित किए जाने का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में बीमारी के मामलों की पहचान, उपचार और निगरानी से जुड़े मानकों को पूरा किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है। समय पर जांच और दवा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका इस दिशा में अहम होती है। जिले में 1,056 मरीजों का उपचार चल रहा है।
पहली बार टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल 72 गांवों को कांस्य और लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल 11 गांवों को रजत पदक दिया जाएगा। लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त श्रेणी में शामिल चार ग्राम पंचायतों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष में राज्य टीबी सेल ने दस्तावेजों की जांच के बाद 87 गांव को टीबी मुक्त घोषित किया है। निक्षय योजना के तहत सभी टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ पोषण के लिए 500-500 रुपये की राशि दी जा रही है। उपचाराधीन रोगियों को निक्षय मित्रों से पोषण सहायता भी दी जाती है।
इन चार गांवों को मिलेगा स्वर्ण पदक
- रहमाणा, गुढ़ा, कैहल्पा व कतलूपुर।
इन 11 गांवों को मिलेगा रजत पदक
भोगीपुर, ठसका, मदीना, वजीरपुरा, तिहाड़, बोहला, जाजी, आनंदपुर, रामपुर, किड़ौली, खुर्मपुर।
इन गांवों को मिलेगा कांस्य पदक
- बिलंदपुर, खिजरपुर अहीर, माजरी, पुगथला, तेवड़ी, भादी, चंदौली, चटिया देवा, आंवली, बली ब्राह्मणान, भैंसवाल कलां, भंडेरी, भैंसवाल कलां (बावला पाना), भैंसवाल कलां (मिठान), जागसी सहरावत, शामड़ी सिसान, सिवाना, छतेहरा, राणाखेड़ी, गुहणा, दोदवा, हसनपुर, भांवर, बिलबिलान, चौलका, गिवाना, जसराणा, कटवाल, खेड़ी दहिया, एमपी माजरा, माहरा, मोई हुड्डा, निरथान, पुट्ठी, रभड़ा, रिवाड़ा, रुखी, एसपी माजरा, सेहरी, रिंढाना, शामाबाद, नसीरपुर, मुनीरपुर, लाड़पुर, गढ़ी बाला, जाजल, बिंधरौली, अटेरना, नाथूपुर, पलड़ी, फरमाणा, गोरड़, झरोठ, कुंडल, मौजम नगर, एनपी माजरा, नकलोई, निरथान, रिढ़ाऊ, सिलाना, सरगथल, हरसाना कलां, तिहाड़ खुर्द, टिकौला, गढ़वाल, निजामपुर।
वर्जन
चार ग्राम पंचायतों को पहली बार स्वर्ण पदक दिया जाएगा। इन गांव में तीन साल से एक हजार की आबादी पर शून्य या एक मरीज है। इस बार विभाग ने 87 गांव टीबी मुक्त किए हैं। 11 ऐसे गांव हैं जिनमें लगातार दूसरे वर्ष कोई मरीज नहीं मिला है। राज्य टीबी सेल ने दस्तावेजों की जांच कर टीबी मुक्त गांव घोषित किया है। -डाॅ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन