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Sonipat News: यमुना तट के विकास को मिलेगी रफ्तार, प्रशासनिक गतिविधियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 05 Jun 2026 04:02 AM IST
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सोनीपत। गांव मिमारपुर में प्रस्तावित यमुना घाट विकास परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी और वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल को पत्र भेजा है।
प्रशासन की इस पहल को परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसएमडीए के मुख्य अभियंता (इन्फ्रा-1) की ओर से जारी पत्र में परियोजना से संबंधित अभिलेख, डिजाइन, लागत अनुमान और अब तक हुए कार्यों का विस्तृत विवरण मांगा गया है।
गत 26 मई को तीसरी एजेंडा बैठक में मिमारपुर यमुना घाट विकास परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई थी और इसे आगे बढ़ाने को लेकर आवश्यक अनुमोदन भी दिए गए थे। प्राधिकरण ने विवि से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), वास्तु एवं संरचनात्मक डिजाइन, लेआउट प्लान, साइट प्लान, प्रशासनिक स्वीकृति और तकनीकी अनुमोदन की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है।
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इसके अलावा भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट, व्यवहार्यता अध्ययन, लागत अनुमान, बीओक्यू, टेंडर दस्तावेज, अनुबंध प्रतियां और कार्यादेशों की जानकारी भी मांगी हैं। अब तक किए गए कार्यों की भौतिक प्रगति तथा जारी और व्यय की गई राशि का विवरण भी तलब किया गया है।
वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष फोकस
प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है। पत्र में विश्वविद्यालय अथवा किसी नियुक्त परामर्शदाता को दिए गए परामर्श शुल्क, पेशेवर फीस, मानदेय और अन्य भुगतानों का पूरा विवरण मांगा गया है। साथ ही भुगतान की गई राशि, वर्तमान देयता और बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
समन्वित प्रयासों से खुलेगी विकास की नई राह
डीसीआरयूएसटी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि एसएमडीए की तरफ से मांगी गई सभी जानकारियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र उपलब्ध करा दी जाएंगी ताकि परियोजना की गति प्रभावित न हो। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विकास परियोजनाओं में सरकारी एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। यदि यमुना घाट विकास परियोजना निर्धारित समय सीमा में साकार होती है तो इससे क्षेत्र में धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर भी पैदा होंगे।
प्रशासन की इस पहल को परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसएमडीए के मुख्य अभियंता (इन्फ्रा-1) की ओर से जारी पत्र में परियोजना से संबंधित अभिलेख, डिजाइन, लागत अनुमान और अब तक हुए कार्यों का विस्तृत विवरण मांगा गया है।
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गत 26 मई को तीसरी एजेंडा बैठक में मिमारपुर यमुना घाट विकास परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई थी और इसे आगे बढ़ाने को लेकर आवश्यक अनुमोदन भी दिए गए थे। प्राधिकरण ने विवि से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), वास्तु एवं संरचनात्मक डिजाइन, लेआउट प्लान, साइट प्लान, प्रशासनिक स्वीकृति और तकनीकी अनुमोदन की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है।
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इसके अलावा भू-तकनीकी जांच रिपोर्ट, व्यवहार्यता अध्ययन, लागत अनुमान, बीओक्यू, टेंडर दस्तावेज, अनुबंध प्रतियां और कार्यादेशों की जानकारी भी मांगी हैं। अब तक किए गए कार्यों की भौतिक प्रगति तथा जारी और व्यय की गई राशि का विवरण भी तलब किया गया है।
वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष फोकस
प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है। पत्र में विश्वविद्यालय अथवा किसी नियुक्त परामर्शदाता को दिए गए परामर्श शुल्क, पेशेवर फीस, मानदेय और अन्य भुगतानों का पूरा विवरण मांगा गया है। साथ ही भुगतान की गई राशि, वर्तमान देयता और बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
समन्वित प्रयासों से खुलेगी विकास की नई राह
डीसीआरयूएसटी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि एसएमडीए की तरफ से मांगी गई सभी जानकारियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र उपलब्ध करा दी जाएंगी ताकि परियोजना की गति प्रभावित न हो। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विकास परियोजनाओं में सरकारी एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। यदि यमुना घाट विकास परियोजना निर्धारित समय सीमा में साकार होती है तो इससे क्षेत्र में धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर भी पैदा होंगे।