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Sonipat News: हरियाली की चादर ओढ़ेंगे सोनीपत के हाई-वे, मानसून में दो लाख से अधिक पौधों से बदलेगी तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 25 Jun 2026 04:11 AM IST
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फोटो : सोनीपत के बड़वासनी-बवाना राष्ट्रीय राजमार्ग। इसके साथ वन विभाग की ओर से पौधरोपण किया जाए
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सोनीपत। विकास और आधुनिक यातायात सुविधाओं का मॉडल बन चुके सोनीपत के राष्ट्रीय राजमार्ग जल्द ही हरियाली की नई पहचान बनेंगे। वन विभाग ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे, सोनीपत-जींद हाई-वे और बड़वासनी-बवाना मार्ग को हरा-भरा बनाने के लिए व्यापक पौधरोपण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग ने मुख्यालय को दो लाख से अधिक पौधों के रोपण का प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही मानसून सत्र में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान शुरू किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में जिले से गुजरने वाले कई नए हाई-वे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हुई थी।
अब निर्माण कार्य पूरा होने और मार्गों के यातायात के लिए खुलने के बाद वन विभाग ने इन क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में विशेष योजना तैयार की है। विभाग का उद्देश्य केवल पेड़ों की भरपाई करना ही नहीं बल्कि राजमार्गों के किनारे पर्यावरणीय संतुलन और सुंदरीकरण को भी बढ़ावा देना है।
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फूलदार, छायादार और फलदार पौधों का होगा रोपण
वन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सबसे बड़ा पौधरोपण अभियान दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे पर चलाया जाएगा। यहां करीब 1.33 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सोनीपत-जींद हाई-वे तथा गोहाना-जींद बाईपास क्षेत्र में लगभग 34 हजार पौधे, जबकि बड़वासनी-बवाना मार्ग पर करीब 36 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। योजना के तहत सड़क किनारे बहुस्तरीय हरित पट्टी विकसित की जाएगी। पहली कतार में फूलदार पौधे लगाए जाएंगे जबकि दूसरी कतार में छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग ने मानसून सीजन के लिए अलग से भी पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रारंभिक चरण में जिले में 1 लाख 15 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग की 12 नर्सरियों में विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है।
जिले से गुजरने वाले प्रमुख एक्सप्रेस-वे और हाई-वे को हरा-भरा बनाने की विस्तृत योजना तैयार कर मुख्यालय को भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा। लोगों से भी मानसून के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की है।
- रेनू बाला, जिला वन अधिकारी
विभाग ने मुख्यालय को दो लाख से अधिक पौधों के रोपण का प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही मानसून सत्र में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान शुरू किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में जिले से गुजरने वाले कई नए हाई-वे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हुई थी।
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अब निर्माण कार्य पूरा होने और मार्गों के यातायात के लिए खुलने के बाद वन विभाग ने इन क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में विशेष योजना तैयार की है। विभाग का उद्देश्य केवल पेड़ों की भरपाई करना ही नहीं बल्कि राजमार्गों के किनारे पर्यावरणीय संतुलन और सुंदरीकरण को भी बढ़ावा देना है।
फूलदार, छायादार और फलदार पौधों का होगा रोपण
वन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सबसे बड़ा पौधरोपण अभियान दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे पर चलाया जाएगा। यहां करीब 1.33 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सोनीपत-जींद हाई-वे तथा गोहाना-जींद बाईपास क्षेत्र में लगभग 34 हजार पौधे, जबकि बड़वासनी-बवाना मार्ग पर करीब 36 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। योजना के तहत सड़क किनारे बहुस्तरीय हरित पट्टी विकसित की जाएगी। पहली कतार में फूलदार पौधे लगाए जाएंगे जबकि दूसरी कतार में छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग ने मानसून सीजन के लिए अलग से भी पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रारंभिक चरण में जिले में 1 लाख 15 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग की 12 नर्सरियों में विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही है।
जिले से गुजरने वाले प्रमुख एक्सप्रेस-वे और हाई-वे को हरा-भरा बनाने की विस्तृत योजना तैयार कर मुख्यालय को भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा। लोगों से भी मानसून के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की है।
- रेनू बाला, जिला वन अधिकारी