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Sonipat News: सीवर लाइन ठप होने से गली में भरा पानी, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 03 Apr 2026 02:17 AM IST
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फोटो : सोनीपत के मयूर विहार में अपनी देखरेख में सीवर लाइन की सफाई कराते जिला पार्षद संजय बड़वास
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सोनीपत। मयूर विहार गली नंबर 24, 25, 26 में सीवर लाइन ठप होने के कारण दूषित पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस पर जिला पार्षद और कांग्रेस पार्टी के जिला उप प्रधान संजय बड़वासनी ने विरोध दर्ज किया। इसके बाद नगर निगम के एसडीओ को ज्ञापन देकर मांग की कि जल्द पानी निकासी का प्रबंध किया जाए।
क्षेत्रवासी संदीप, कुलदीप, राजबीर, महेश, सुरेश आदि ने बताया कि कई दिन से सीवर ओवरफ्लो होने के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी पानी निकासी का कोई भी प्रबंध नहीं हुआ है।
नगर निगम आयुक्त को भी कई दिन पहले लिखित शिकायत दी थी कि सीवर लाइन की सही तरीके से सफाई कराई जाए जिससे बार-बार सीवर लाइन ओवरफ्लो होने की समस्या न आए। इस पर अधिकारी ने जल्द पानी निकासी का आश्वासन दिया और सीवर लाइन की सफाई शुरू कराई।
निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने बताया कि निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नागरिक अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 9053018104 पर दर्ज करवा सकते हैं जिनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाएगा। ‘सुपर सकर मशीन’ से सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करवाई जा रही है जिससे न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार हो रहा है, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 (पीईएमएसआर, 2013) के तहत मैनुअल स्कैवेंजिंग पूर्णत: प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने पर सख्त दंड का प्रावधान है। पहली बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना, दूसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना व बार-बार उल्लंघन करने पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
आयुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग को प्रोत्साहित न करें और यदि उन्हें सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करवानी हो तो नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधा का ही उपयोग करें।
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क्षेत्रवासी संदीप, कुलदीप, राजबीर, महेश, सुरेश आदि ने बताया कि कई दिन से सीवर ओवरफ्लो होने के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी पानी निकासी का कोई भी प्रबंध नहीं हुआ है।
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नगर निगम आयुक्त को भी कई दिन पहले लिखित शिकायत दी थी कि सीवर लाइन की सही तरीके से सफाई कराई जाए जिससे बार-बार सीवर लाइन ओवरफ्लो होने की समस्या न आए। इस पर अधिकारी ने जल्द पानी निकासी का आश्वासन दिया और सीवर लाइन की सफाई शुरू कराई।
निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने बताया कि निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नागरिक अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 9053018104 पर दर्ज करवा सकते हैं जिनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाएगा। ‘सुपर सकर मशीन’ से सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई करवाई जा रही है जिससे न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार हो रहा है, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 (पीईएमएसआर, 2013) के तहत मैनुअल स्कैवेंजिंग पूर्णत: प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने पर सख्त दंड का प्रावधान है। पहली बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना, दूसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना व बार-बार उल्लंघन करने पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
आयुक्त ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग को प्रोत्साहित न करें और यदि उन्हें सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करवानी हो तो नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधा का ही उपयोग करें।