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Yamuna Nagar News: कॉलेजों में अभी तक 45 फीसदी से कम हुए आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 03:58 AM IST
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जगाधरी। यूजी कोर्स में दाखिले के आवेदन के लिए पांच दिन शेष हैं, लेकिन महाविद्यालयों में आवेदन नहीं बढ़ पा रहे हैं। दाखिला समिति के सदस्य पूरा दिन खाली बैठकर लौट जा रहे हैं। विद्यार्थियों का यूजी कोर्स में दाखिला लेने का बिल्कुल भी रुझान नहीं दिख रहा है। वहीं, जिले में रोजगारपरक कोर्स करवाने वाले संस्थानों में भी यही स्थिति बनी हुई है। शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. पीके वाजपेयी का कहना है कि विद्यार्थी दूसरे राज्यों व जिलों के कॉलेज व विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण कॉलेज की प्लेसमेंट से कंपनी में नियुक्ति है।
कई निजी विश्वविद्यालय रोजगार की गारंटी दे रहे हैं, ऐसे में विद्यार्थियों का रुझान उनके प्रति बढ़ा है। इसके विपरीत जिले में रोजगारपरक कोर्स करवाने वाले संस्थान कम हैं। अधिकांश महाविद्यालयों में रोजगारपरक की अपेक्षा रेगुलर कोर्स में ज्यादा सीटें हैं। कम सीटें होने के कारण नंबर न पड़ने की संभावना से भी विद्यार्थी ऐसे संस्थानों में आवेदन नहीं कर रहे हैं। वहीं, एडिड कॉलेज की अपेक्षा राजकीय महाविद्यालयों में स्थिति ज्यादा खराब है। चूंकि जिले के पांचों राजकीय संस्थानों में आवेदन उम्मीद से बहुत कम हुए हैं।
जिले के पांचों राजकीय महाविद्यालयों में कुल 2,210 सीटें हैं और अब तक इनमें करीब 1,200 ही आवेदन हो पाएग हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रतापनगर और सरस्वतीनगर महाविद्यालय में बुधवार को कोई भी आवेदन नहीं हुआ। प्रतापनगर महाविद्यालय की 100 सीटों में से कुल 17 ही आवेदन हुए हैं। वहीं, राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर में 240 सीटों से 50 से भी कम आवेदन हुए हैं। बीए, बी.कॉम, बीएससी में सीटों से 25 प्रतिशत से भी कम आवेदन आए हैं। किसी भी कॉलेज में बीए और बी.कॉम, बीएससी में 30 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन नहीं हो पाए हैं। महाराजा अग्रसेन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. करुणा ने बताया कि विद्यार्थियों का रुझान रोजगारपरक व कौशल आधारित कोर्स में अधिक है। संवाद
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व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर किया जा रहा है प्रेरित
प्रतापनगर महाविद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है। इसमें तमाम राजकीय व निजी विद्यालयों अध्यापकों, प्राचार्यों व विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। उन्हें सरकारी कॉलेज में मिलने वाली सुविधाएं व योजना के लाभों के बारे बताया जा रहा है। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और आवेदन की संख्या भी बढ़ेगी।
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कई निजी विश्वविद्यालय रोजगार की गारंटी दे रहे हैं, ऐसे में विद्यार्थियों का रुझान उनके प्रति बढ़ा है। इसके विपरीत जिले में रोजगारपरक कोर्स करवाने वाले संस्थान कम हैं। अधिकांश महाविद्यालयों में रोजगारपरक की अपेक्षा रेगुलर कोर्स में ज्यादा सीटें हैं। कम सीटें होने के कारण नंबर न पड़ने की संभावना से भी विद्यार्थी ऐसे संस्थानों में आवेदन नहीं कर रहे हैं। वहीं, एडिड कॉलेज की अपेक्षा राजकीय महाविद्यालयों में स्थिति ज्यादा खराब है। चूंकि जिले के पांचों राजकीय संस्थानों में आवेदन उम्मीद से बहुत कम हुए हैं।
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जिले के पांचों राजकीय महाविद्यालयों में कुल 2,210 सीटें हैं और अब तक इनमें करीब 1,200 ही आवेदन हो पाएग हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रतापनगर और सरस्वतीनगर महाविद्यालय में बुधवार को कोई भी आवेदन नहीं हुआ। प्रतापनगर महाविद्यालय की 100 सीटों में से कुल 17 ही आवेदन हुए हैं। वहीं, राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर में 240 सीटों से 50 से भी कम आवेदन हुए हैं। बीए, बी.कॉम, बीएससी में सीटों से 25 प्रतिशत से भी कम आवेदन आए हैं। किसी भी कॉलेज में बीए और बी.कॉम, बीएससी में 30 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन नहीं हो पाए हैं। महाराजा अग्रसेन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. करुणा ने बताया कि विद्यार्थियों का रुझान रोजगारपरक व कौशल आधारित कोर्स में अधिक है। संवाद
व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर किया जा रहा है प्रेरित
प्रतापनगर महाविद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है। इसमें तमाम राजकीय व निजी विद्यालयों अध्यापकों, प्राचार्यों व विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। उन्हें सरकारी कॉलेज में मिलने वाली सुविधाएं व योजना के लाभों के बारे बताया जा रहा है। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और आवेदन की संख्या भी बढ़ेगी।