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Sonipat News: एनएचएआई की लापरवाही ने ली थी युवक की जान, प्रोजेक्ट मैनेजर पर एफआईआर
Sat, 11 Jul 2026 05:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 11 Jul 2026 05:41 AM IST
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फोटो :: सोनीपत में बहालगढ़ स्थित निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज के पास लगाए बेरिकेड व कॉशन टेप। संवा
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सोनीपत। बहालगढ़ में एनएच-44 किनारे निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर युवक की मौत मामले में एनएचएआई की लापरवाही पर प्राथमिकी दर्ज हो गई। गांव बहालगढ़ के सरपंच की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के आधार पर पुलिस ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
हादसे के बाद एनएचएआई ने निर्माण स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर कॉशन टेप लगाकर सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए हैं। पुलिस मृतक की पहचान के प्रयास में जुटी है। सरपंच राजेश स्वामी ने बहालगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि ग्रामीणों की मांग पर एनएचएआई ने एनएच-44 पर बहालगढ़ से राठधाना की ओर सड़क पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज निर्माण कार्य शुरू किया था।
इसके लिए करीब दो माह पहले करीब 25 फुट लंबा, 13 फुट चौड़ा और 10 से 12 फुट गहरा गड्ढा खोदा तो गया लेकिन निर्माण एजेंसी ने न तो उसके चारों ओर बैरिकेडिंग करवाई और न ही चेतावनी संबंधी कोई संकेतक लगाए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लगातार बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर गया।
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7 जुलाई की देर शाम एक युवक इसी पानी से भरे गड्ढे में गिर गया था और डूबने से उनकी मौत हो गई थी। बाद में पानी में उतराता शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण डूबना ही बताया गया था। घटनास्थल के फोटो और वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।
वहीं सरपंच राजेश स्वामी का कहना है कि गड्ढा खोदने के बाद यदि समय रहते बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
सरपंच की शिकायत पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- ऋषिकांत, एसीपी
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हादसे के बाद एनएचएआई ने निर्माण स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर कॉशन टेप लगाकर सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए हैं। पुलिस मृतक की पहचान के प्रयास में जुटी है। सरपंच राजेश स्वामी ने बहालगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि ग्रामीणों की मांग पर एनएचएआई ने एनएच-44 पर बहालगढ़ से राठधाना की ओर सड़क पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज निर्माण कार्य शुरू किया था।
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इसके लिए करीब दो माह पहले करीब 25 फुट लंबा, 13 फुट चौड़ा और 10 से 12 फुट गहरा गड्ढा खोदा तो गया लेकिन निर्माण एजेंसी ने न तो उसके चारों ओर बैरिकेडिंग करवाई और न ही चेतावनी संबंधी कोई संकेतक लगाए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लगातार बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर गया।
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7 जुलाई की देर शाम एक युवक इसी पानी से भरे गड्ढे में गिर गया था और डूबने से उनकी मौत हो गई थी। बाद में पानी में उतराता शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण डूबना ही बताया गया था। घटनास्थल के फोटो और वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।
वहीं सरपंच राजेश स्वामी का कहना है कि गड्ढा खोदने के बाद यदि समय रहते बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
सरपंच की शिकायत पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- ऋषिकांत, एसीपी