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भगवान महावीर करुणा और अहिंसा के अद्वितीय गाथा : डांगी
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 31 Mar 2026 06:33 PM IST
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गोहाना के महावीर चौक पर भगवान महावीर स्वामी की जयंती मनाते हुए। स्रोत : संस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। पुराना बस स्टैंड स्थित महावीर चौक पर भगवान महावीर स्वामी की जयंती मनाई गई। इस मौके पर मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह डांगी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा और अहिंसा की अद्वितीय गाथा है।
उन्होंने कहा कि महावीर जयंती केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आत्ममंथन और सामाजिक पुनर्निर्माण का अवसर भी है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति और समाज व देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के निदेशक डॉक्टर सुरेश सेतिया ने करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने 30 वर्ष की आयु में राज वैभव छोड़कर संसार से विरक्ति ले ली थी। 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। उन्होंने अपरिग्रह, सत्य, अहिंसा, त्याग और ब्रह्मचर्य से समाज को नई दिशा दी।
इस अवसर पर समाजसेवी हरभगवान चोपड़ा, रमेश मेहता, सुभाष शर्मा, कश्मीरी लाल बावा, श्रीभगवान कलसन, जयभगवान गहलावत, अमन कुमार और अवतार सिंह मौजूद रहे।
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गोहाना। पुराना बस स्टैंड स्थित महावीर चौक पर भगवान महावीर स्वामी की जयंती मनाई गई। इस मौके पर मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह डांगी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा और अहिंसा की अद्वितीय गाथा है।
उन्होंने कहा कि महावीर जयंती केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आत्ममंथन और सामाजिक पुनर्निर्माण का अवसर भी है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति और समाज व देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के निदेशक डॉक्टर सुरेश सेतिया ने करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने 30 वर्ष की आयु में राज वैभव छोड़कर संसार से विरक्ति ले ली थी। 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। उन्होंने अपरिग्रह, सत्य, अहिंसा, त्याग और ब्रह्मचर्य से समाज को नई दिशा दी।
इस अवसर पर समाजसेवी हरभगवान चोपड़ा, रमेश मेहता, सुभाष शर्मा, कश्मीरी लाल बावा, श्रीभगवान कलसन, जयभगवान गहलावत, अमन कुमार और अवतार सिंह मौजूद रहे।