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Yamuna Nagar News: सरकारी विभागों में बनेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:38 AM IST
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पीएम ई-ड्राइव योजना में 18 विभागों से मांगी भूमि की जानकारी
राजेश कुमार
यमुनानगर। प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए सरकारी कार्यालयों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, शहरी निकाय विभाग समेत 18 सरकारी विभागों को पत्र भेजकर उपलब्ध भूमि की जानकारी मांगी गई है।
विभागों को एक निर्धारित प्रोफार्मा भी भेजा गया है, जिसमें चार्जिंग स्टेशन के लिए उपलब्ध स्थान का विवरण देने को कहा गया है। जमीन की उपलब्धता मिलने के बाद चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत की जा रही है।
योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है ताकि लोगों को अपने घरों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी वाहन चार्ज करने की सुविधा मिल सके। विभागों से प्राप्त जानकारी के आधार पर स्थानों का चयन किया जाएगा और इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
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केंद्र सरकार ने देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह राशि सब्सिडी के रूप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाली एजेंसियों और जमीन उपलब्ध कराने वाले विभागों को दी जाएगी। इससे राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
हाल के वर्षों में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में लगातार वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर केंद्र व राज्य सरकारें भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होने से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा और बढ़ेगा। संवाद
अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर किए जाएंगे स्थापित
चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे जहां प्रतिदिन लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। जिला नागरिक अस्पताल, नगर निगम कार्यालय, बिजली निगम, तहसील परिसर और अन्य प्रमुख सरकारी संस्थान इसके लिए प्राथमिकता में हैं। शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन के लिए न्यूनतम 60 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध करानी होगी, जबकि राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से सटे स्थानों पर कम से कम 300 वर्ग मीटर भूमि आवश्यक होगी। योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने पर 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बिजली कनेक्शन लेने पर भी वित्तीय सहायता दी जाएगी। भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने के बाद आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रदेश के सभी जिलों से भूमि संबंधी जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्री को भेजे जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद चार्जिंग स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू होगा। - प्रदीप कुमार, एक्सईएन, यूएचबीवीएन पंचकूला।
राजेश कुमार
यमुनानगर। प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए सरकारी कार्यालयों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, शहरी निकाय विभाग समेत 18 सरकारी विभागों को पत्र भेजकर उपलब्ध भूमि की जानकारी मांगी गई है।
विभागों को एक निर्धारित प्रोफार्मा भी भेजा गया है, जिसमें चार्जिंग स्टेशन के लिए उपलब्ध स्थान का विवरण देने को कहा गया है। जमीन की उपलब्धता मिलने के बाद चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत की जा रही है।
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योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है ताकि लोगों को अपने घरों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी वाहन चार्ज करने की सुविधा मिल सके। विभागों से प्राप्त जानकारी के आधार पर स्थानों का चयन किया जाएगा और इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
केंद्र सरकार ने देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह राशि सब्सिडी के रूप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाली एजेंसियों और जमीन उपलब्ध कराने वाले विभागों को दी जाएगी। इससे राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
हाल के वर्षों में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में लगातार वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर केंद्र व राज्य सरकारें भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होने से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा और बढ़ेगा। संवाद
अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर किए जाएंगे स्थापित
चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे जहां प्रतिदिन लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। जिला नागरिक अस्पताल, नगर निगम कार्यालय, बिजली निगम, तहसील परिसर और अन्य प्रमुख सरकारी संस्थान इसके लिए प्राथमिकता में हैं। शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन के लिए न्यूनतम 60 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध करानी होगी, जबकि राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से सटे स्थानों पर कम से कम 300 वर्ग मीटर भूमि आवश्यक होगी। योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने पर 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बिजली कनेक्शन लेने पर भी वित्तीय सहायता दी जाएगी। भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने के बाद आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रदेश के सभी जिलों से भूमि संबंधी जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्री को भेजे जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद चार्जिंग स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू होगा। - प्रदीप कुमार, एक्सईएन, यूएचबीवीएन पंचकूला।