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Sonipat News: विदेश में फंसा रिश्तेदार बनकर, मुआवजे की रकम और मोबाइल हैंग कर खाते किए साफ
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 18 May 2026 07:24 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना कर लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। अब विदेश में फंसा रिश्तेदार बनकर, मुआवजे की रकम पर नजर गड़ाकर खाते खाली कर दिए। वहीं, एक ग्रामीण का मोबाइल हैंग कर बिना ओटीपी भेजे ही तीन खातों से रुपये निकाल लिए। साइबर अपराधियों ने तीनों से 14,13,501 रुपये की ठगी की है
साली का बेटा बन विदेश में फंसा बनकर की कॉल
गांव बुसाना निवासी राजकुमार ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि 1 मई को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनकी साली का बेटा बताते हुए विदेश में फंसा होने की बात कही। उसने कहा कि उसका वीजा लगवाने वाले जगमोहन की पत्नी अस्पताल में भर्ती है। उसे तुरंत पैसों की जरूरत है। ठग ने पहले राजकुमार के पास 12.50 लाख रुपये भेजने की फर्जी रसीद भेजी। फिर खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से बात करवाई। बैंक अधिकारी बनकर आरोपी ने भरोसा दिलाया कि रकम अगले दिन खाते में पहुंच जाएगी। इसी झांसे में आकर राजकुमार ने अलग-अलग खातों में कुल 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने एक लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए। शक होने पर राजकुमार ने पैसे भेजने से इन्कार कर दिया। तब जाकर उसे ठगी का पता लगा।
पति की मौत के बाद मुआवजा में मिले 5.14 लाख ठगे
गांव टिकौला निवासी गुड़िया के साथ साइबर ठगों ने शातिर तरीके से धोखाधड़ी की। महिला ने बताया कि उनके खाते में पति की मृत्यु के बाद मुआवजे के रूप में राशि आई थी। 29 अप्रैल को बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 21 से 29 अप्रैल के बीच उसके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5,14, 499 रुपये निकाल लिए गए हैं। ठगों ने छोटी-बड़ी रकमों में 28 बार रुपये ट्रांसफर किए। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। महिला का आरोप है कि फर्जी वेबसाइट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए खातों में रकम भेजी गई है। ठगी का पता चलने पर पीड़िता ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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मोबाइल हैंग कर ग्रामीण के तीन खातों से 5.49 लाख निकाले
गांव लड़सौली निवासी रमेश ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि 2 मई से उनका मोबाइल लगातार हैंग होने लगा। फोन को रिपेयरिंग के लिए भी दिखाया लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। 15 मई को अचानक उनके मोबाइल पर खातों से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक उनके तीन बैंक खातों से 5.49 लाख निकल चुके थे। उनका आरोप है कि किसी भी ट्रांजेक्शन का ओटीपी तक उनके पास नहीं आया। फर्जी वेबसाइट और फर्जी दस्तावेजों के जरिए खोले खातों में रकम ट्रांसफर की गई।
साइबर ठगी से बचने को सावधानी जरूरी
साइबर थाना प्रभारी बसंत ने बताया कि साइबर ठगी से बचने को जागरूकता बेहद जरूरी है।
रिश्तेदार या बैंक अधिकारी बनकर आने वाली कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर करने से पहले परिवार या बैंक से पुष्टि जरूर करें
मोबाइल हैंग होना या अचानक स्लो होना साइबर अटैक का संकेत हो सकता है
किसी भी संदिग्ध लिंक, एप या वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें
खाते से अनधिकृत ट्रांजेक्शन होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन और बैंक को सूचित करें
सोनीपत। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना कर लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। अब विदेश में फंसा रिश्तेदार बनकर, मुआवजे की रकम पर नजर गड़ाकर खाते खाली कर दिए। वहीं, एक ग्रामीण का मोबाइल हैंग कर बिना ओटीपी भेजे ही तीन खातों से रुपये निकाल लिए। साइबर अपराधियों ने तीनों से 14,13,501 रुपये की ठगी की है
साली का बेटा बन विदेश में फंसा बनकर की कॉल
गांव बुसाना निवासी राजकुमार ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि 1 मई को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनकी साली का बेटा बताते हुए विदेश में फंसा होने की बात कही। उसने कहा कि उसका वीजा लगवाने वाले जगमोहन की पत्नी अस्पताल में भर्ती है। उसे तुरंत पैसों की जरूरत है। ठग ने पहले राजकुमार के पास 12.50 लाख रुपये भेजने की फर्जी रसीद भेजी। फिर खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से बात करवाई। बैंक अधिकारी बनकर आरोपी ने भरोसा दिलाया कि रकम अगले दिन खाते में पहुंच जाएगी। इसी झांसे में आकर राजकुमार ने अलग-अलग खातों में कुल 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने एक लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए। शक होने पर राजकुमार ने पैसे भेजने से इन्कार कर दिया। तब जाकर उसे ठगी का पता लगा।
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पति की मौत के बाद मुआवजा में मिले 5.14 लाख ठगे
गांव टिकौला निवासी गुड़िया के साथ साइबर ठगों ने शातिर तरीके से धोखाधड़ी की। महिला ने बताया कि उनके खाते में पति की मृत्यु के बाद मुआवजे के रूप में राशि आई थी। 29 अप्रैल को बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 21 से 29 अप्रैल के बीच उसके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5,14, 499 रुपये निकाल लिए गए हैं। ठगों ने छोटी-बड़ी रकमों में 28 बार रुपये ट्रांसफर किए। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। महिला का आरोप है कि फर्जी वेबसाइट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए खातों में रकम भेजी गई है। ठगी का पता चलने पर पीड़िता ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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साइबर ठगी से बचने को सावधानी जरूरी
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रिश्तेदार या बैंक अधिकारी बनकर आने वाली कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
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किसी भी संदिग्ध लिंक, एप या वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें
खाते से अनधिकृत ट्रांजेक्शन होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन और बैंक को सूचित करें