{"_id":"696d401cc9fcbdc7d80aef60","slug":"progressive-farmer-kapil-will-be-the-special-guest-along-with-his-wife-at-the-republic-day-celebrations-sonipat-news-c-197-1-snp1001-148367-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: गणतंत्र दिवस समारोह में पत्नी के साथ विशेष अतिथि होंगे प्रगतिशील किसान कपिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: गणतंत्र दिवस समारोह में पत्नी के साथ विशेष अतिथि होंगे प्रगतिशील किसान कपिल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
फोटो :06: प्रगतिशील किसान कपिल।
विज्ञापन
सोनीपत। प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाकर मिसाल कायम करने वाले शहजादपुर गांव के प्रगतिशील किसान कपिल इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि होंगे। भारत सरकार की ओर से किसान कपिल और उनकी पत्नी रीना देवी को निमंत्रण भेजा गया है। दोनों 25 जनवरी की दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे। विशेष भोज में भी उनकी सहभागिता रहेगी।
गांव शहजादपुर के किसान कपिल ने पारंपरिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपना कर अलग पहचान बनाई है। शुरुआत में वह जैविक खाद का उत्पादन करते थे लेकिन बाद में पूरी तरह प्राकृतिक खेती की राह पर चल पड़े।
मात्र डेढ़ एकड़ भूमि होने के बावजूद उन्होंने अधिक लाभ के लिए मल्टी क्रॉप खेती तकनीक को अपनाया। कपिल ने अपने खेत में सबसे पहले ताइवानी किस्म के अमरूद के पौधे लगाए और पौधों के बीच आठ फीट की दूरी रखी। अमरूद के साथ-साथ उन्होंने उसी खेत में हल्दी, सूरजमुखी, गेहूं, सरसों, आलू, मूली और गाजर जैसी फसलें उगाईं।
खेत के एक हिस्से में गन्ने की खेती भी की गई है। इसके अलावा खेत के मेड़ों पर विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाकर उन्होंने खेती को और अधिक टिकाऊ बनाया है।
खुद तैयार किए उत्पादों से बढ़ाई आमदनी
प्रगतिशील किसान कपिल ने फसलों को सीधे मंडी में बेचने के बजाय उनका प्रसंस्करण कर बाजार में उतारने का निर्णय लिया जो उनके लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ। वह सरसों का तेल, हल्दी पाउडर और हल्दी के पत्तों से बने तकिए तैयार कर बेचते हैं। शहद उत्पादन के लिए उन्होंने बाग में मधुमक्खी पालन भी शुरू किया है जिससे शुद्ध शहद तैयार होता है। खेत में तैयार नींबू से अचार, गन्ना और अमरूद से सिरका बनाकर भी वह बाजार में उपलब्ध कराते हैं। इन सभी प्रयासों से उन्हें नियमित और स्थायी आमदनी प्राप्त हो रही है।
सम्मान से बढ़ा उत्साह
किसान कपिल का कहना है कि भारत सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है। प्राकृतिक खेती अब उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। इस सम्मान से न केवल उनका उत्साह बढ़ा है, बल्कि अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में शामिल होने से संबंधित पुलिस वेरिफिकेशन सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
शहजादपुर के किसान कपिल राज्य के उन चुनिंदा किसानों में शामिल हैं जिन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। वह लगातार प्राकृतिक खेती पद्धति से फसल उत्पादन कर रहे हैं जिससे क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग भी किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक सोनीपत
Trending Videos
गांव शहजादपुर के किसान कपिल ने पारंपरिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपना कर अलग पहचान बनाई है। शुरुआत में वह जैविक खाद का उत्पादन करते थे लेकिन बाद में पूरी तरह प्राकृतिक खेती की राह पर चल पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
मात्र डेढ़ एकड़ भूमि होने के बावजूद उन्होंने अधिक लाभ के लिए मल्टी क्रॉप खेती तकनीक को अपनाया। कपिल ने अपने खेत में सबसे पहले ताइवानी किस्म के अमरूद के पौधे लगाए और पौधों के बीच आठ फीट की दूरी रखी। अमरूद के साथ-साथ उन्होंने उसी खेत में हल्दी, सूरजमुखी, गेहूं, सरसों, आलू, मूली और गाजर जैसी फसलें उगाईं।
खेत के एक हिस्से में गन्ने की खेती भी की गई है। इसके अलावा खेत के मेड़ों पर विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाकर उन्होंने खेती को और अधिक टिकाऊ बनाया है।
खुद तैयार किए उत्पादों से बढ़ाई आमदनी
प्रगतिशील किसान कपिल ने फसलों को सीधे मंडी में बेचने के बजाय उनका प्रसंस्करण कर बाजार में उतारने का निर्णय लिया जो उनके लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ। वह सरसों का तेल, हल्दी पाउडर और हल्दी के पत्तों से बने तकिए तैयार कर बेचते हैं। शहद उत्पादन के लिए उन्होंने बाग में मधुमक्खी पालन भी शुरू किया है जिससे शुद्ध शहद तैयार होता है। खेत में तैयार नींबू से अचार, गन्ना और अमरूद से सिरका बनाकर भी वह बाजार में उपलब्ध कराते हैं। इन सभी प्रयासों से उन्हें नियमित और स्थायी आमदनी प्राप्त हो रही है।
सम्मान से बढ़ा उत्साह
किसान कपिल का कहना है कि भारत सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है। प्राकृतिक खेती अब उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। इस सम्मान से न केवल उनका उत्साह बढ़ा है, बल्कि अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में शामिल होने से संबंधित पुलिस वेरिफिकेशन सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
शहजादपुर के किसान कपिल राज्य के उन चुनिंदा किसानों में शामिल हैं जिन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। वह लगातार प्राकृतिक खेती पद्धति से फसल उत्पादन कर रहे हैं जिससे क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग भी किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक सोनीपत

फोटो :06: प्रगतिशील किसान कपिल।