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Sonipat News: गबन के मामले में शाहजादपुर के सरपंच दीपक शर्मा बर्खास्त, एफआईआर के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Mar 2026 02:01 AM IST
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सोनीपत। जिले के शाहजादपुर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सरपंच दीपक शर्मा को पद से बर्खास्त कर दिया है। उपायुक्त सुशील सरवान की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि दीपक शर्मा अब सरपंच पद से जुड़े किसी भी अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
यह कार्रवाई विस्तृत जांच, न्यायालय के निर्देशों और कई चरणों की सुनवाई के बाद की गई है। उपायुक्त ने ब्याज सहित राशि वसूली और एफआईआर कराने का भी निर्देश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम पंचायत के खाते से 92 सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के नाम पर 4 लाख 63 हजार 680 रुपये की निकासी की गई थी।
हालांकि मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 48 लाइटें ही सही पाई गईं जबकि कई लाइटें या तो गायब थीं या उन्हें दोबारा स्थापित ही नहीं किया गया था। इसके अलावा बिना किसी तकनीकी सत्यापन के भुगतान किए जाने का मामला भी सामने आया है। न तो जूनियर इंजीनियर और न ही सब-डिविजनल इंजीनियर से कार्य की पुष्टि कराई गई जोकि नियमों का उल्लंघन है।
रिकॉर्ड में सभी 92 लाइटों को ठीक दर्शाया गया जबकि वास्तविक स्थिति अलग पाई गई। यही नहीं इस कार्य की कहीं से प्रशासनिक स्वीकृति आदि भी नहीं ली गई। कागजी हेरफेर और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने की बात भी जांच में प्रमाणित हुई है।
गबन की राशि ब्याज सहित होगी वसूल
हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से सरपंच को हटाते हुए उनके कब्जे में ग्राम पंचायत के सभी रिकॉर्ड, मुहर और संपत्ति तत्काल खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी या बहुमत वाले पंच को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) सोनीपत को 30 दिनों के भीतर नुकसान के आकलन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद गबन की गई राशि ब्याज सहित दीपक शर्मा से वसूल की जाएगी। इसके अलाव उन्होंने रिकॉर्ड के फर्जीवाड़े और सार्वजनिक धन के गबन के लिए बीडीपीओ, सोनीपत को तत्कालीन सरपंच दीपक शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है।
सरपंच का पक्ष
राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए सरपंच दीपक शर्मा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पक्ष में पर्याप्त साक्ष्य और ग्रामीणों के बयान प्रस्तुत किए थे लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर एकतरफा कार्रवाई की गई। वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।
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यह कार्रवाई विस्तृत जांच, न्यायालय के निर्देशों और कई चरणों की सुनवाई के बाद की गई है। उपायुक्त ने ब्याज सहित राशि वसूली और एफआईआर कराने का भी निर्देश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम पंचायत के खाते से 92 सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के नाम पर 4 लाख 63 हजार 680 रुपये की निकासी की गई थी।
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हालांकि मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 48 लाइटें ही सही पाई गईं जबकि कई लाइटें या तो गायब थीं या उन्हें दोबारा स्थापित ही नहीं किया गया था। इसके अलावा बिना किसी तकनीकी सत्यापन के भुगतान किए जाने का मामला भी सामने आया है। न तो जूनियर इंजीनियर और न ही सब-डिविजनल इंजीनियर से कार्य की पुष्टि कराई गई जोकि नियमों का उल्लंघन है।
रिकॉर्ड में सभी 92 लाइटों को ठीक दर्शाया गया जबकि वास्तविक स्थिति अलग पाई गई। यही नहीं इस कार्य की कहीं से प्रशासनिक स्वीकृति आदि भी नहीं ली गई। कागजी हेरफेर और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने की बात भी जांच में प्रमाणित हुई है।
गबन की राशि ब्याज सहित होगी वसूल
हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से सरपंच को हटाते हुए उनके कब्जे में ग्राम पंचायत के सभी रिकॉर्ड, मुहर और संपत्ति तत्काल खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी या बहुमत वाले पंच को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) सोनीपत को 30 दिनों के भीतर नुकसान के आकलन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद गबन की गई राशि ब्याज सहित दीपक शर्मा से वसूल की जाएगी। इसके अलाव उन्होंने रिकॉर्ड के फर्जीवाड़े और सार्वजनिक धन के गबन के लिए बीडीपीओ, सोनीपत को तत्कालीन सरपंच दीपक शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है।
सरपंच का पक्ष
राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए सरपंच दीपक शर्मा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पक्ष में पर्याप्त साक्ष्य और ग्रामीणों के बयान प्रस्तुत किए थे लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर एकतरफा कार्रवाई की गई। वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।