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Sonipat News: सावित्री बाई फुले के नाम से जाना जाएगा राजकीय कन्या कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:18 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। रोहतक रोड स्थित राजकीय कन्या कॉलेज के नामकरण को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। वीरवार को जारी ताजा आदेश में कॉलेज का नाम पुनः सावित्री बाई फुले राजकीय कन्या काॅलेज, खरखौदा कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी बीते माह काॅलेज का नाम सावित्री बाई फुले के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया था लेकिन बाद में एक पत्र जारी कर इस पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते छात्राओं, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
अब एक बार फिर से विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश जारी कर नाम बहाल कर दिया गया है। नए आदेश के बाद अब लोगों में कई दिन से बनी असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। नामकरण को लेकर शहर की कई संस्थाओं की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी।
लोगों की ओर से इस फैसले को शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में सावित्री बाई फुले के योगदान को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं।
उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। ऐसे में उनके नाम पर कालेज का नाम होना छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
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खरखौदा। रोहतक रोड स्थित राजकीय कन्या कॉलेज के नामकरण को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। वीरवार को जारी ताजा आदेश में कॉलेज का नाम पुनः सावित्री बाई फुले राजकीय कन्या काॅलेज, खरखौदा कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी बीते माह काॅलेज का नाम सावित्री बाई फुले के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया था लेकिन बाद में एक पत्र जारी कर इस पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते छात्राओं, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
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अब एक बार फिर से विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश जारी कर नाम बहाल कर दिया गया है। नए आदेश के बाद अब लोगों में कई दिन से बनी असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। नामकरण को लेकर शहर की कई संस्थाओं की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी।
लोगों की ओर से इस फैसले को शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में सावित्री बाई फुले के योगदान को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं।
उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। ऐसे में उनके नाम पर कालेज का नाम होना छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहेगा।