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Sonipat News: कच्चे कर्मियों ने मिल में सिर पर गन्ने का गट्ठर रखकर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 11 Apr 2026 07:10 PM IST
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फोटो : सोनीपत चीनी मिल में सिर पर गन्ना उठाकर विरोध करते जिला पार्षद व हटाए गए कर्मी। स्रोत: पा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल में कच्चे कर्मचारियों ने काम से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने सिर पर गन्ने का गट्ठर रखकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जींद और कैथल शुगर मिल बंद होने के बाद वहां से करीब 80 पक्के कर्मचारियों को सोनीपत मिल में लगा दिया गया जबकि ठेकेदार के माध्यम से लगे कच्चे कर्मचारियों को हटा दिया है।
बड़वासनी ने कहा कि ठेकेदार व प्रशासन मिलकर कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को रखा जाता है और बाद में बाहर कर दिया जाता है। इससे कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ठेके पर लगे कर्मचारियों की फरवरी का वेतन तैयार हो चुका है और मार्च के वेतन में चार नामों का मिलान नहीं होने के कारण देरी हुई है। इस अवसर पर संदीप, कुलदीप, राजेश, जोगिंद्र भी मौजूद रहे।
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सोनीपत। कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल में कच्चे कर्मचारियों ने काम से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने सिर पर गन्ने का गट्ठर रखकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जींद और कैथल शुगर मिल बंद होने के बाद वहां से करीब 80 पक्के कर्मचारियों को सोनीपत मिल में लगा दिया गया जबकि ठेकेदार के माध्यम से लगे कच्चे कर्मचारियों को हटा दिया है।
बड़वासनी ने कहा कि ठेकेदार व प्रशासन मिलकर कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को रखा जाता है और बाद में बाहर कर दिया जाता है। इससे कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
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उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ठेके पर लगे कर्मचारियों की फरवरी का वेतन तैयार हो चुका है और मार्च के वेतन में चार नामों का मिलान नहीं होने के कारण देरी हुई है। इस अवसर पर संदीप, कुलदीप, राजेश, जोगिंद्र भी मौजूद रहे।