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Yamuna Nagar News: 90 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, छह को मिलेगा स्वर्ण पदक
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:46 AM IST
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जागरूकता वाहन को रवाना करते सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह। प्रवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत वर्ष 2025 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले की कुल 90 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया है। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित भी किया जाएगा। 42 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक, 42 पंचायतों को रजत और छह पंचायतों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।
ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतापनगर ब्लॉक की सबसे अधिक 32 पंचायतें इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा छछरौली ब्लॉक की 15, जगाधरी की 17, रादौर की 11, व्यासपुर की 10 और साढौरा ब्लॉक की पांच पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का लक्ष्य हासिल किया है। स्वर्ण पदक पाने वाली पंचायतों में व्यासपुर ब्लॉक की ताहरपुर, साढौरा ब्लॉक की कुराली और भोलीवाला, रादौर ब्लॉक की मसाना जट्टान, खेड़की ब्राह्मणान और सुखपुरा पंचायत शामिल हैं।
इन पंचायतों ने टीबी के मामलों को पूरी तरह नियंत्रित करते हुए शून्य स्तर तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बेहतर परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2023 में जहां 17 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 115 तक पहुंच गई थी। अब वर्ष 2025 में भी 90 पंचायतों का चयन किया गया है।
उप सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. चारु कालरा ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में आमजन की भागीदारी सबसे अहम रही है। समय पर जांच, उपचार और जागरूकता के चलते टीबी के मामलों में कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और इलाज के बारे में जानकारी दी, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
इन पंचायतों को किया गया टीबी मुक्त
जिन 90 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है उनमें ग्राम पंचायत मखौर, मोहड़ी, हरतौल, ताहरपुर, पिंजौरा, पिंजोरी, सतारी, कठगढ़, रुहलाहेड़ी, दरियापुर, ककड़ौनी, कुराली, सरांवी, असगरपुर, भोलीवाला, रायपुर, हड़ौली, सलेमपुर, तिहानो, सिपियावाला, साहबुद्दीनपुर, डाकवाला, नगला, जैतपुर, हैदरपुर, मानीपुर, खानुवाला, ललहाड़ी कलां, दादूपुर सैनी, दादूपुर जट्टान, फकीर माजरा, अर्जुन माजरा, कोट मुस्तरका, लेदा खादर, खानपुर, फैजपुर, मामलीवाला, हसनपुर, लोहरीवाला, माड़ो, माली माजरा, लाक्कड़, ब्राह्मण माजरा, जयरामपुर, हाफजी, कड़कौली, मेघुवाला, चाहड़ों, मुंडाखेड़ा, मामली, सिंहपुरा, शेखूपुरा, दसोरा, भीलपुरा, पिपली माजरा, गुलाबगढ़, रगड़ माजरा, जैधरी माजरी, सरखू माजरा, भगवानपुर, भूखड़ी, बेलगढ़, दोहली, भूरे का माजरा, रामगढ़, पलाका, मसाना जट्टान, बुबका, अमलोहा, बापोली, साढौरा, खेड़की ब्राह्मणन, इस्माईलपुर, खेड़ा हैबतपुर, भेरथल, रामपुर, सुखपुरा, नयागांव, हरियांबांस, टोडरपुर, मिश्री का माजरा, दुसानी, बाकरपुर, भोगपुर, बदनपुरी, टोपरा, झिंझरों, दौलतपुर, रेतगढ़, कुंजल शामिल हैं।
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यमुनानगर। जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत वर्ष 2025 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले की कुल 90 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया है। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित भी किया जाएगा। 42 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक, 42 पंचायतों को रजत और छह पंचायतों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।
ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतापनगर ब्लॉक की सबसे अधिक 32 पंचायतें इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा छछरौली ब्लॉक की 15, जगाधरी की 17, रादौर की 11, व्यासपुर की 10 और साढौरा ब्लॉक की पांच पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का लक्ष्य हासिल किया है। स्वर्ण पदक पाने वाली पंचायतों में व्यासपुर ब्लॉक की ताहरपुर, साढौरा ब्लॉक की कुराली और भोलीवाला, रादौर ब्लॉक की मसाना जट्टान, खेड़की ब्राह्मणान और सुखपुरा पंचायत शामिल हैं।
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इन पंचायतों ने टीबी के मामलों को पूरी तरह नियंत्रित करते हुए शून्य स्तर तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बेहतर परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2023 में जहां 17 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 115 तक पहुंच गई थी। अब वर्ष 2025 में भी 90 पंचायतों का चयन किया गया है।
उप सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. चारु कालरा ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में आमजन की भागीदारी सबसे अहम रही है। समय पर जांच, उपचार और जागरूकता के चलते टीबी के मामलों में कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और इलाज के बारे में जानकारी दी, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
इन पंचायतों को किया गया टीबी मुक्त
जिन 90 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है उनमें ग्राम पंचायत मखौर, मोहड़ी, हरतौल, ताहरपुर, पिंजौरा, पिंजोरी, सतारी, कठगढ़, रुहलाहेड़ी, दरियापुर, ककड़ौनी, कुराली, सरांवी, असगरपुर, भोलीवाला, रायपुर, हड़ौली, सलेमपुर, तिहानो, सिपियावाला, साहबुद्दीनपुर, डाकवाला, नगला, जैतपुर, हैदरपुर, मानीपुर, खानुवाला, ललहाड़ी कलां, दादूपुर सैनी, दादूपुर जट्टान, फकीर माजरा, अर्जुन माजरा, कोट मुस्तरका, लेदा खादर, खानपुर, फैजपुर, मामलीवाला, हसनपुर, लोहरीवाला, माड़ो, माली माजरा, लाक्कड़, ब्राह्मण माजरा, जयरामपुर, हाफजी, कड़कौली, मेघुवाला, चाहड़ों, मुंडाखेड़ा, मामली, सिंहपुरा, शेखूपुरा, दसोरा, भीलपुरा, पिपली माजरा, गुलाबगढ़, रगड़ माजरा, जैधरी माजरी, सरखू माजरा, भगवानपुर, भूखड़ी, बेलगढ़, दोहली, भूरे का माजरा, रामगढ़, पलाका, मसाना जट्टान, बुबका, अमलोहा, बापोली, साढौरा, खेड़की ब्राह्मणन, इस्माईलपुर, खेड़ा हैबतपुर, भेरथल, रामपुर, सुखपुरा, नयागांव, हरियांबांस, टोडरपुर, मिश्री का माजरा, दुसानी, बाकरपुर, भोगपुर, बदनपुरी, टोपरा, झिंझरों, दौलतपुर, रेतगढ़, कुंजल शामिल हैं।