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Yamuna Nagar News: दो विभागों की खींचतान के बीच बुझीं शहर में लगी फैंसी स्ट्रीट लाइटें

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 09 Jun 2026 01:44 AM IST
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Fancy streetlights in the city went dark amidst a tussle between two departments
शहर में बंद पड़ी फैंसी लाइटें। संवाद - फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी

यमुनानगर। शहर की सड़कों को रोशन करने के लिए कई करोड़ रुपये खर्च कर लगाई गई फैंसी स्ट्रीट लाइटें दो सरकारी विभागों की खींचतान का शिकार हैं। बंद पड़ी लाइटों का खामियाजा सीधे तौर पर शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शाम ढलते ही शहर के कई प्रमुख मार्ग अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं और असुरक्षा का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी की बिजली शाखा की ओर से शहर के विभिन्न मार्गों पर फैंसी लाइटें लगाई गई थीं। योजना के तहत बाद में इन लाइटों को नगर निगम को हैंडओवर किया जाना था, ताकि उनका रखरखाव और संचालन निगम कर सके। हालांकि वर्षों बीतने के बावजूद नगर निगम ने अभी तक इन लाइटों को आधिकारिक रूप से टेकओवर नहीं किया है।
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परिणामस्वरूप करीब 350 लाइटें ऐसी हैं जिनकी जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि इनमें से ज्यादातर लाइटें खराब ही पड़ी हैं। शहर के कई महत्वपूर्ण मार्ग इस समस्या से प्रभावित हैं। जिला सचिवालय के सामने से गुजरने वाले जगाधरी बस स्टैंड रोड पर सेक्टर-17 मोड़ से लेकर बस स्टैंड तक दर्जनों स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
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इसी प्रकार रक्षक विहार नाका से व्यासपुर की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे पर जेल तक अधिकांश लाइटें खराब हैं। जगाधरी बस स्टैंड के सामने से लेकर रक्षक विहार नाका तक भी सड़क किनारे लगी ज्यादातर फैंसी लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। इतना ही नहीं, जगाधरी बस स्टैंड से महाराजा अग्रसेन चौक तक लगाए गए प्रकाश व्यवस्था के पोल भी पर्याप्त रोशनी देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर चूना भट्ठी से लेकर मानकपुर तक की स्थिति और भी खराब है। यहां रात के समय लगभग पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। वहीं महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को भी रात के समय असुरक्षा महसूस होती है।
लाइटें लगाए जाने के बाद से कई बार नगर निगम के तकनीकी विंग को पत्र लिखे जा चुके हैं। निगम को बार-बार लाइटें टेकओवर करने के लिए कहा गया। न तो पत्रों का जवाब मिला और न ही इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई की गई। - संदीप वर्मा, एसडीओ, बिजली शाखा, पीडब्ल्यूडी।
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