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Yamuna Nagar News: कांवड़ संग भक्ति की लहर... भोले के रंग में डूबा शहर
Sun, 09 Aug 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:09 AM IST
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शहर के बीच से निकल रहे पुराने नेशनल हाईवे से विशाल कांवड़ लेकर जाते शिवभक्त। देर रात जब शहर की
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सावन माह में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थे अब यमुनानगर पहुंचने लगे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर करीब 50 किलोमीटर मार्ग पर दिन-रात बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं।
भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़ियों की टोलियां भक्ति गीतों के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं, जिससे पूरा वातावरण शिवमय नजर आ रहा है। कांवड़ लेकर लौट रहे अंबाला निवासी श्रद्धालु अरुण का कहना है कि वे अपने माता-पिता की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए गंगाजल ला रहे हैं।
अंबाला निवासी श्रद्धालु विपिन का कहना है कि परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की उन्नति और मनोकामना पूर्ण होने की श्रद्धा लेकर यह यात्रा कर रहे है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि कठिन यात्रा के बावजूद भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
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कांवड़ियों की सेवा के लिए यमुनानगर में सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, फल, चाय, चिकित्सा सुविधा और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्यकर्मी भी तैनात हैं।
स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। प्रशासन भी कांवड़ यात्रा को लेकर सतर्क है। प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धा, सेवा और समर्पण का यह संगम सावन के पावन माह में जिले को पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगता नजर आ रहा है।
550 पुलिसकर्मी संभाल रहे सुरक्षा
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सात अंतरराज्यीय सहित कुल 34 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे निगरानी हो रही है। करीब 550 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। नाकों पर वाहनों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बेटी के अच्छे भविष्य और उसकी पढ़ाई में सफलता की मन्नत लेकर कांवड़ ला रहा हूं। भोलेनाथ से चाहता हूं कि उसके जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहें। - श्रद्धालु मनोज सैनी, कैथल।
बेटे की गंभीर बीमारी ठीक होने पर कई वर्षों से इच्छा थी कि पैदल कांवड़ लाऊं। इस बार बाबा ने बुलाया तो कांवड़ उठा ली। यात्रा पूरी होने पर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाऊंगा। - श्रद्धालु विकास शर्मा, अंबाला।
परिवार में खुशहाली और आपसी प्रेम बना रहे, इसी कामना के साथ कांवड़ ला रहा हूं। भोलेनाथ से सबके लिए सुख-शांति की कामना के साथ आगे बढ़ रहा है। श्रद्धालु रोहित मलिक, अंबाला।
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यमुनानगर। सावन माह में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थे अब यमुनानगर पहुंचने लगे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर करीब 50 किलोमीटर मार्ग पर दिन-रात बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं।
भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़ियों की टोलियां भक्ति गीतों के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं, जिससे पूरा वातावरण शिवमय नजर आ रहा है। कांवड़ लेकर लौट रहे अंबाला निवासी श्रद्धालु अरुण का कहना है कि वे अपने माता-पिता की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए गंगाजल ला रहे हैं।
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अंबाला निवासी श्रद्धालु विपिन का कहना है कि परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की उन्नति और मनोकामना पूर्ण होने की श्रद्धा लेकर यह यात्रा कर रहे है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि कठिन यात्रा के बावजूद भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
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कांवड़ियों की सेवा के लिए यमुनानगर में सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, फल, चाय, चिकित्सा सुविधा और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्यकर्मी भी तैनात हैं।
स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। प्रशासन भी कांवड़ यात्रा को लेकर सतर्क है। प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धा, सेवा और समर्पण का यह संगम सावन के पावन माह में जिले को पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगता नजर आ रहा है।
550 पुलिसकर्मी संभाल रहे सुरक्षा
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सात अंतरराज्यीय सहित कुल 34 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे निगरानी हो रही है। करीब 550 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। नाकों पर वाहनों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बेटी के अच्छे भविष्य और उसकी पढ़ाई में सफलता की मन्नत लेकर कांवड़ ला रहा हूं। भोलेनाथ से चाहता हूं कि उसके जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहें। - श्रद्धालु मनोज सैनी, कैथल।
बेटे की गंभीर बीमारी ठीक होने पर कई वर्षों से इच्छा थी कि पैदल कांवड़ लाऊं। इस बार बाबा ने बुलाया तो कांवड़ उठा ली। यात्रा पूरी होने पर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाऊंगा। - श्रद्धालु विकास शर्मा, अंबाला।
परिवार में खुशहाली और आपसी प्रेम बना रहे, इसी कामना के साथ कांवड़ ला रहा हूं। भोलेनाथ से सबके लिए सुख-शांति की कामना के साथ आगे बढ़ रहा है। श्रद्धालु रोहित मलिक, अंबाला।

शहर के बीच से निकल रहे पुराने नेशनल हाईवे से विशाल कांवड़ लेकर जाते शिवभक्त। देर रात जब शहर की

शहर के बीच से निकल रहे पुराने नेशनल हाईवे से विशाल कांवड़ लेकर जाते शिवभक्त। देर रात जब शहर की