{"_id":"6a21ddfb0ed6107d32004586","slug":"dtp-team-arrives-to-demolish-construction-in-np-chairpersons-field-market-closed-in-protest-sonipat-news-c-197-1-snp1014-154991-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: नप चेयरपर्सन के खेत में निर्माण गिराने पहुंची डीटीपी टीम, विरोध में बाजार बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: नप चेयरपर्सन के खेत में निर्माण गिराने पहुंची डीटीपी टीम, विरोध में बाजार बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
गोहाना में अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहुंचा बुलडोजर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोहाना। अवैध कॉलोनी में निर्माण हटाने पहुंची जिला नगर योजनाकार विभाग (डीटीपी) की टीम और भारी पुलिस बल की कार्रवाई ने राजनीतिक रंग ले लिया। खंदराई गांव के खेतों में हुई इस कार्रवाई के विरोध में नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी और उनके पति इंद्रजीत विरमानी खुलकर सामने आ गए।
इसके बाद मामला प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक टकराव का विषय बन गया। विरोध के चलते गोहाना का मुख्य बाजार भी बंद रहा। लोगों ने रोष जताया।
वीरवार को डीटीपी की महिला अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल के साथ गोहाना प्रशासन श्रीरामशरणम् आश्रम के पीछे खंदराई गांव के खेतों में पहुंचीं। यहां इंद्रजीत विरमानी की लगभग पांच-छह एकड़ कृषि भूमि के बीच मकान निर्माणाधीन है।
निर्माणाधीन मकान के सामने तीन से चार एकड़ क्षेत्र में कंक्रीट के पिलरों और ब्लॉकों से चहारदीवारी की गई है। कुछ प्लॉटों की नींव भी भरी गई है। विभाग ने इसे अवैध निर्माण मानते हुए जेसीबी की मदद से चहारदीवारी तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
विज्ञापन
विरमानी परिवार का कहना है कि यह पूरी जमीन कृषि भूमि है। किसान अपनी खेती की जमीन में रहने के लिए मकान तथा पशुओं के लिए शेड या बाड़े बना सकते हैं। उनका आरोप है कि जिस दीवार को गिराया गया उस पर सेशन कोर्ट की स्टे भी लागू थी।
सूचना मिलने पर इंद्रजीत विरमानी, गुलशन विरमानी और शहर के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई संबंधी नोटिस व कानूनी दस्तावेज दिखाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को राजनीतिक रूप से डराने का प्रयास किया जा रहा है।
विरमानी ने कहा कि यदि उनका निर्माण अवैध है तो प्रशासन खुलकर इसकी घोषणा करे लेकिन लोगों को परेशान करना और बिना पर्याप्त दस्तावेजों के भारी पुलिस बल के साथ पहुंचना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि डीटीपी विभाग वास्तव में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रहा है तो जींद रोड पर बने अन्य विवादित निर्माणों और दर्जनों दुकानों पर भी समान कार्रवाई करे। विरमानी के अनुसार कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।
मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक, व्यापारी और शहर के अन्य लोग पहुंच गए। बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासनिक टीम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल वहां से वापस लौट गए। इसके बाद शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
घटना के बाद व्यापारियों और कई सामाजिक संगठनों ने बाजार बंद करने का आह्वान किया। इसका असर पूरे शहर में दिखाई दिया और मुख्य बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की।
कुछ समय से प्रदेश के सहकारिता मंत्री और नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चा लगातार चल रही है। ऐसे में इस कार्रवाई को भी उसी राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक राजनीतिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
विरमानी परिवार का कहना है कि यदि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव या प्रतिशोध की भावना से की गई है तो संबंधित लोग खुलकर सामने आएं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने गोहाना की राजनीति को गरमा दिया है और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बहस छिड़ गई है।
वर्जन
टीम गोहाना में दो स्थानों पर अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई के लिए गई थी। अवैध निर्माण को लेकर पहले नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जो लोग नोटिस जारी नहीं करने की बात कर रहे हैं उनके आरोप निराधार हैं। विरोध और कानून व्यवस्था को देखते हुए कार्रवाई बीच में रोक दी गई। -अजमेर सिंह, डीटीपी
