{"_id":"6994ce9be3de922b6d009123","slug":"mla-raises-questions-over-budgetary-non-spending-demands-vigilance-inquiry-sonipat-news-c-195-1-nnl1001-131846-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: विधायक ने बजट होने पर खर्च न करने पर उठाए सवाल, विजिलेंस जांच की रखी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: विधायक ने बजट होने पर खर्च न करने पर उठाए सवाल, विजिलेंस जांच की रखी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
17jjrp15- नगर परिषद की बजट बैठक में जिला नगर आयुक्त न हाेने पर एसीएस से फोन पर बात करती विधायक
विज्ञापन
झज्जर। बजट बैठक में विधायक गीता भुक्कल ने चेयरमैन जिले सिंह सैनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की सफाई का करोड़ों का बजट है उसके बावजूद व्यवस्थाएं खराब है। क्या वाहनों में जीपीएस लगा है। काम नहीं होता तो इन पर जुर्माना क्यों नहीं लगाते। आप इनको बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए।
इस पर चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने कहा कि वह किसी को बचाने का प्रयास नहीं कर रहे। हर वार्ड में विकास हो रहे हैं। एक मार्च से नया टेंडर शुरू हो जाएगा और उसके बाद व्यवस्था और सुधरेंगी। यह सवाल जवाब हुए मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को हुई बजट बैठक में।
यहां 42 करोड़ 64 लाख 35 हजार रुपये का 2026-27 का प्रस्तावित बजट पास किया गया। इसके अलावा 42 करोड़ 14 लाख 16 हजार रुपये 2026-27 में प्रस्तावित खर्च के रूप में पास किया गया। बैठक में झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने जिला नगर आयुक्त के न होने पर आपत्ति भी जताई।
अधिकारियों ने बताया कि उनकी एसीएस के साथ बैठक है, इसलिए वह चले गए। इस पर विधायक ने चेयरमैन से कहा कि जब आपके पास डीडीओ पावर नहीं है तो डीएमसी को होना चाहिए।
उन्होंने इस मामले में एसीएस से फोन पर बात की और जिला नगर आयुक्त को बैठक से जल्द फ्री करने की मांग की। इसके कुछ देर बाद जिला नगर आयुक्त बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे।
विधानसभा सत्र के बाद डपिंग साइट व शौचालयों की विजिट के लिए कहा
विधायक ने कहा कि विधानसभा सत्र के बाद उन्हें डपिंग साइट, शौचालयों की विजिट करवाएं और वहां की व्यवस्था दिखाएं। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से विजिलेंस जांच करवाने को कहा।
विधायक ने बजट पन्नों की समीक्षा करते हुए पाया कि पिछले साल के बजट में रोड व गलियों की मरम्मत के नाम पर एक करोड़ 20 लाख की राशि रखी गई थी जबकि खर्च केवल 21 लाख 12 हजार 74 रुपये हुआ है।
एक करोड़ रुपये अब भी बचा हुआ है और 70 लाख अगले वर्ष के लिए मांगा गया है। ऐसा क्यों किया गया। इसका जवाब भी अधिकारी नहीं दे पाए। इस पर जिला नगर आयुक्त जगनिवास ने कहा कि इसका वेतन रोक देते हैं इस पर विधायक ने ऐसा नहीं करने को कहा और एसीआर में दर्ज करने की बात कही।
पार्षद-चेयरमैन में हुई जमकर बहस
बैठक में पार्षद टेकचंद और चेयरमैन जिले सिंह सैनी के बीच स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर जमकर बहस भी हुई। दूसरे पार्षदों ने दोनों को शांत करवाया। पार्षद टेकचंद ने कहा कि स्ट्रीट लाइट के लिए पहले लाइट इंस्पेक्टर और उसके बाद चेयरमैन को लिखकर देना पड़ता है। अपना नाम सुनकर चेयरमैन भड़क गए और दोनों में बहस हो गई।
अधिकारी नहीं बता सके वकीलों के पैनल का नाम
बैठक के दौरान खाली प्लाॅट पर विधायक ने सवाल उठाया तो बताया गया कि यह प्राइवेट प्रॉपर्टी है और उनका केस चल रहा है। इस पर विधायक ने कहा कि हमारे वकील कितने हैं और कितनी पेमेंट की जा रही है। विधायक ने वकीलों के नाम पूछे तो अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। बाद में कर्मचारी को भेजकर पैनल की लिस्ट मंगवाई गई।
विधायक बोलीं, घर से लेकर आऊंगी माइक
बैठक में मेज पर माइक न होने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई और कहा कि अगली बार बैठक में वह अपने घर से माइक लेकर आएंगी। पिछली बैठक में भी माइक लगवाने के लिए कहा गया था, लेकिन नहीं लगे। इस पर जिला नगर आयुक्त जग निवास ने एक माह में माइक लगवाने के निर्देश दिए।
फोन न उठाने पर भड़की महिला पार्षद
बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब महिला पार्षद भागवंती ने एडीसी के फोन न उठाने पर भड़क गईं। पार्षद भागवंती ने एडीसी जगनिवास से कहा कि जनता उनके वार्ड की समस्याओं को लेकर सीधे सवाल करती है और जवाब देना पार्षद की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि जब जिला उपायुक्त (डीसी) पार्षदों के फोन उठाते हैं तो एडीसी को फोन उठाने में क्या परेशानी है। पार्षद अपने वार्ड में एक मानसिक रूप से असामान्य बंदर को पकड़ने की कार्रवाई न होने से नाराज थीं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
बजट में किया गया प्रस्तावित
हाउस टैक्स-55000000
फायर टैक्स-1500000
