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Yamuna Nagar News: एक साल से नहीं हुई कोचिंग सेंटरों की जांच, छात्रों की जान से हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 25 Jun 2026 03:54 AM IST
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शहर के एससीओ में दूसरी मंजिल पर चल रहा कोचिंग सेंटर। संवाद
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यमुनानगर। पिछले एक वर्ष में जिले में किसी भी कोचिंग सेंटर की नियमित जांच नहीं हुई है। जिससे दमकल विभाग व जिला प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है। गनीमत यह है कि अब अब तक जिले में लखनऊ व दिल्ली जैसा कोई हादसा नहीं हुआ है। जब कोई हादसा हुआ तो अधिकारियों को अपने आप ही नियम याद आ जाएंगे। अब अधिकारी किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आने की बात कह रहे हैं फिर हादसा होने पर खुद ही कार्रवाई करने पहुंच जाएंगे। हालांकि लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है। जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब हरकत में आया है। उपायुक्त प्रीति ने संबंधित विभागों को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को जिला सचिवालय में आयोजित बैठक में डीसी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम और दमकल विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जल्द से जल्द सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के आदेश दिए। टीम भवनों की संरचना, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, फायर एनओसी व अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जिले में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच नहीं की गई। ऐसे में कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। डीसी ने निर्देश दिए हैं कि जिन कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी नहीं है या जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।आवश्यक होने पर नोटिस जारी करने के साथ-साथ संस्थान का संचालन भी बंद कराया जा सकता है। प्रशासन की इस कार्रवाई को विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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- शिकायत का इंतजार करता रहा दमकल विभाग, सुरक्षा पर उठे सवाल
जिले के कोचिंग सेंटरों की लंबे समय से जांच न होने पर दमकल विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जिला दमकल अधिकारी पंकज परासर का कहना है कि विभाग को किसी भी कोचिंग सेंटर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली, जिसके आधार पर जांच की जा सके। हालांकि बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं होने की बात सामने आने के बाद विभाग की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुरक्षा जांच के लिए शिकायत या हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
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बुधवार को जिला सचिवालय में आयोजित बैठक में डीसी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम और दमकल विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जल्द से जल्द सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के आदेश दिए। टीम भवनों की संरचना, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, फायर एनओसी व अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जिले में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच नहीं की गई। ऐसे में कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। डीसी ने निर्देश दिए हैं कि जिन कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी नहीं है या जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।आवश्यक होने पर नोटिस जारी करने के साथ-साथ संस्थान का संचालन भी बंद कराया जा सकता है। प्रशासन की इस कार्रवाई को विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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- शिकायत का इंतजार करता रहा दमकल विभाग, सुरक्षा पर उठे सवाल
जिले के कोचिंग सेंटरों की लंबे समय से जांच न होने पर दमकल विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जिला दमकल अधिकारी पंकज परासर का कहना है कि विभाग को किसी भी कोचिंग सेंटर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली, जिसके आधार पर जांच की जा सके। हालांकि बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं होने की बात सामने आने के बाद विभाग की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुरक्षा जांच के लिए शिकायत या हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
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