वर्जन
यह नगर योजनाकार विभाग की नियमित कार्रवाई थी जोकि प्रदेश में निरंतर चल रही है। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। न ही मेरा इससे कोई वास्ता है। अधिक जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारी ही दे पाएंगे। -डॉ. अरविंद शर्मा, कैबिनेट मंत्री।
इसके बाद मामला प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक टकराव का विषय बन गया। विरोध के चलते गोहाना का मुख्य बाजार भी बंद रहा। लोगों ने रोष जताया।
वीरवार को डीटीपी की महिला अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल के साथ गोहाना प्रशासन श्रीरामशरणम् आश्रम के पीछे खंदराई गांव के खेतों में पहुंचीं। यहां इंद्रजीत विरमानी की लगभग पांच-छह एकड़ कृषि भूमि के बीच मकान निर्माणाधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निर्माणाधीन मकान के सामने तीन से चार एकड़ क्षेत्र में कंक्रीट के पिलरों और ब्लॉकों से चहारदीवारी की गई है। कुछ प्लॉटों की नींव भी भरी गई है। विभाग ने इसे अवैध निर्माण मानते हुए जेसीबी की मदद से चहारदीवारी तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
Trending Videos
विरमानी परिवार का कहना है कि यह पूरी जमीन कृषि भूमि है। किसान अपनी खेती की जमीन में रहने के लिए मकान तथा पशुओं के लिए शेड या बाड़े बना सकते हैं। उनका आरोप है कि जिस दीवार को गिराया गया उस पर सेशन कोर्ट की स्टे भी लागू थी।
सूचना मिलने पर इंद्रजीत विरमानी, गुलशन विरमानी और शहर के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई संबंधी नोटिस व कानूनी दस्तावेज दिखाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को राजनीतिक रूप से डराने का प्रयास किया जा रहा है।
विरमानी ने कहा कि यदि उनका निर्माण अवैध है तो प्रशासन खुलकर इसकी घोषणा करे लेकिन लोगों को परेशान करना और बिना पर्याप्त दस्तावेजों के भारी पुलिस बल के साथ पहुंचना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि डीटीपी विभाग वास्तव में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रहा है तो जींद रोड पर बने अन्य विवादित निर्माणों और दर्जनों दुकानों पर भी समान कार्रवाई करे। विरमानी के अनुसार कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।
मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक, व्यापारी और शहर के अन्य लोग पहुंच गए। बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासनिक टीम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल वहां से वापस लौट गए। इसके बाद शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
घटना के बाद व्यापारियों और कई सामाजिक संगठनों ने बाजार बंद करने का आह्वान किया। इसका असर पूरे शहर में दिखाई दिया और मुख्य बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की।
कुछ समय से प्रदेश के सहकारिता मंत्री और नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चा लगातार चल रही है। ऐसे में इस कार्रवाई को भी उसी राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक राजनीतिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
विरमानी परिवार का कहना है कि यदि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव या प्रतिशोध की भावना से की गई है तो संबंधित लोग खुलकर सामने आएं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने गोहाना की राजनीति को गरमा दिया है और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बहस छिड़ गई है।
वर्जन
टीम गोहाना में दो स्थानों पर अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई के लिए गई थी। अवैध निर्माण को लेकर पहले नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जो लोग नोटिस जारी नहीं करने की बात कर रहे हैं उनके आरोप निराधार हैं। विरोध और कानून व्यवस्था को देखते हुए कार्रवाई बीच में रोक दी गई। -अजमेर सिंह, डीटीपी
वर्जन
यह नगर योजनाकार विभाग की नियमित कार्रवाई थी जोकि प्रदेश में निरंतर चल रही है। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। न ही मेरा इससे कोई वास्ता है। अधिक जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारी ही दे पाएंगे। -डॉ. अरविंद शर्मा, कैबिनेट मंत्री।

गोहाना में अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहुंचा बुलडोजर। संवाद