{"_id":"6a78c48030b60c97260e96ab","slug":"abhishek-of-the-five-foot-parthiveshwar-mahadev-tomorrow-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-161027-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पांच फीट के पार्थिवेश्वर महादेव का अभिषेक कल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पांच फीट के पार्थिवेश्वर महादेव का अभिषेक कल
Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
प्राचीन सूरजकुंड मंदिर अमादलपुर में शिवलिंग का पूजन करते श्रद्धालु। श्रद्धालु
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्राचीन सूरजकुंड मंदिर अमादलपुर में भगवान शिव की आराधना का विशेष आयोजन किया जाएगा। आचार्य त्रिलोक महाराज के नेतृत्व में 11 अगस्त को शाम सात बजे मंदिर परिसर में पांच फुट ऊंचे पार्थिवेश्वर महादेव का पूजन और भव्य अभिषेक किया जाएगा।
आचार्य ने बताया कि पांच फुट ऊंचे इस शिवलिंग का निर्माण देश के विभिन्न पवित्र तीर्थ स्थलों से लाई गई मिट्टी से किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न तीर्थों की पावन मिट्टी से निर्मित शिवलिंग सनातन परंपरा, आस्था और देश की धार्मिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन शुरू होगा। विद्वान आचार्यों और ब्राह्मणों की ओर से रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
भगवान शिव का 101 लीटर दूध के साथ गंगाजल, पंचामृत, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन और पुष्प आदि से अभिषेक किया जाएगा। पूरे अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राष्टाध्यायी पाठ, शिव महिम्न स्तोत्र और भजनों का आयोजन होगा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। प्राचीन सूरजकुंड मंदिर अमादलपुर में भगवान शिव की आराधना का विशेष आयोजन किया जाएगा। आचार्य त्रिलोक महाराज के नेतृत्व में 11 अगस्त को शाम सात बजे मंदिर परिसर में पांच फुट ऊंचे पार्थिवेश्वर महादेव का पूजन और भव्य अभिषेक किया जाएगा।
आचार्य ने बताया कि पांच फुट ऊंचे इस शिवलिंग का निर्माण देश के विभिन्न पवित्र तीर्थ स्थलों से लाई गई मिट्टी से किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न तीर्थों की पावन मिट्टी से निर्मित शिवलिंग सनातन परंपरा, आस्था और देश की धार्मिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन शुरू होगा। विद्वान आचार्यों और ब्राह्मणों की ओर से रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन
भगवान शिव का 101 लीटर दूध के साथ गंगाजल, पंचामृत, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन और पुष्प आदि से अभिषेक किया जाएगा। पूरे अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राष्टाध्यायी पाठ, शिव महिम्न स्तोत्र और भजनों का आयोजन होगा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय होगा।
विज्ञापन