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रेबीज से युवक की मौत: परिजनों का आरोप, डिस्पेंसरी में लगाया सिर्फ एक टीका; बोले- इतना इलाज है काफी
माई सिटी रिपोर्टर, सोनीपत
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 12 Apr 2026 09:43 PM IST
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सार
पीड़ित मां ने अपने बेटे की मौत के लिए जैनपुर डिस्पेंसरी के कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कुत्ता के काटने के बाद रुपेंद्र को लेकर डिस्पेंसरी गई थी तो कर्मचारी ने केवल एक इंजेक्शन लगाया।
अस्पताल में इलाज के दौरान मृतक रुपेंद्र
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरियाणा में सोनीपत जिले के टिकोला गांव के युवक रुपेंद्र की रेबीज से मौत हो गई। उसे करीब दो माह पहले कुत्ते ने पांव में काटा था। पीड़ित मां ने अपने बेटे की मौत के लिए जैनपुर डिस्पेंसरी के कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कुत्ता काटने के बाद रुपेंद्र को लेकर डिस्पेंसरी गई थी तो कर्मचारी ने एक टीका लगाया लेकिन अगले टीकाकरण की जानकारी नहीं दी गई। इससे उनका बेटा रेबीज का शिकार हो गया। इस संबंध में सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं।
रुपेंद्र की मां ने बताया कि चार-पांच दिन से रुपेंद्र ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। स्थिति गंभीर होने पर उसे नागरिक अस्पताल, सोनीपत लेकर गए। चिकित्सकों ने उसमें रेबीज के लक्षण बताकर पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया।
रोहतक से भी उसे दिल्ली भेज दिया गया। दिल्ली में प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस घर भेज दिया गया लेकिन अगले ही दिन हालत और बिगड़ने पर उसे दोबारा पीजीआई, रोहतक लेकर गए। वहां पर उपचार के दौरान शनिवार रात को उसकी मौत हो गई। रुपेंद्र घर में सबसे छोटे थे और लोडर गाड़ी चलाते थे।
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रुपेंद्र की मां ने बताया कि चार-पांच दिन से रुपेंद्र ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। स्थिति गंभीर होने पर उसे नागरिक अस्पताल, सोनीपत लेकर गए। चिकित्सकों ने उसमें रेबीज के लक्षण बताकर पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया।
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रोहतक से भी उसे दिल्ली भेज दिया गया। दिल्ली में प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस घर भेज दिया गया लेकिन अगले ही दिन हालत और बिगड़ने पर उसे दोबारा पीजीआई, रोहतक लेकर गए। वहां पर उपचार के दौरान शनिवार रात को उसकी मौत हो गई। रुपेंद्र घर में सबसे छोटे थे और लोडर गाड़ी चलाते थे।
मां के अनुसार, करीब दो महीने पहले रुपेंद्र को गांव के ही कुत्ते ने पांव में काट लिया था। उसे इलाज के लिए जैनपुर स्थित डिस्पेंसरी लेकर गए तो एंटी रेबीज टीका लगाकर वापस भेज दिया गया। उनका आरोप है कि न तो उन्हें आगे के टीकाकरण की जानकारी दी गई और न ही समय पर अगला डोज लगाने के लिए कहा गया। कर्मचारियों ने यह कहकर टाल दिया कि एक ही इंजेक्शन काफी है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद पूरी एंटी रेबीज वैक्सीन शृंखला लेना बेहद जरूरी होता है अन्यथा जान का खतरा बना रहता है।
टिकोला गांव के एक युवक की रेबीज से मौत की जानकारी मिली है। जैनपुर डिस्पेंसरी के कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर टीम गठित की गई है। टीम मामले की जांच करेगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत
टिकोला गांव के एक युवक की रेबीज से मौत की जानकारी मिली है। जैनपुर डिस्पेंसरी के कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर टीम गठित की गई है। टीम मामले की जांच करेगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत