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Sonipat News: मध्यस्थता योग्य मामलों की 30 सितंबर तक की जाएगी पहचान
Sat, 01 Aug 2026 05:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:59 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। देशभर में मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित व मध्यस्थता योग्य मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सरल एवं कम खर्चीले तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है।
1 अगस्त से 30 सितंबर तक ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी। इनका समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। 1 अक्तूबर से अभियान का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह ने बताया कि अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समझौता योग्य सिविल मामलों को मध्यस्थता के लिए चिह्नित किया जाएगा।
सचिव ने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं या जो न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व विवाद का समाधान चाहते हैं वे जिला न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र या जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
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अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन व संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रदर्शित की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल का लाभ उठा सकें।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या मार्गदर्शन के लिए आमजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 0130-2220057 पर संपर्क कर सकते हैं। न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकार अपने संबंधित न्यायालय के समक्ष आवेदन देकर अपने मामले को मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र भेजे जाने का अनुरोध भी कर सकते हैं।
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सोनीपत। देशभर में मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित व मध्यस्थता योग्य मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सरल एवं कम खर्चीले तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है।
1 अगस्त से 30 सितंबर तक ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी। इनका समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। 1 अक्तूबर से अभियान का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह ने बताया कि अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समझौता योग्य सिविल मामलों को मध्यस्थता के लिए चिह्नित किया जाएगा।
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सचिव ने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं या जो न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व विवाद का समाधान चाहते हैं वे जिला न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र या जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
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अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन व संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रदर्शित की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल का लाभ उठा सकें।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या मार्गदर्शन के लिए आमजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 0130-2220057 पर संपर्क कर सकते हैं। न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकार अपने संबंधित न्यायालय के समक्ष आवेदन देकर अपने मामले को मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र भेजे जाने का अनुरोध भी कर सकते हैं।