{"_id":"69cabab049d4baeaf5062f55","slug":"doctor-goes-to-celebrate-new-year-after-performing-surgery-patient-slips-into-coma-after-condition-deteriorates-dc-to-conduct-inquiry-sonipat-news-c-197-1-snp1015-151673-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: ऑपरेशन कर न्यू ईयर मनाने गए डॉक्टर, तबीयत बिगड़ने से कोमा में गई महिला, डीसी जांच करेंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: ऑपरेशन कर न्यू ईयर मनाने गए डॉक्टर, तबीयत बिगड़ने से कोमा में गई महिला, डीसी जांच करेंगी
विज्ञापन
कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में शिकायत सुनते राज्य मंत्री गौरव गौतम। स्रोत : प्रशासन
विज्ञापन
सोनीपत। कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक सोमवार को लघु सचिवालय में युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता राज्यमंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान नेस्ट अस्पताल की लापरवाही संबंधी एक शिकायत पर मंत्री ने उपायुक्त को स्वयं इसकी जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता गढ़ी ब्रह्मणान निवासी गौरव ने मंत्री को बताया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण आज उनकी पत्नी कोमा में है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के लिए उन्होंने अपनी पत्नी कोमल को शहर के नेस्ट हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। 1 जनवरी, 2023 को उसने बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए बाहर चले गए। 3 जनवरी, 2023 को उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उसे दस्त व अन्य परेशानियां शुरू हो गईं। अस्पताल में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण नर्स ने फोन पर बात कर दवाई देने लगी।
5 जनवरी को कोमल की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा गया। उन्होंने फोर्टिस अस्पताल में उसे दाखिल कराया तो डॉक्टरों ने मल्टी ऑर्गेन फेल्योर की बात बताकर डायलिसिस करने की बात कही।
जब डॉक्टरों ने उसका डायलिसिस शुरू किया तो कोमल कोमा में चली गई और आज तक कोमा में है। शिकायत पर राज्यमंत्री ने उपायुक्त नेहा सिंह को निर्देश दिए कि वे स्वयं इसकी जांच करें। जांच के दौरान संबंधित निजी अस्पताल की कोई कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
इसके अलावा पैतृक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित गांव खेवड़ा निवासी मुकेश ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि गांव में उनकी पैत्रिक संपत्ति है। उस पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते है। जब वे गांव जाते हैं तो उन्हें धमकी दी जाती है। इसको लेकर एफआईआर भी दर्ज है लेकिन आरोपी बाज नहीं आ रहे हैं।
राज्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित लोगों को बुलाकर उन्हें समझा दें कि वे मुकेश को उसकी संपत्ति पर जाने से न रोकें वरना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव कुराड़ निवासी दर्शना देवी की स्कूल की तरफ से गबन करने की शिकायत दी।
सुनवाई करते हुए राज्यमंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए और कहा कि यह कमेटी अगली बैठक तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
इसके बाद उन्होंने गांव रोहट में शामलात भूमि से कब्जे हटवाने के लिए मिली शिकायत पर एसडीएम सोनीपत को जांच करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ. मंजू बल्हारा की एक निजी कंपनी के खिलाफ दी गई शिकायत पर उन्होंने फूड सेफ्टी अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित महिला और कंपनी के बीच हुए एमओयू की जांच कर संबंधित खाद्य वस्तुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने बैठक में आई 17 शिकायतों में से 11 का समाधान किया। इस मौके पर विधायक निखिल मदान, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह, नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम सुभाष चंद्र, जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सोनीपत अशोक भारद्वाज, सहित सभी एसीपी व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
Trending Videos
शिकायतकर्ता गढ़ी ब्रह्मणान निवासी गौरव ने मंत्री को बताया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण आज उनकी पत्नी कोमा में है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के लिए उन्होंने अपनी पत्नी कोमल को शहर के नेस्ट हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। 1 जनवरी, 2023 को उसने बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए बाहर चले गए। 3 जनवरी, 2023 को उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उसे दस्त व अन्य परेशानियां शुरू हो गईं। अस्पताल में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण नर्स ने फोन पर बात कर दवाई देने लगी।
5 जनवरी को कोमल की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा गया। उन्होंने फोर्टिस अस्पताल में उसे दाखिल कराया तो डॉक्टरों ने मल्टी ऑर्गेन फेल्योर की बात बताकर डायलिसिस करने की बात कही।
जब डॉक्टरों ने उसका डायलिसिस शुरू किया तो कोमल कोमा में चली गई और आज तक कोमा में है। शिकायत पर राज्यमंत्री ने उपायुक्त नेहा सिंह को निर्देश दिए कि वे स्वयं इसकी जांच करें। जांच के दौरान संबंधित निजी अस्पताल की कोई कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
इसके अलावा पैतृक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित गांव खेवड़ा निवासी मुकेश ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि गांव में उनकी पैत्रिक संपत्ति है। उस पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते है। जब वे गांव जाते हैं तो उन्हें धमकी दी जाती है। इसको लेकर एफआईआर भी दर्ज है लेकिन आरोपी बाज नहीं आ रहे हैं।
राज्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित लोगों को बुलाकर उन्हें समझा दें कि वे मुकेश को उसकी संपत्ति पर जाने से न रोकें वरना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव कुराड़ निवासी दर्शना देवी की स्कूल की तरफ से गबन करने की शिकायत दी।
सुनवाई करते हुए राज्यमंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए और कहा कि यह कमेटी अगली बैठक तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
इसके बाद उन्होंने गांव रोहट में शामलात भूमि से कब्जे हटवाने के लिए मिली शिकायत पर एसडीएम सोनीपत को जांच करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ. मंजू बल्हारा की एक निजी कंपनी के खिलाफ दी गई शिकायत पर उन्होंने फूड सेफ्टी अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित महिला और कंपनी के बीच हुए एमओयू की जांच कर संबंधित खाद्य वस्तुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने बैठक में आई 17 शिकायतों में से 11 का समाधान किया। इस मौके पर विधायक निखिल मदान, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह, नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम सुभाष चंद्र, जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सोनीपत अशोक भारद्वाज, सहित सभी एसीपी व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।