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Yamuna Nagar News: संपत्ति विवाद में भाई-भाभी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव बूड़िया में संयुक्त औद्योगिक संपत्ति और बैंक लोन को लेकर दो सगे भाइयों के बीच विवाद हो गया। इस मामले में एक भाई ने दूसरे भाई और भाभी पर धोखाधड़ी, बैंक से मिलीभगत, दस्तावेज चोरी और जान से मारने की धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर थाना बूड़िया पुलिस ने आरोपी भाई उमेश उप्पल और उसकी पत्नी रेणु उप्पल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता विमल उप्पल निवासी हुडा जगाधरी ने बताया कि वह और उसका भाई उमेश उप्पल गांव बूड़िया में स्थित करीब 13 कनाल 9 मरला औद्योगिक संपत्ति के संयुक्त मालिक हैं। इस परिसर में मेटल कारोबार से जुड़ी दो फर्में शिव शक्ति स्ट्रिप्स और शिव शम्भू एल्युमिनियम संचालित हो रही थीं। फैक्टरी का शेड, मशीनरी और कच्चा माल दोनों भाइयों के साझा उपयोग में था।
विमल उप्पल का आरोप है कि पारिवारिक विश्वास के चलते उसने भाई और भाभी के कहने पर कई दस्तावेजों पर बिना जांच-पड़ताल हस्ताक्षर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि इन दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया।
शिकायत में बताया गया कि शिव शक्ति स्ट्रिप्स के तहत उसका रिहायशी मकान एचडीएफसी बैंक में गिरवी रखा गया था, जबकि उमेश और रेणु की संपत्ति शिव शंभू एल्युमिनियम के लोन में गिरवी थी। आर्थिक संकट के दौरान दोनों भाइयों में यह सहमति बनी थी कि वे अपनी-अपनी फर्मों के लोन चुकाकर मकान छुड़ाएंगे। विमल का कहना है कि उसने बैंक के निर्देशानुसार करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये जमा कर दिए, इसके बावजूद उसके मकान के कागजात वापस नहीं किए गए। जांच करने पर सामने आया कि उमेश और रेणु ने जानबूझकर अपनी फर्म का लोन जमा नहीं किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर विमल के मकान को किसी अन्य कृषि लोन से जोड़कर नीलामी का दबाव बनाया गया, जबकि वह मकान किसी दूसरे लोन में गिरवी नहीं था। इसके अलावा उमेश और रेणु पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से फैक्टरी में घुसकर महत्वपूर्ण दस्तावेज उठा लिए, कच्चा माल चोरी कर अपने उपयोग में लिया और फैक्टरी गेट पर ताला लगाकर विमल को बाहर कर दिया।
विमल का आरोप है उसके भाई उमेश ने हथियार दिखाकर उसके बेटे को धमकाया और कथित रूप से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, जिनमें काला राणा नाम के व्यक्ति का हवाला दिया गया, के जरिए परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। थाना बूड़िया के जांच अधिकारी एसआई इम्तियाज अली ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। बैंक से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की भी गहनता से पड़ताल होगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। गांव बूड़िया में संयुक्त औद्योगिक संपत्ति और बैंक लोन को लेकर दो सगे भाइयों के बीच विवाद हो गया। इस मामले में एक भाई ने दूसरे भाई और भाभी पर धोखाधड़ी, बैंक से मिलीभगत, दस्तावेज चोरी और जान से मारने की धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर थाना बूड़िया पुलिस ने आरोपी भाई उमेश उप्पल और उसकी पत्नी रेणु उप्पल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता विमल उप्पल निवासी हुडा जगाधरी ने बताया कि वह और उसका भाई उमेश उप्पल गांव बूड़िया में स्थित करीब 13 कनाल 9 मरला औद्योगिक संपत्ति के संयुक्त मालिक हैं। इस परिसर में मेटल कारोबार से जुड़ी दो फर्में शिव शक्ति स्ट्रिप्स और शिव शम्भू एल्युमिनियम संचालित हो रही थीं। फैक्टरी का शेड, मशीनरी और कच्चा माल दोनों भाइयों के साझा उपयोग में था।
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विमल उप्पल का आरोप है कि पारिवारिक विश्वास के चलते उसने भाई और भाभी के कहने पर कई दस्तावेजों पर बिना जांच-पड़ताल हस्ताक्षर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि इन दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया।
शिकायत में बताया गया कि शिव शक्ति स्ट्रिप्स के तहत उसका रिहायशी मकान एचडीएफसी बैंक में गिरवी रखा गया था, जबकि उमेश और रेणु की संपत्ति शिव शंभू एल्युमिनियम के लोन में गिरवी थी। आर्थिक संकट के दौरान दोनों भाइयों में यह सहमति बनी थी कि वे अपनी-अपनी फर्मों के लोन चुकाकर मकान छुड़ाएंगे। विमल का कहना है कि उसने बैंक के निर्देशानुसार करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये जमा कर दिए, इसके बावजूद उसके मकान के कागजात वापस नहीं किए गए। जांच करने पर सामने आया कि उमेश और रेणु ने जानबूझकर अपनी फर्म का लोन जमा नहीं किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर विमल के मकान को किसी अन्य कृषि लोन से जोड़कर नीलामी का दबाव बनाया गया, जबकि वह मकान किसी दूसरे लोन में गिरवी नहीं था। इसके अलावा उमेश और रेणु पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से फैक्टरी में घुसकर महत्वपूर्ण दस्तावेज उठा लिए, कच्चा माल चोरी कर अपने उपयोग में लिया और फैक्टरी गेट पर ताला लगाकर विमल को बाहर कर दिया।
विमल का आरोप है उसके भाई उमेश ने हथियार दिखाकर उसके बेटे को धमकाया और कथित रूप से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, जिनमें काला राणा नाम के व्यक्ति का हवाला दिया गया, के जरिए परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। थाना बूड़िया के जांच अधिकारी एसआई इम्तियाज अली ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। बैंक से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की भी गहनता से पड़ताल होगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
