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जब गुरु बने पुराने विद्यार्थी: सात पूर्व छात्राओं ने संभाली कक्षाएं, 360 विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं होने दी बाधित
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पूर्व छात्राओं व इंचार्ज मोनिका रोहिल्ला के साथ राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, अ
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के चलते शिक्षकों की ड्यूटी लगने से प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी लेकिन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सात पूर्व छात्राओं ने आगे आकर जिम्मेदारी संभाल ली। इन छात्राओं ने राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, अनाज मंडी में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया, जिससे करीब 360 विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से जारी रही।
सरकारी विद्यालयों से पढ़कर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी जब अपने संस्थान के लिए जिम्मेदारी निभाने लौटते हैं तो यह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन जाता है। गोहाना में सात पूर्व छात्राओं ने इसी भावना के साथ अपने पुराने विद्यालय की मदद की।
पूर्व छात्राओं ने विषयवार पढ़ाई कराने के साथ बच्चों को अनुशासन, स्वच्छता और नियमित अध्ययन के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित बनाए रखा। इससे विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी महसूस नहीं हुई।
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राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी मोनिका रोहिल्ला ने छात्राओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में पूर्व छात्राओं ने शिक्षण कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पूर्व छात्राओं की यह पहल बताती है कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। ऐसी पहल अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है।
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एसआईआर के कारण शिक्षकों की व्यस्तता बढ़ने पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजू ने पासआउट छात्राओं से सहयोग की अपील की। उनके आह्वान पर ईशिका, प्राची, मोनी, मुस्कान, आशु, तमन्ना और सिमरन विद्यालय पहुंचीं और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने का जिम्मा संभाला।
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पूर्व छात्रा मोनी ने बताया कि उन्होंने इसी विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण पांच कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे अपना दायित्व समझकर विद्यालय आने का निर्णय लिया। बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें आत्मीय संतुष्टि मिली।
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गोहाना। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के चलते शिक्षकों की ड्यूटी लगने से प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी लेकिन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सात पूर्व छात्राओं ने आगे आकर जिम्मेदारी संभाल ली। इन छात्राओं ने राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, अनाज मंडी में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया, जिससे करीब 360 विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से जारी रही।
सरकारी विद्यालयों से पढ़कर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी जब अपने संस्थान के लिए जिम्मेदारी निभाने लौटते हैं तो यह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन जाता है। गोहाना में सात पूर्व छात्राओं ने इसी भावना के साथ अपने पुराने विद्यालय की मदद की।
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पूर्व छात्राओं ने विषयवार पढ़ाई कराने के साथ बच्चों को अनुशासन, स्वच्छता और नियमित अध्ययन के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित बनाए रखा। इससे विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी महसूस नहीं हुई।
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राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी मोनिका रोहिल्ला ने छात्राओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में पूर्व छात्राओं ने शिक्षण कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पूर्व छात्राओं की यह पहल बताती है कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। ऐसी पहल अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है।
एसआईआर के कारण शिक्षकों की व्यस्तता बढ़ने पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजू ने पासआउट छात्राओं से सहयोग की अपील की। उनके आह्वान पर ईशिका, प्राची, मोनी, मुस्कान, आशु, तमन्ना और सिमरन विद्यालय पहुंचीं और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने का जिम्मा संभाला।
पूर्व छात्रा मोनी ने बताया कि उन्होंने इसी विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण पांच कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे अपना दायित्व समझकर विद्यालय आने का निर्णय लिया। बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें आत्मीय संतुष्टि मिली।

पूर्व छात्राओं व इंचार्ज मोनिका रोहिल्ला के साथ राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, अ