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Yamuna Nagar News: आठ दिन के धरना-प्रदर्शन के बाद बैंक ने रद्द की प्लाट की नीलामी
Tue, 14 Jul 2026 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:25 AM IST
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पीएनबी का शटर बंद कर धरने पर बैठे भाकियू के पदाधिकारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर भारतीय किसान यूनियन का आठ दिन से चल रहा धरना सोमवार को अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद समाप्त हो गया। वार्ता में किसान मोहन सिंह के प्लाट की नीलामी रद्द करने पर सहमति बनीं।
इस दौरान बैंक का शटर करीब दो घंटे तक बंद रहा, जिससे बैंक का कामकाज प्रभावित हुआ और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में मामला सुलझा। भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि जम्मू कॉलोनी निवासी 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के बेटे रणजीत सिंह ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 10 लाख रुपये का होम लोन लिया था।
रणजीत सिंह के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मोहन सिंह के दोनों बेटों की मृत्यु हो चुकी है और परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। किसानों का कहना था कि परिवार करीब साढ़े चार लाख रुपये बैंक में जमा करा चुका था, लेकिन शेष राशि चुकाने में असमर्थ थे। इसके बावजूद बैंक ने प्लॉट की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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किसान नेताओं के अनुसार बैंक ने सात जुलाई को की गई ऑनलाइन नीलामी रद्द कर दी और प्लॉट मोहन सिंह को वापस कर दिया। ब्याज सहित करीब 11.90 लाख रुपये की देनदारी में लगभग दो लाख रुपये की राहत दी गई तथा परिवार को शेष राशि जमा कराने के लिए एक माह का समय दिया गया। इसके बाद किसान समाधान से संतुष्ट हो गए और धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
वार्ता में करनाल से बैंक के चीफ मैनेजर सुशील हंडूजा, चंडीगढ़ से सुलतान सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं भाकियू की ओर से पंचकूला के जिलाध्यक्ष गुरप्यार सिंह, अंबाला के जिलाध्यक्ष सिंगारा सिंह, कुरुक्षेत्र के जिलाध्यक्ष रामधारी सिंह, करनाल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह घुम्मन और यमुनानगर के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर सहित पांच जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी बैंक का विरोध करना नहीं, बल्कि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को मानवीय आधार पर न्याय दिलाना है। पहले भी संगठन कई किसानों के बैंक संबंधी मामलों का समाधान वार्ता के माध्यम से करवा चुका है और आगे भी किसानों के हितों की लड़ाई जारी रखेगा। इस मौके पर यादविंद्र कांबोज, नरेश मोहड़ी, सुभाष शर्मा, जसबीर अजीजपुर सतपाल मानकपुर, महिंद्र चमरौड़ी, कुलविंद्र सिद्दू, जगतार रानीपुर, सरदार सुखदेव सिंह, दलबीर कैल, हरपाल सुढल मौजूद रहे।
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यमुनानगर। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर भारतीय किसान यूनियन का आठ दिन से चल रहा धरना सोमवार को अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद समाप्त हो गया। वार्ता में किसान मोहन सिंह के प्लाट की नीलामी रद्द करने पर सहमति बनीं।
इस दौरान बैंक का शटर करीब दो घंटे तक बंद रहा, जिससे बैंक का कामकाज प्रभावित हुआ और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में मामला सुलझा। भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि जम्मू कॉलोनी निवासी 77 वर्षीय किसान मोहन सिंह के बेटे रणजीत सिंह ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 10 लाख रुपये का होम लोन लिया था।
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रणजीत सिंह के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मोहन सिंह के दोनों बेटों की मृत्यु हो चुकी है और परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। किसानों का कहना था कि परिवार करीब साढ़े चार लाख रुपये बैंक में जमा करा चुका था, लेकिन शेष राशि चुकाने में असमर्थ थे। इसके बावजूद बैंक ने प्लॉट की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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किसान नेताओं के अनुसार बैंक ने सात जुलाई को की गई ऑनलाइन नीलामी रद्द कर दी और प्लॉट मोहन सिंह को वापस कर दिया। ब्याज सहित करीब 11.90 लाख रुपये की देनदारी में लगभग दो लाख रुपये की राहत दी गई तथा परिवार को शेष राशि जमा कराने के लिए एक माह का समय दिया गया। इसके बाद किसान समाधान से संतुष्ट हो गए और धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
वार्ता में करनाल से बैंक के चीफ मैनेजर सुशील हंडूजा, चंडीगढ़ से सुलतान सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं भाकियू की ओर से पंचकूला के जिलाध्यक्ष गुरप्यार सिंह, अंबाला के जिलाध्यक्ष सिंगारा सिंह, कुरुक्षेत्र के जिलाध्यक्ष रामधारी सिंह, करनाल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह घुम्मन और यमुनानगर के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर सहित पांच जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी बैंक का विरोध करना नहीं, बल्कि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को मानवीय आधार पर न्याय दिलाना है। पहले भी संगठन कई किसानों के बैंक संबंधी मामलों का समाधान वार्ता के माध्यम से करवा चुका है और आगे भी किसानों के हितों की लड़ाई जारी रखेगा। इस मौके पर यादविंद्र कांबोज, नरेश मोहड़ी, सुभाष शर्मा, जसबीर अजीजपुर सतपाल मानकपुर, महिंद्र चमरौड़ी, कुलविंद्र सिद्दू, जगतार रानीपुर, सरदार सुखदेव सिंह, दलबीर कैल, हरपाल सुढल मौजूद रहे।