बिजली पर म्युनिसिपल टैक्स-10000000
स्टांप ड्यूटी-60000000
लेबर सेस-9000000
विकास शुल्क-62500000
यूजर चार्ज-2000000
विज्ञापन अनुमति फीस-25 लाख
यह होंगे प्रस्तावित खर्चे
एस्टेबलिशमेंट खर्चे-109451000
प्रशासिनक खर्चे-1384000
सफाई व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-73125000
ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस-31700000
अन्य खर्च-7100000
विकास कार्यों पर खर्च-158500000
Trending Videos
इस पर चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने कहा कि वह किसी को बचाने का प्रयास नहीं कर रहे। हर वार्ड में विकास हो रहे हैं। एक मार्च से नया टेंडर शुरू हो जाएगा और उसके बाद व्यवस्था और सुधरेंगी। यह सवाल जवाब हुए मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को हुई बजट बैठक में।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां 42 करोड़ 64 लाख 35 हजार रुपये का 2026-27 का प्रस्तावित बजट पास किया गया। इसके अलावा 42 करोड़ 14 लाख 16 हजार रुपये 2026-27 में प्रस्तावित खर्च के रूप में पास किया गया। बैठक में झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने जिला नगर आयुक्त के न होने पर आपत्ति भी जताई।
अधिकारियों ने बताया कि उनकी एसीएस के साथ बैठक है, इसलिए वह चले गए। इस पर विधायक ने चेयरमैन से कहा कि जब आपके पास डीडीओ पावर नहीं है तो डीएमसी को होना चाहिए।
उन्होंने इस मामले में एसीएस से फोन पर बात की और जिला नगर आयुक्त को बैठक से जल्द फ्री करने की मांग की। इसके कुछ देर बाद जिला नगर आयुक्त बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे।
विधानसभा सत्र के बाद डपिंग साइट व शौचालयों की विजिट के लिए कहा
विधायक ने कहा कि विधानसभा सत्र के बाद उन्हें डपिंग साइट, शौचालयों की विजिट करवाएं और वहां की व्यवस्था दिखाएं। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से विजिलेंस जांच करवाने को कहा।
विधायक ने बजट पन्नों की समीक्षा करते हुए पाया कि पिछले साल के बजट में रोड व गलियों की मरम्मत के नाम पर एक करोड़ 20 लाख की राशि रखी गई थी जबकि खर्च केवल 21 लाख 12 हजार 74 रुपये हुआ है।
एक करोड़ रुपये अब भी बचा हुआ है और 70 लाख अगले वर्ष के लिए मांगा गया है। ऐसा क्यों किया गया। इसका जवाब भी अधिकारी नहीं दे पाए। इस पर जिला नगर आयुक्त जगनिवास ने कहा कि इसका वेतन रोक देते हैं इस पर विधायक ने ऐसा नहीं करने को कहा और एसीआर में दर्ज करने की बात कही।
पार्षद-चेयरमैन में हुई जमकर बहस
बैठक में पार्षद टेकचंद और चेयरमैन जिले सिंह सैनी के बीच स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर जमकर बहस भी हुई। दूसरे पार्षदों ने दोनों को शांत करवाया। पार्षद टेकचंद ने कहा कि स्ट्रीट लाइट के लिए पहले लाइट इंस्पेक्टर और उसके बाद चेयरमैन को लिखकर देना पड़ता है। अपना नाम सुनकर चेयरमैन भड़क गए और दोनों में बहस हो गई।
अधिकारी नहीं बता सके वकीलों के पैनल का नाम
बैठक के दौरान खाली प्लाॅट पर विधायक ने सवाल उठाया तो बताया गया कि यह प्राइवेट प्रॉपर्टी है और उनका केस चल रहा है। इस पर विधायक ने कहा कि हमारे वकील कितने हैं और कितनी पेमेंट की जा रही है। विधायक ने वकीलों के नाम पूछे तो अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। बाद में कर्मचारी को भेजकर पैनल की लिस्ट मंगवाई गई।
विधायक बोलीं, घर से लेकर आऊंगी माइक
बैठक में मेज पर माइक न होने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई और कहा कि अगली बार बैठक में वह अपने घर से माइक लेकर आएंगी। पिछली बैठक में भी माइक लगवाने के लिए कहा गया था, लेकिन नहीं लगे। इस पर जिला नगर आयुक्त जग निवास ने एक माह में माइक लगवाने के निर्देश दिए।
फोन न उठाने पर भड़की महिला पार्षद
बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब महिला पार्षद भागवंती ने एडीसी के फोन न उठाने पर भड़क गईं। पार्षद भागवंती ने एडीसी जगनिवास से कहा कि जनता उनके वार्ड की समस्याओं को लेकर सीधे सवाल करती है और जवाब देना पार्षद की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि जब जिला उपायुक्त (डीसी) पार्षदों के फोन उठाते हैं तो एडीसी को फोन उठाने में क्या परेशानी है। पार्षद अपने वार्ड में एक मानसिक रूप से असामान्य बंदर को पकड़ने की कार्रवाई न होने से नाराज थीं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
बजट में किया गया प्रस्तावित
हाउस टैक्स-55000000
फायर टैक्स-1500000
बिजली पर म्युनिसिपल टैक्स-10000000
स्टांप ड्यूटी-60000000
लेबर सेस-9000000
विकास शुल्क-62500000
यूजर चार्ज-2000000
विज्ञापन अनुमति फीस-25 लाख
यह होंगे प्रस्तावित खर्चे
एस्टेबलिशमेंट खर्चे-109451000
प्रशासिनक खर्चे-1384000
सफाई व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-73125000
ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस-31700000
अन्य खर्च-7100000
विकास कार्यों पर खर्च-158500000