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Yamuna Nagar News: स्वरोजगार से आर्थिक रूप से हो रहीं सशक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:37 AM IST
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सिलाई का काम करतीं ममता रानी। स्वयं
- फोटो : Samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में रामगढ़ माजरा गांव का महक स्वयं सहायता समूह मिसाल बनकर उभरा है। वर्ष 2018 में गठित इस समूह ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत करने का काम किया है।
महक समूह की समूह सखी एवं प्रधान ममता रानी के नेतृत्व में 10 महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। यह समूह श्री गणेषाय नमः ग्राम संगठन के अंतर्गत कार्य करता है तथा संजीवनी क्लस्टर महिला फेडरेशन से जुड़ा हुआ है।
समूह की प्रधान ममता रानी सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हैं। सचिव बेबी पशुपालन के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं, जबकि खजांची सविता भी पशुपालन व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। समूह की सदस्य नीलम फास्ट फूड तैयार कर गांव और आसपास के क्षेत्रों में ऑर्डर पर उपलब्ध कराती हैं।
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इसके अलावा जसवंती पशुपालन के साथ-साथ करियाना और मनियारी सामान की दुकान संचालित कर रही हैं। सदस्य कुसुम और निर्मला पशुपालन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सोमी देवी सिलाई-कढ़ाई के कार्य से जुड़ी हैं, जबकि सुमन डेयरी संचालन के साथ दूध की दुकान भी चला रही हैं। मंजीत सहित अन्य सदस्य भी समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
समूह सखी ममता रानी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें बचत के साथ स्वरोजगार के अवसर भी मिले हैं। समूह की सदस्य नियमित बैठकों के माध्यम से बचत, ऋण और आयवर्धन गतिविधियों पर चर्चा करती हैं तथा जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की आर्थिक सहायता भी करती हैं।
उन्होंने बताया कि गांव में वर्तमान में कुल आठ स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से अनेक महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। समूहों के जरिए महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है, जिससे वे विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जुड़ पा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महक समूह की पहल अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। स्वरोजगार और सामूहिक प्रयासों के बल पर समूह की सदस्य न केवल अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
यमुनानगर। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में रामगढ़ माजरा गांव का महक स्वयं सहायता समूह मिसाल बनकर उभरा है। वर्ष 2018 में गठित इस समूह ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत करने का काम किया है।
महक समूह की समूह सखी एवं प्रधान ममता रानी के नेतृत्व में 10 महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। यह समूह श्री गणेषाय नमः ग्राम संगठन के अंतर्गत कार्य करता है तथा संजीवनी क्लस्टर महिला फेडरेशन से जुड़ा हुआ है।
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समूह की प्रधान ममता रानी सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हैं। सचिव बेबी पशुपालन के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं, जबकि खजांची सविता भी पशुपालन व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। समूह की सदस्य नीलम फास्ट फूड तैयार कर गांव और आसपास के क्षेत्रों में ऑर्डर पर उपलब्ध कराती हैं।
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इसके अलावा जसवंती पशुपालन के साथ-साथ करियाना और मनियारी सामान की दुकान संचालित कर रही हैं। सदस्य कुसुम और निर्मला पशुपालन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सोमी देवी सिलाई-कढ़ाई के कार्य से जुड़ी हैं, जबकि सुमन डेयरी संचालन के साथ दूध की दुकान भी चला रही हैं। मंजीत सहित अन्य सदस्य भी समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
समूह सखी ममता रानी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें बचत के साथ स्वरोजगार के अवसर भी मिले हैं। समूह की सदस्य नियमित बैठकों के माध्यम से बचत, ऋण और आयवर्धन गतिविधियों पर चर्चा करती हैं तथा जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की आर्थिक सहायता भी करती हैं।
उन्होंने बताया कि गांव में वर्तमान में कुल आठ स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से अनेक महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। समूहों के जरिए महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है, जिससे वे विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जुड़ पा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महक समूह की पहल अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। स्वरोजगार और सामूहिक प्रयासों के बल पर समूह की सदस्य न केवल अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

सिलाई का काम करतीं ममता रानी। स्वयं- फोटो : Samvad