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ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपना कर बचाएं पानी : डॉ. कुलदीप
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 04 May 2026 05:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत की ओर उर्वरकों का संतुलित उपयोग विषय पर सोमवार को खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
वैज्ञानिकों ने किसानों को उर्वरकों के सही और संतुलित उपयोग की जानकारी दी। मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग से डाॅ. कुलदीप दहिया ने जल प्रबंधन और उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली व लेजर लैंड लेवलिंग अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इससे पानी और पोषक तत्वों की बचत होती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. जोगेंद्र तोमर ने किसानों को बिना मिट्टी जांच के उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि इससे लागत बढ़ती है और मिट्टी की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से सामूहिक खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
मृदा वैज्ञानिक डाॅ. सुनील सांगवान ने मृदा परीक्षण पर प्रकाश डालते हुए एनपीके के साथ जिंक, सल्फर और बोरान जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता और कमी के लक्षणों की जानकारी दी।
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खरखौदा। कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत की ओर उर्वरकों का संतुलित उपयोग विषय पर सोमवार को खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
वैज्ञानिकों ने किसानों को उर्वरकों के सही और संतुलित उपयोग की जानकारी दी। मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग से डाॅ. कुलदीप दहिया ने जल प्रबंधन और उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली व लेजर लैंड लेवलिंग अपनाने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि इससे पानी और पोषक तत्वों की बचत होती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. जोगेंद्र तोमर ने किसानों को बिना मिट्टी जांच के उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि इससे लागत बढ़ती है और मिट्टी की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से सामूहिक खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
मृदा वैज्ञानिक डाॅ. सुनील सांगवान ने मृदा परीक्षण पर प्रकाश डालते हुए एनपीके के साथ जिंक, सल्फर और बोरान जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता और कमी के लक्षणों की जानकारी दी।