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Yamuna Nagar News: 142 फीडर ब्रेकडाउन होने से रातभर रहा अंधेरा
Sat, 24 Oct 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:56 AM IST
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अग्रसेन चौक पर बिजली बाधित होने पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करता होमगार्ड का जवान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले में बिजली व्यवस्था चरमराई रही। करीब 40 घंटे के दौरान जिले में 142 फीडर ब्रेकडाउन हो गए।
जिले की बिजली आपूर्ति 39 उपकेंद्रों पर निर्भर है। इनमें पांच उपकेंद्र 220 केवी, 20 उपकेंद्र 66 केवी और नौ उपकेंद्र 33 केवी क्षमता के हैं। इसके अलावा पांच उपकेंद्र 11 केवी क्षमता के हैं। वीरवार रातभर बिजली गुल रहने से आधे से अधिक जिले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में पेयजल संकट गहरा गया, उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हुआ।
वहीं चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल प्रभावित होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ी। होमगार्ड जवानों ने वाहनों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। जिले की लगभग सभी अनाज मंडियों में धान खरीद की प्रक्रिया भी धीमी रही। शुक्रवार को देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
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रात में लोगों को मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे गुजारा करना पड़ा। बिजली बाधित रहने से पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे क्षेत्रों से व्यवस्था करनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया। पशुओं के लिए हरा चारा काटने और पानी की व्यवस्था करने में भी परेशानी हुई। कई किसानों ने आसपास के जोहड़ों में पशुओं को पानी पिलाया। जगाधरी निवासी राजीव ने बताया कि रात में अंधेरा होने के कारण उनकी मां शौचालय में गिर गईं और उनके सिर में चोट लग गई। रातभर टॉर्च के सहारे उनकी देखभाल करनी पड़ी। सुबह छोटे-मोटे काम निपटाने के लिए घर में जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
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यमुनानगर। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले में बिजली व्यवस्था चरमराई रही। करीब 40 घंटे के दौरान जिले में 142 फीडर ब्रेकडाउन हो गए।
जिले की बिजली आपूर्ति 39 उपकेंद्रों पर निर्भर है। इनमें पांच उपकेंद्र 220 केवी, 20 उपकेंद्र 66 केवी और नौ उपकेंद्र 33 केवी क्षमता के हैं। इसके अलावा पांच उपकेंद्र 11 केवी क्षमता के हैं। वीरवार रातभर बिजली गुल रहने से आधे से अधिक जिले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में पेयजल संकट गहरा गया, उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हुआ।
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वहीं चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल प्रभावित होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ी। होमगार्ड जवानों ने वाहनों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। जिले की लगभग सभी अनाज मंडियों में धान खरीद की प्रक्रिया भी धीमी रही। शुक्रवार को देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
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रात में लोगों को मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे गुजारा करना पड़ा। बिजली बाधित रहने से पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे क्षेत्रों से व्यवस्था करनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया। पशुओं के लिए हरा चारा काटने और पानी की व्यवस्था करने में भी परेशानी हुई। कई किसानों ने आसपास के जोहड़ों में पशुओं को पानी पिलाया। जगाधरी निवासी राजीव ने बताया कि रात में अंधेरा होने के कारण उनकी मां शौचालय में गिर गईं और उनके सिर में चोट लग गई। रातभर टॉर्च के सहारे उनकी देखभाल करनी पड़ी। सुबह छोटे-मोटे काम निपटाने के लिए घर में जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी।