{"_id":"6a1c944c58a47b341e083270","slug":"tricolor-hoisted-in-hong-kong-muskaan-antil-won-gold-medal-in-asian-championship-sonipat-news-c-197-1-snp1001-154791-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: हांगकांग में लहराया तिरंगा, मुस्कान ने एशियाई चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: हांगकांग में लहराया तिरंगा, मुस्कान ने एशियाई चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
फोटो :चाचा रोहित संग मुस्कान आंतिल। फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनीपत। खेल प्रतिभाओं की धरती सोनीपत के गांव खेवड़ा की होनहार धाविका मुस्कान आंतिल ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरते ही स्वर्णिम सफलता हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद गांव खेवड़ा में उत्सव जैसा माहौल है। परिजनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया। किसान और पहलवानी से जुड़े परिवार से निकलकर एशियाई मंच पर तिरंगा लहराने वाली मुस्कान इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
गांव खेवड़ा की होनहार धाविका मुस्कान ने प्रतियोगिता के आरंभ से ही अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और अंतिम क्षणों तक अदम्य आत्मविश्वास और अद्वितीय सहनशक्ति का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। मुस्कान आंतिल का सफर संघर्ष, समर्पण और अथक परिश्रम की प्रेरणादायक कहानी है।
विज्ञापन
साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली मुस्कान के पिता मुकेश आंतिल खेतीबाड़ी से जुड़े हैं जबकि माता कविता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पंख देने में कोई कमी नहीं छोड़ी। वर्तमान में मुस्कान सेक्टर-4 स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में एथलेटिक्स प्रशिक्षक संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
पिता का सपना था कि बच्चे खेलों में देश का नाम रोशन करें। बड़े भाई सुमित आंतिल ने भी एथलेटिक्स में भविष्य बनाने का प्रयास किया। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद घुटने की चोट के कारण उनका सफर आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद परिवार ने मुस्कान के सपनों को अपना लक्ष्य बना लिया और आज उसी का परिणाम पूरे देश के सामने है।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद गांव खेवड़ा में उत्सव जैसा माहौल है। परिजनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया। किसान और पहलवानी से जुड़े परिवार से निकलकर एशियाई मंच पर तिरंगा लहराने वाली मुस्कान इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव खेवड़ा की होनहार धाविका मुस्कान ने प्रतियोगिता के आरंभ से ही अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और अंतिम क्षणों तक अदम्य आत्मविश्वास और अद्वितीय सहनशक्ति का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। मुस्कान आंतिल का सफर संघर्ष, समर्पण और अथक परिश्रम की प्रेरणादायक कहानी है।
Trending Videos
साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली मुस्कान के पिता मुकेश आंतिल खेतीबाड़ी से जुड़े हैं जबकि माता कविता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पंख देने में कोई कमी नहीं छोड़ी। वर्तमान में मुस्कान सेक्टर-4 स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में एथलेटिक्स प्रशिक्षक संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
पिता का सपना था कि बच्चे खेलों में देश का नाम रोशन करें। बड़े भाई सुमित आंतिल ने भी एथलेटिक्स में भविष्य बनाने का प्रयास किया। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद घुटने की चोट के कारण उनका सफर आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद परिवार ने मुस्कान के सपनों को अपना लक्ष्य बना लिया और आज उसी का परिणाम पूरे देश के सामने है।