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Yamuna Nagar News: अधिवक्ता पर एफआईआर दर्ज होने के विरोध में बार ने की हड़ताल
Tue, 14 Jul 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ शहर यमुनानगर थाना में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर के विरोध में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन जगाधरी ने हड़ताल कर अदालतों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने एफआईआर को झूठी, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों के विपरीत बताते हुए प्रधान विक्रांत सिंह चौहान के नेतृत्व में बार कार्यालय से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च निकाला और एसपी के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जिला बार एसोसिएशन ने एसपी को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में वास्तविक तथ्यों की अनदेखी कर दर्ज की गई है। वहीं शिकायतकर्ता विकास ने बताया कि वर्ष 2021 में मॉडल टाउन स्थित मकान बेचते समय आरोपियों ने संपत्ति से संबंधित लंबित दीवानी मुकदमे और न्यायालय में चल रहे विवाद की जानकारी छिपाई।
शिकायत के अनुसार मकान को विवादमुक्त बताकर रजिस्ट्री करवाई गई, जबकि बाद में पता चला कि संपत्ति को लेकर मामला पहले से अदालत में विचाराधीन था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संपत्ति बेचने के बाद झूठे दस्तावेज और आरोपों के जरिए खुद जमीन बेचकर दोबारा कब्जा करने की साजिश रची गई।
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आरोप है कि रजिस्ट्री कराने में एफआईआर में शामिल लोग बतौर गवाह है। वहीं एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला पूरी तरह दीवानी प्रकृति का है, जिस पर सक्षम सिविल न्यायालय में पहले से सुनवाई हो चुकी है। इसके बावजूद आपराधिक मामला दर्ज कर अधिवक्ता और उनके परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि हरमनजीत सिंह ने 19 मार्च को पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी सभी न्यायालय आदेशों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखा व निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
बार एसोसिएशन ने मांग की कि एफआईआर की निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाए व जांच पूरी होने तक हरमनजीत सिंह और उनके परिवार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। साथ ही 19 मार्च को दी गई शिकायत के आधार पर वास्तविक आरोपियों के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाए।
प्रधान विक्रांत सिंह चौहान ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर किसी अधिवक्ता को प्रताड़ित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित कार्रवाई नहीं की तो बार एसोसिएशन आंदोलन और तेज करेगा। सोमवार को हड़ताल के चलते जिला अदालतों में अधिकांश न्यायिक कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने डीजीपी को लिखा पत्र
अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चंडीगढ़ भी सक्रिय हो गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सूद ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और तटस्थ जांच कराने की मांग की है। पत्र की प्रति एसपी यमुनानगर को भी भेजी गई है। एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई सभी तथ्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के बाद ही होनी चाहिए।
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यमुनानगर। अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ शहर यमुनानगर थाना में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर के विरोध में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन जगाधरी ने हड़ताल कर अदालतों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने एफआईआर को झूठी, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों के विपरीत बताते हुए प्रधान विक्रांत सिंह चौहान के नेतृत्व में बार कार्यालय से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च निकाला और एसपी के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जिला बार एसोसिएशन ने एसपी को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में वास्तविक तथ्यों की अनदेखी कर दर्ज की गई है। वहीं शिकायतकर्ता विकास ने बताया कि वर्ष 2021 में मॉडल टाउन स्थित मकान बेचते समय आरोपियों ने संपत्ति से संबंधित लंबित दीवानी मुकदमे और न्यायालय में चल रहे विवाद की जानकारी छिपाई।
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शिकायत के अनुसार मकान को विवादमुक्त बताकर रजिस्ट्री करवाई गई, जबकि बाद में पता चला कि संपत्ति को लेकर मामला पहले से अदालत में विचाराधीन था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संपत्ति बेचने के बाद झूठे दस्तावेज और आरोपों के जरिए खुद जमीन बेचकर दोबारा कब्जा करने की साजिश रची गई।
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आरोप है कि रजिस्ट्री कराने में एफआईआर में शामिल लोग बतौर गवाह है। वहीं एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला पूरी तरह दीवानी प्रकृति का है, जिस पर सक्षम सिविल न्यायालय में पहले से सुनवाई हो चुकी है। इसके बावजूद आपराधिक मामला दर्ज कर अधिवक्ता और उनके परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि हरमनजीत सिंह ने 19 मार्च को पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी सभी न्यायालय आदेशों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखा व निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
बार एसोसिएशन ने मांग की कि एफआईआर की निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाए व जांच पूरी होने तक हरमनजीत सिंह और उनके परिवार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। साथ ही 19 मार्च को दी गई शिकायत के आधार पर वास्तविक आरोपियों के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाए।
प्रधान विक्रांत सिंह चौहान ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर किसी अधिवक्ता को प्रताड़ित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित कार्रवाई नहीं की तो बार एसोसिएशन आंदोलन और तेज करेगा। सोमवार को हड़ताल के चलते जिला अदालतों में अधिकांश न्यायिक कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने डीजीपी को लिखा पत्र
अधिवक्ता हरमनजीत सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चंडीगढ़ भी सक्रिय हो गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सूद ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और तटस्थ जांच कराने की मांग की है। पत्र की प्रति एसपी यमुनानगर को भी भेजी गई है। एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई सभी तथ्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के बाद ही होनी चाहिए।