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Yamuna Nagar News: तेजली खेल परिसर में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
Mon, 10 Aug 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:06 AM IST
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तेजली खेल परिसर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। तेजली खेल परिसर में जल्द ही खेल सुविधाओं का विस्तार होगा। परिसर में पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके बाद तीरंदाजी के लिए मैदान बनेगा। सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार होगा।
यह काम एचएसआरडीसी की ओर से किया जाएगा। इंजीनियर ने मैदान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस महीने इसकी ड्राइंग भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद एचएसआरडीसी की ओर से इसका एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी अनुमति दे दी गई है और एचएसआरडीसी ने अपना काम शुरू कर दिया है।
सब कुछ योजना अनुसार ठीक चला तो संभव है तीन से चार महीने में खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक और तीरंदाजी मैदान मिल जाएगा। यह दोनों सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों को काफी लाभ होगा। अभी सुविधा न होने के कारण खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। खिलाड़ियों को घास व मिट्टी में दौड़ना पड़ता है। इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है।
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प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक पर प्रदर्शन करना होता है। जिले के खिलाड़ियों को इसका अभ्यास नहीं होता है, जिस कारण वे प्रति स्पर्धा में पिछड़ जाते हैं। वर्ष 2021 में आठ लेन के 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनाने की घोषणा की गई थी। इसके डेढ़ वर्ष बाद 2023 में करीब 7.87 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया था।
इसके बाद विभागीय कारणों से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। अब विभाग ने दोबारा योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए अब नए सिरे से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पांच वर्ष में महंगाई काफी बढ़ गई है। ऐसे में सिंथेटिक ट्रैक की लागत भी डेढ़ से दोगुना होने की संभावना है। अभी इसका एस्टीमेट बनाया जाना है।
तेजली खेल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक और तीरंदाजी मैदान बनाने की योजना है। इसके लिए एचएसआरडीसी को काम दिया गया है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक यह काम पूरे हो जाएंगे। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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जगाधरी। तेजली खेल परिसर में जल्द ही खेल सुविधाओं का विस्तार होगा। परिसर में पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके बाद तीरंदाजी के लिए मैदान बनेगा। सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार होगा।
यह काम एचएसआरडीसी की ओर से किया जाएगा। इंजीनियर ने मैदान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस महीने इसकी ड्राइंग भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद एचएसआरडीसी की ओर से इसका एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी अनुमति दे दी गई है और एचएसआरडीसी ने अपना काम शुरू कर दिया है।
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सब कुछ योजना अनुसार ठीक चला तो संभव है तीन से चार महीने में खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक और तीरंदाजी मैदान मिल जाएगा। यह दोनों सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों को काफी लाभ होगा। अभी सुविधा न होने के कारण खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। खिलाड़ियों को घास व मिट्टी में दौड़ना पड़ता है। इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है।
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प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक पर प्रदर्शन करना होता है। जिले के खिलाड़ियों को इसका अभ्यास नहीं होता है, जिस कारण वे प्रति स्पर्धा में पिछड़ जाते हैं। वर्ष 2021 में आठ लेन के 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनाने की घोषणा की गई थी। इसके डेढ़ वर्ष बाद 2023 में करीब 7.87 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया था।
इसके बाद विभागीय कारणों से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। अब विभाग ने दोबारा योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए अब नए सिरे से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पांच वर्ष में महंगाई काफी बढ़ गई है। ऐसे में सिंथेटिक ट्रैक की लागत भी डेढ़ से दोगुना होने की संभावना है। अभी इसका एस्टीमेट बनाया जाना है।
तेजली खेल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक और तीरंदाजी मैदान बनाने की योजना है। इसके लिए एचएसआरडीसी को काम दिया गया है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक यह काम पूरे हो जाएंगे। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।