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Sonipat News: सहारनपुर में भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 25 Jun 2026 05:00 AM IST
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फोटो : उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में भ्रूण लिंग जांच मामले में पकड़े गए आरोपियों के साथ सोनीपत स्
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने सहारनपुर के नर्सिंग होम में छापा डालकर भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान हंगामा भी हुआ तो टीम ने खुद को कमरे में बंद कर प्रदर्शनकारियों से बचाया।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत दी।स्वास्थ्य विभाग को सूचना थी कि पानीपत निवासी यामिन खान नामक दलाल भ्रूण लिंग जांच कराने का नेटवर्क संचालित कर रहा है। इस पर सिविल सर्जन डाॅ. अनुराधा जैन ने नोडल अधिकारी डाॅ. योगेश दहिया के नेतृत्व में टीम गठित की।
टीम ने एक डमी ग्राहक के माध्यम से जाल बिछाया। आरोप है कि यामिन खान ने जांच कराने के लिए 30 हजार रुपये ऑनलाइन और 20 से 25 हजार रुपये नकद मांगे। योजना के तहत 22 जून को 30 हजार रुपये उनके खाते में भेजे गए। 23 जून की सुबह गर्भवती और एक महिला सहायक को पानीपत बस स्टैंड भेजा गया।
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यामिन खान 22 हजार रुपये नकद लेकर उन्हें सहारनपुर के नागल स्थित रेलवे रोड पर ले गया। वहां सलेलता नामक महिला और अंकित नामक व्यक्ति ने महिला को सोमवाल नर्सिंग होम पहुंचाया। आरोप है कि नर्सिंग होम संचालक डाॅ. अर्चना सोमवाल ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की और महिला को सामने स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भेज दिया।
इसके बाद सोनीपत टीम ने सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में नर्सिंग होम में छापा डाला। वहां पर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली जबकि उसके दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके और एक अन्य अल्ट्रासाउंड मशीन पहले से सील मिली।
कार्रवाई के दौरान सलेलता से 10 हजार रुपये और यामिन खान से 11,500 रुपये बरामद किए गए। टीम का आरोप है कि छापे की सूचना मिलने पर आसपास के कई अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो गए। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नर्सिंग होम में पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
टीम के अनुसार भीड़ ने मशीन और पकड़े गए आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश की। आरोप है कि लोगों ने सरकारी वाहनों की चाबियां भी छीन लीं और अधिकारियों को धमकियां दीं। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच मशीन और दो आरोपितों को थाने ले जाया गया। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस करीब डेढ़ से दो घंटे बाद मौके पर पहुंची।
मशीन व नकदी सील किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद टीम जिला अधिकारी से मिलने उनके आवास पर भी पहुंची लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। देर रात टीम को वापस सोनीपत लौटना पड़ा।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत दी।स्वास्थ्य विभाग को सूचना थी कि पानीपत निवासी यामिन खान नामक दलाल भ्रूण लिंग जांच कराने का नेटवर्क संचालित कर रहा है। इस पर सिविल सर्जन डाॅ. अनुराधा जैन ने नोडल अधिकारी डाॅ. योगेश दहिया के नेतृत्व में टीम गठित की।
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टीम ने एक डमी ग्राहक के माध्यम से जाल बिछाया। आरोप है कि यामिन खान ने जांच कराने के लिए 30 हजार रुपये ऑनलाइन और 20 से 25 हजार रुपये नकद मांगे। योजना के तहत 22 जून को 30 हजार रुपये उनके खाते में भेजे गए। 23 जून की सुबह गर्भवती और एक महिला सहायक को पानीपत बस स्टैंड भेजा गया।
यामिन खान 22 हजार रुपये नकद लेकर उन्हें सहारनपुर के नागल स्थित रेलवे रोड पर ले गया। वहां सलेलता नामक महिला और अंकित नामक व्यक्ति ने महिला को सोमवाल नर्सिंग होम पहुंचाया। आरोप है कि नर्सिंग होम संचालक डाॅ. अर्चना सोमवाल ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की और महिला को सामने स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भेज दिया।
इसके बाद सोनीपत टीम ने सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में नर्सिंग होम में छापा डाला। वहां पर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली जबकि उसके दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके और एक अन्य अल्ट्रासाउंड मशीन पहले से सील मिली।
कार्रवाई के दौरान सलेलता से 10 हजार रुपये और यामिन खान से 11,500 रुपये बरामद किए गए। टीम का आरोप है कि छापे की सूचना मिलने पर आसपास के कई अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो गए। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नर्सिंग होम में पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
टीम के अनुसार भीड़ ने मशीन और पकड़े गए आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश की। आरोप है कि लोगों ने सरकारी वाहनों की चाबियां भी छीन लीं और अधिकारियों को धमकियां दीं। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच मशीन और दो आरोपितों को थाने ले जाया गया। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस करीब डेढ़ से दो घंटे बाद मौके पर पहुंची।
मशीन व नकदी सील किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद टीम जिला अधिकारी से मिलने उनके आवास पर भी पहुंची लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। देर रात टीम को वापस सोनीपत लौटना पड़ा।