{"_id":"6a78cc0e49bf5b15c203ed57","slug":"devotees-were-told-about-the-significance-of-devotion-to-the-guru-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-160988-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं को बताया गुरु की भक्ति का महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं को बताया गुरु की भक्ति का महत्व
Mon, 10 Aug 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान जगाधरी में सत्संग सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट जगाधरी में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी भावना भारती ने श्रद्धालुओं को गुरु की भक्ति का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण साधक के आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुरु वे दिव्य शक्ति हैं जो अज्ञान के अंधकार से निकाल कर शिष्य को आत्मज्ञान और सत्य के प्रकाश की ओर ले जाती है। गुरु के प्रति सच्ची भक्ति उनके द्वारा बताए गए ज्ञान और मार्ग को अपने जीवन में धारण करना है।
साध्वी ने कहा कि एक सच्चे शिष्य के हृदय में गुरु के प्रति श्रद्धा, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना होती है। जब साधक अपने अहंकार और अपनी सीमित बुद्धि को गुरु चरणों में समर्पित करता है, तभी उसके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। गुरु की कृपा और मार्गदर्शन से साधक जीवन की वास्तविकता को समझने तथा अपने भीतर स्थित दिव्य चेतना का अनुभव करने की दिशा में आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गुरु भक्ति केवल भावनाओं तक सीमित न हो अपितु इसका प्रतिबिंब शिष्य के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा वही है, जब शिष्य अपने जीवन में सत्य, सेवा, संयम, प्रेम और करुणा जैसे गुणों को अपनाता है तथा गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर निरंतर चलने का प्रयास करता है। आज के भौतिकतावादी युग में मनुष्य अनेक प्रकार के आकर्षणों और तनावों से घिरा हुआ है। ऐसे समय में आध्यात्मिक ज्ञान ही मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है।
विज्ञापन
जगाधरी। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट जगाधरी में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी भावना भारती ने श्रद्धालुओं को गुरु की भक्ति का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण साधक के आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुरु वे दिव्य शक्ति हैं जो अज्ञान के अंधकार से निकाल कर शिष्य को आत्मज्ञान और सत्य के प्रकाश की ओर ले जाती है। गुरु के प्रति सच्ची भक्ति उनके द्वारा बताए गए ज्ञान और मार्ग को अपने जीवन में धारण करना है।
विज्ञापन
साध्वी ने कहा कि एक सच्चे शिष्य के हृदय में गुरु के प्रति श्रद्धा, विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना होती है। जब साधक अपने अहंकार और अपनी सीमित बुद्धि को गुरु चरणों में समर्पित करता है, तभी उसके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। गुरु की कृपा और मार्गदर्शन से साधक जीवन की वास्तविकता को समझने तथा अपने भीतर स्थित दिव्य चेतना का अनुभव करने की दिशा में आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गुरु भक्ति केवल भावनाओं तक सीमित न हो अपितु इसका प्रतिबिंब शिष्य के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा वही है, जब शिष्य अपने जीवन में सत्य, सेवा, संयम, प्रेम और करुणा जैसे गुणों को अपनाता है तथा गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर निरंतर चलने का प्रयास करता है। आज के भौतिकतावादी युग में मनुष्य अनेक प्रकार के आकर्षणों और तनावों से घिरा हुआ है। ऐसे समय में आध्यात्मिक ज्ञान ही मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है।