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Sonipat News: राजस्व वसूली में कुंडली पालिका पिछड़ी, बिजली निगम पर 30 करोड़ बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 03 Apr 2026 02:18 AM IST
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सोनीपत। कुंडली नगर पालिका की राजस्व वसूली पर उत्तर हरियाणा विद्युत वितरण निगम (बिजली निगम) की लंबित देनदारी भारी पड़ रही है। वित्तवर्ष 2025-26 में पालिका निर्धारित लक्ष्यों के करीब पहुंचने के बावजूद बकाया वसूली के अभाव में लक्ष्य से पीछे रह गई। निगम पर करीब 30 करोड़ रुपये का एमसी टैक्स बकाया है।
नगर पालिका के सचिव पवित्र गुलिया ने बताया कि विभिन्न मदों में वसूली के लक्ष्य का लगभग 85 फीसदी हासिल किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स में करीब सवा दो करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले लगभग एक करोड़ 95 लाख रुपये की वसूली हुई। इसके अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी से 5 करोड़ 60 लाख, डेवलपमेंट चार्जेज से 2 करोड़ 40 लाख, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) शुल्क से लगभग 47 लाख तथा विज्ञापन शुल्क से करीब 48 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
इसके अलावा बैंक में जमा राशियों से करीब 64 लाख रुपये और अन्य स्रोतों से लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये की आमदनी दर्ज की गई। सरकारी अनुदान के रूप में पालिका को लगभग 16 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इस प्रकार कुल मिलाकर नगर पालिका की वार्षिक आय करीब 30 करोड़ रुपये रही।
इंसेट
बिजली निगम बना मुख्य अड़चन
पालिका अधिकारी का कहना है कि उत्तर हरियाणा विद्युत वितरण निगम द्वारा पालिका गठन के बाद से अब तक एमसी टैक्स का कोई भुगतान नहीं किया गया है। इस मद में करीब 30 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित है। यही कारण है कि पालिका राजस्व वसूली के लक्ष्यों को पूर्ण रूप से हासिल नहीं कर पा रही।
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नगर पालिका के सचिव पवित्र गुलिया ने बताया कि विभिन्न मदों में वसूली के लक्ष्य का लगभग 85 फीसदी हासिल किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स में करीब सवा दो करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले लगभग एक करोड़ 95 लाख रुपये की वसूली हुई। इसके अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी से 5 करोड़ 60 लाख, डेवलपमेंट चार्जेज से 2 करोड़ 40 लाख, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) शुल्क से लगभग 47 लाख तथा विज्ञापन शुल्क से करीब 48 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
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इसके अलावा बैंक में जमा राशियों से करीब 64 लाख रुपये और अन्य स्रोतों से लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये की आमदनी दर्ज की गई। सरकारी अनुदान के रूप में पालिका को लगभग 16 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इस प्रकार कुल मिलाकर नगर पालिका की वार्षिक आय करीब 30 करोड़ रुपये रही।
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बिजली निगम बना मुख्य अड़चन
पालिका अधिकारी का कहना है कि उत्तर हरियाणा विद्युत वितरण निगम द्वारा पालिका गठन के बाद से अब तक एमसी टैक्स का कोई भुगतान नहीं किया गया है। इस मद में करीब 30 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित है। यही कारण है कि पालिका राजस्व वसूली के लक्ष्यों को पूर्ण रूप से हासिल नहीं कर पा रही।