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Yamuna Nagar News: टीकाकरण, सर्जरी कम होने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Mar 2026 12:37 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करती सार्थक टीम। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच में सामने आई खामियों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और विभाग (एडमिन) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने शुक्रवार को शहर के एक निजी होटल में स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ लंबी बैठक की। इस दौरान टीकाकरण और कम सर्जरी होने पर महानिदेशक और निदेशक ने नाराजगी जताई।
सुबह 10 बजे शुरू हुई बैठक शाम साढ़े छह बजे के बाद तक चली। स्वास्थ्य सेवाओं में मिली खामियों को लेकर कई डॉक्टरों और अधिकारियों को कड़ी फटकार सुननी पड़ी, जबकि कई अधिकारी सही जवाब नहीं दे पाए। डॉ. वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में आई सार्थक की नौ टीमें तीन दिनों से जिले में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रही थीं।
टीम ने सभी सीएचसी, पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी और जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच में न केवल व्यवस्थाओं की कमियां सामने आईं, बल्कि यह भी पाया गया कि स्टाफ को कई कार्यों की जानकारी ही नहीं थी। सूत्रों के अनुसार, दो सीएचसी में एक्सपायरी दवाएं मिलीं, जिस पर निदेशक ने संबंधित इंचार्ज को फटकार लगाई। आरबीएसके के तहत टीकाकरण में कमी होने पर महानिदेशक ने नाराजगी जताई।
इसके अलावा निरोगी हरियाणा और एनसीडी कैंप की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। उप जिला अस्पताल जगाधरी में गर्भवती महिलाओं और अन्य सर्जरी की संख्या कम होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। सार्थक टीम ने प्रत्येक केंद्र में मिली खामियों की सूची बनाई और इंचार्जों से जवाब लिया। कई अधिकारी टीम के सवालों का जवाब तक नहीं दे पाए।
मरीजों से ली गई फीडबैक में नर्सिंग ऑफिसर के व्यवहार को भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर महानिदेशक ने सिविल सर्जन और सभी एसएमओ को आवश्यक सुधार कराने के आदेश दिए। बैठक होटल के बंद हॉल में आठ घंटे से अधिक समय तक चली और पूरी तरह गोपनीय रखी गई। मीडिया और बाहरी लोगों को भी इससे दूर रखा गया।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में मिली खामियों को सुधारने के लिए अधिकारियों को इसी माह के भीतर रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों और डॉक्टरों को चेतावनी दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच में सामने आई खामियों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और विभाग (एडमिन) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने शुक्रवार को शहर के एक निजी होटल में स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ लंबी बैठक की। इस दौरान टीकाकरण और कम सर्जरी होने पर महानिदेशक और निदेशक ने नाराजगी जताई।
सुबह 10 बजे शुरू हुई बैठक शाम साढ़े छह बजे के बाद तक चली। स्वास्थ्य सेवाओं में मिली खामियों को लेकर कई डॉक्टरों और अधिकारियों को कड़ी फटकार सुननी पड़ी, जबकि कई अधिकारी सही जवाब नहीं दे पाए। डॉ. वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में आई सार्थक की नौ टीमें तीन दिनों से जिले में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रही थीं।
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टीम ने सभी सीएचसी, पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी और जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच में न केवल व्यवस्थाओं की कमियां सामने आईं, बल्कि यह भी पाया गया कि स्टाफ को कई कार्यों की जानकारी ही नहीं थी। सूत्रों के अनुसार, दो सीएचसी में एक्सपायरी दवाएं मिलीं, जिस पर निदेशक ने संबंधित इंचार्ज को फटकार लगाई। आरबीएसके के तहत टीकाकरण में कमी होने पर महानिदेशक ने नाराजगी जताई।
इसके अलावा निरोगी हरियाणा और एनसीडी कैंप की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। उप जिला अस्पताल जगाधरी में गर्भवती महिलाओं और अन्य सर्जरी की संख्या कम होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। सार्थक टीम ने प्रत्येक केंद्र में मिली खामियों की सूची बनाई और इंचार्जों से जवाब लिया। कई अधिकारी टीम के सवालों का जवाब तक नहीं दे पाए।
मरीजों से ली गई फीडबैक में नर्सिंग ऑफिसर के व्यवहार को भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर महानिदेशक ने सिविल सर्जन और सभी एसएमओ को आवश्यक सुधार कराने के आदेश दिए। बैठक होटल के बंद हॉल में आठ घंटे से अधिक समय तक चली और पूरी तरह गोपनीय रखी गई। मीडिया और बाहरी लोगों को भी इससे दूर रखा गया।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में मिली खामियों को सुधारने के लिए अधिकारियों को इसी माह के भीतर रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों और डॉक्टरों को चेतावनी दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।