{"_id":"6a7783403896e79f010e2b4d","slug":"children-from-two-villages-cross-a-seasonal-river-to-go-to-school-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-160968-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बरसाती नदी पार कर स्कूल जाते हैं दो गांवों के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बरसाती नदी पार कर स्कूल जाते हैं दो गांवों के बच्चे
Sun, 09 Aug 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
गांव नगला में नदी पार करते मोहिद्दीनपुर के स्कूली बच्चे। ग्रामीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कौशिक खान
छछरौली। नगला और मोहिद्दीनपुर गांव के बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए जान जोखिम में डालकर बरसाती नदी पार करनी पड़ रही है। दोनों गांवों के बच्चे जैतपुर और ताहरपुरकलां गांव स्थित स्कूल जाते हैं। नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दौरान नदी में अचानक पानी आ जाता है। कई बार बच्चे नदी पार कर रहे होते हैं और इसी दौरान पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, जिनका पानी भर जाने से अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों का नदी पार करना जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीण इमरान शालिम ने बताया कि नगला, मोहिद्दीनपुर और नगली-32 के ग्रामीण करीब 50 वर्षों से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बरसात में रात को परेशानी और बढ़ जाती है। गांव में किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने पर नदी में पानी होने के कारण मरीज को अस्पताल ले जाने में भी देरी होती है। कई बार ग्रामीणों को पानी कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। संवाद
विज्ञापन
चुनाव में मिलते हैं आश्वासन
ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि नदी पर पुल बनवाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी पुल बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नदी पर जल्द स्थायी पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को बरसात के दिनों में जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।
घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियों पर तीन-चार जगह पुल बनाए जाने हैं। सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद टेंडर लगाए जाएंगे। करीब छह महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा। - रेनूबाला, विधायक साढौरा।
विज्ञापन
छछरौली। नगला और मोहिद्दीनपुर गांव के बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए जान जोखिम में डालकर बरसाती नदी पार करनी पड़ रही है। दोनों गांवों के बच्चे जैतपुर और ताहरपुरकलां गांव स्थित स्कूल जाते हैं। नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दौरान नदी में अचानक पानी आ जाता है। कई बार बच्चे नदी पार कर रहे होते हैं और इसी दौरान पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, जिनका पानी भर जाने से अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों का नदी पार करना जोखिम भरा बना हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीण इमरान शालिम ने बताया कि नगला, मोहिद्दीनपुर और नगली-32 के ग्रामीण करीब 50 वर्षों से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बरसात में रात को परेशानी और बढ़ जाती है। गांव में किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने पर नदी में पानी होने के कारण मरीज को अस्पताल ले जाने में भी देरी होती है। कई बार ग्रामीणों को पानी कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। संवाद
विज्ञापन
चुनाव में मिलते हैं आश्वासन
ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि नदी पर पुल बनवाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी पुल बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नदी पर जल्द स्थायी पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को बरसात के दिनों में जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।
घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियों पर तीन-चार जगह पुल बनाए जाने हैं। सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद टेंडर लगाए जाएंगे। करीब छह महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा। - रेनूबाला, विधायक साढौरा।