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Sonipat News: छत पर सजी हरियाली की दुनिया, श्रीजा गौतम ने पौधों से रचा प्रकृति का सुंदर संसार

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 01 Jun 2026 01:34 AM IST
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A world of greenery decorated on the terrace, Shreeja Gautam created a beautiful world of nature with plants
फोटो :: सोनीपत के जटवाड़ा में छत पर उगाए पौधों के बारे में बेटी को अवगत कराते भू वैज्ञानिक पिता
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सोनीपत। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में जहां अधिकांश किशोर और युवा अपना समय डिजिटल दुनिया में बिताते हैं वहीं जटवाड़ा निवासी दसवीं कक्षा की छात्रा श्रीजा गौतम ने प्रकृति से दोस्ती कर अपनी छत को हरियाली और सुगंध से भर दिया है। पौधों के प्रति लगाव और समर्पण के बल पर श्रीजा ने अपनी छत पर ऐसी सुंदर बगिया विकसित की है जो न केवल घर की शोभा बढ़ा रही हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी प्रेरक संदेश दे रही है।


श्रीजा ने बागवानी की शुरुआत एक साल पहले केवल दस गमलों से की थी। धीरे-धीरे यह शौक उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया और आज उनकी छत पर करीब 68 पौधे लहलहा रहे हैं। हरसिंगार, रजनीगंधा, वैजयंती, सदाबहार, पत्थरचट्टा, स्नेक प्लांट, जेड प्लांट समेत अनेक सजावटी और उपयोगी पौधों से उनकी बगिया हमेशा महकती और खिली-खिली रहती है।
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श्रीजा के पिता दीपक गौतम जो पेशे से भू-विज्ञानी हैं समय-समय पर उन्हें पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी देते रहते हैं। श्रीजा का कहना है कि पौधे हमारे सबसे अच्छे मित्र हैं। इनके साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहता है और प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ता है। मेरा सपना है कि अधिक से अधिक लोग पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।
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पौधों की देखभाल स्वयं करती हैं श्रीजा
श्रीजा बताती हैं कि सुबह विद्यालय जाने से पहले और शाम को पढ़ाई के बाद वह पौधों को समय देती हैं। पौधों में पानी देना, खाद डालना, सूखी पत्तियों की सफाई करना और नए पौधे तैयार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को शांति मिलती है और पढ़ाई के तनाव से भी राहत मिलती है। हर नए फूल के खिलने पर उन्हें विशेष खुशी महसूस होती है।



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दूसरों के लिए बन रहीं प्रेरणा का स्रोत

श्रीजा की इस पहल से आसपास के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। पड़ोसी और मित्र उनसे पौधों की देखभाल के तरीके जानने आते हैं। कई लोगों ने उनकी प्रेरणा से अपने घरों और छतों पर पौधे लगाने शुरू किए हैं। श्रीजा का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े प्रयासों की नहीं बल्कि छोटे-छोटे संकल्पों की जरूरत है। यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो शहरों में भी हरियाली का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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