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हरियाणा के स्कूलों में गिरा शिक्षा का स्तर: पीजीआई ने जारी किए आंकड़े, जानें देशभर में क्या मिली रैंकिंग?
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 25 May 2026 11:13 AM IST
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सार
हरियाणा को सबसे कम अंक लर्निंग आउटकम एंड क्वालिटी यानी सीखने की प्रक्रिया और पढ़ाई की गुणवत्ता में मिले हैं। राज्य को 240 में से केवल 79.9 अंक हासिल हुए जो सबसे चिंताजनक है। इसी वजह से राज्य को बीते साल के मुकाबले इस साल 6 अंकों का नुकसान हुआ है।
हरियाणा में गिरा स्कूली शिक्षा का स्तर
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर आई नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा मंत्रालय की परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 रिपोर्ट 2024-25 में राज्य का प्रदर्शन पहले के मुकाबले कमजोर दिखाई दिया है। पिछले साल तक देश में आठवें स्थान पर रहने वाला हरियाणा अब 14वें स्थान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के कुल अंक भी कम हुए हैं, जिससे साफ है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पढ़ाई के स्तर में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन भी किया है, लेकिन सीखने की गुणवत्ता सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में हरियाणा को 591.4 अंक मिले थे, जबकि 2024-25 में यह घटकर 587.1 रह गए। यानी राज्य को 4.3 अंकों की गिरावट का सामना करना पड़ा। इसी वजह से हरियाणा को प्रचेष्टा-3 ग्रेड में रखा गया है। पीजीआई रिपोर्ट में राज्यों को अलग-अलग मानकों पर परखा जाता है। इनमें छात्रों की पढ़ाई, स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की ट्रेनिंग, प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा में समानता जैसे कई पहलू शामिल होते हैं।
सीखने की गुणवत्ता सबसे कमजोर
हरियाणा को सबसे कम अंक लर्निंग आउटकम एंड क्वालिटी यानी सीखने की प्रक्रिया और पढ़ाई की गुणवत्ता में मिले हैं। राज्य को 240 में से केवल 79.9 अंक हासिल हुए। इसका मतलब है कि छात्रों को तय समय में जितना ज्ञान और कौशल हासिल करना चाहिए, उसमें राज्य पीछे रह गया है। इसके अलावा गवर्नेंस प्रोसेस यानी शिक्षा व्यवस्था के संचालन में भी राज्य का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस श्रेणी में हरियाणा को 130 में से केवल 47.1 अंक मिला। वहीं, शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण में 100 में से 68.7 अंक प्राप्त हुए।
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कुछ क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन
हालांकि रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं। स्कूलों तक पहुंच, नामांकन और छात्रों को स्कूल में बनाए रखने जैसे मामलों में हरियाणा का प्रदर्शन अच्छा रहा। एक्सेस श्रेणी में राज्य को 80 में से 66.3 अंक मिले और इसे उत्तम-1 ग्रेड दिया गया। इसी तरह सामाजिक समानता और समावेशी शिक्षा यानी इक्विटी के मामले में हरियाणा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में राज्य को 260 में से 226.2 अंक मिले। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में भी राज्य ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में हरियाणा को 591.4 अंक मिले थे, जबकि 2024-25 में यह घटकर 587.1 रह गए। यानी राज्य को 4.3 अंकों की गिरावट का सामना करना पड़ा। इसी वजह से हरियाणा को प्रचेष्टा-3 ग्रेड में रखा गया है। पीजीआई रिपोर्ट में राज्यों को अलग-अलग मानकों पर परखा जाता है। इनमें छात्रों की पढ़ाई, स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की ट्रेनिंग, प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा में समानता जैसे कई पहलू शामिल होते हैं।
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सीखने की गुणवत्ता सबसे कमजोर
हरियाणा को सबसे कम अंक लर्निंग आउटकम एंड क्वालिटी यानी सीखने की प्रक्रिया और पढ़ाई की गुणवत्ता में मिले हैं। राज्य को 240 में से केवल 79.9 अंक हासिल हुए। इसका मतलब है कि छात्रों को तय समय में जितना ज्ञान और कौशल हासिल करना चाहिए, उसमें राज्य पीछे रह गया है। इसके अलावा गवर्नेंस प्रोसेस यानी शिक्षा व्यवस्था के संचालन में भी राज्य का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस श्रेणी में हरियाणा को 130 में से केवल 47.1 अंक मिला। वहीं, शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण में 100 में से 68.7 अंक प्राप्त हुए।
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कुछ क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन
हालांकि रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं। स्कूलों तक पहुंच, नामांकन और छात्रों को स्कूल में बनाए रखने जैसे मामलों में हरियाणा का प्रदर्शन अच्छा रहा। एक्सेस श्रेणी में राज्य को 80 में से 66.3 अंक मिले और इसे उत्तम-1 ग्रेड दिया गया। इसी तरह सामाजिक समानता और समावेशी शिक्षा यानी इक्विटी के मामले में हरियाणा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में राज्य को 260 में से 226.2 अंक मिले। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में भी राज्य ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है।
ऐसे तय होते हैं ग्रेड
पीजीआई रिपोर्ट में राज्यों को रैंक नहीं बल्कि अंकों के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं। 1000 अंकों के पैमाने पर 941 से 1000 अंक पाने वाले राज्यों को उत्कर्ष ग्रेड मिलता है। 881-940 अंक उत्तम-1, 821-880 उत्तम-2 और 761-820 उत्तम-3 श्रेणी मानी जाती है। इसी तरह 701-760 अंक वाले राज्यों को प्रचेष्टा-1, 641-700 को प्रचेष्टा-2 और 581-640 अंक पाने वाले राज्यों को प्रचेष्टा-3 ग्रेड दिया जाता है। हरियाणा को 587.1 अंक मिले हैं, इसलिए वह इसी श्रेणी में शामिल हुआ है।
किसकी कितनी रही रैंक
प्रदेश-यूटी रैंक 2023-24 2024-25
चंडीगढ़ 1 703 739.1
पंजाब 2 631.2 709.1
केरल 3 594 687
दादरा नगर हवेली 4 592 683
दिल्ली 5 623.7 675.5
हिमाचल 6 573.8 659.2
उड़ीसा 7 595.6 655.2
हरियाणा 14 591.4 587.1
पीजीआई रिपोर्ट में राज्यों को रैंक नहीं बल्कि अंकों के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं। 1000 अंकों के पैमाने पर 941 से 1000 अंक पाने वाले राज्यों को उत्कर्ष ग्रेड मिलता है। 881-940 अंक उत्तम-1, 821-880 उत्तम-2 और 761-820 उत्तम-3 श्रेणी मानी जाती है। इसी तरह 701-760 अंक वाले राज्यों को प्रचेष्टा-1, 641-700 को प्रचेष्टा-2 और 581-640 अंक पाने वाले राज्यों को प्रचेष्टा-3 ग्रेड दिया जाता है। हरियाणा को 587.1 अंक मिले हैं, इसलिए वह इसी श्रेणी में शामिल हुआ है।
किसकी कितनी रही रैंक
प्रदेश-यूटी रैंक 2023-24 2024-25
चंडीगढ़ 1 703 739.1
पंजाब 2 631.2 709.1
केरल 3 594 687
दादरा नगर हवेली 4 592 683
दिल्ली 5 623.7 675.5
हिमाचल 6 573.8 659.2
उड़ीसा 7 595.6 655.2
हरियाणा 14 591.4 587.1