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Yamuna Nagar News: डेहा बस्ती में बिजली निगम ने नगर पालिका की भूमि पर दिए कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:33 AM IST
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डेहा बस्ती में तोड़फोड़ के बाद फैला मलबा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर/यमुनानगर। शहर के छोटा बांस स्थित डेहा बस्ती में शनिवार को नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में 100 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए हैं। वहीूं 150 से 200 पक्के मकानों पर अभी भी सवाल बने हुए हैं। कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले में बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नियमानुसार किसी भी बिजली कनेक्शन के लिए जमीन की रजिस्ट्री, स्वामित्व प्रमाण और अन्य दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद डेहा बस्ती में कई मामलों में बिना पुख्ता दस्तावेजों के कनेक्शन जारी किए जाने की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं आवेदन मिलने के बाद बिजली निगम के कर्मचारी मीटर लगने वाली जगह का मुआयना करके अपनी रिपोर्ट देते हैं। वहीं डेहा बस्ती में लोगों को बिजली कनेक्शन आसानी से मिल गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डेहा बस्ती में लंबे समय से अवैध गतिविधियां और कथित नशा कारोबार का बोलबाला रहा है। आरोप यह भी है कि यहां एक ही मीटर पर कई-कई घरों में बिजली आपूर्ति की जा रही थी। नियमित जांच न होने के कारण बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होने हो रही थी। कई घरों में एसी जैसे भारी उपकरण भी लगे पाए गए, जबकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिल डिफॉल्टर बताए जा रहे हैं।
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कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मीटर रीडिंग के लिए बिजली निगम के कर्मचारी यहां जाने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर विरोध और हमले का डर रहता था। यदि कनेक्शन वैध थे तो फिर दस्तावेजों की जांच और निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे रही।
कोई मदद के लिए नहीं आया आगे
आमतौर पर जब भी क्षेत्र में किसी पर कोई विपदा आती है तो शहर के समाजसेवी लोग व संस्थाएं उनकी मदद के लिए आगे आती हैं। यहां तक की कई-कई दिन के भोजन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेते हैं। यहां बेघर हुए लोगों को किसी ने भोजन तो क्या पानी का घूंट तक नहीं पिलाया। जिनके यहां तोड़फोड़ हुई वह सड़कों पर अपना सामान लेकर बैठे रहे और कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने नगरपालिका की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। युवाओं में नशे की समस्या बढ़ने को लेकर भी लोग चिंतित थे।
जमीन की तारबंदी की तैयारी में प्रशासन
नगरपालिका ने खाली करवाई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए तारबंदी की योजना बनाई है। एमई संदीप शर्मा ने बताया कि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही पूरे क्षेत्र की तारबंदी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा अवैध कब्जा न कर सके।
डेहा बस्ती में बिजली के कनेक्शन पुराने हैं और नियमित जांच की जाती है बिजली चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया है। बकाएदारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। - दीपांशु, एसडीओ, बिजली निगम रादौर।
रादौर/यमुनानगर। शहर के छोटा बांस स्थित डेहा बस्ती में शनिवार को नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में 100 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए हैं। वहीूं 150 से 200 पक्के मकानों पर अभी भी सवाल बने हुए हैं। कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले में बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नियमानुसार किसी भी बिजली कनेक्शन के लिए जमीन की रजिस्ट्री, स्वामित्व प्रमाण और अन्य दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद डेहा बस्ती में कई मामलों में बिना पुख्ता दस्तावेजों के कनेक्शन जारी किए जाने की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं आवेदन मिलने के बाद बिजली निगम के कर्मचारी मीटर लगने वाली जगह का मुआयना करके अपनी रिपोर्ट देते हैं। वहीं डेहा बस्ती में लोगों को बिजली कनेक्शन आसानी से मिल गए।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि डेहा बस्ती में लंबे समय से अवैध गतिविधियां और कथित नशा कारोबार का बोलबाला रहा है। आरोप यह भी है कि यहां एक ही मीटर पर कई-कई घरों में बिजली आपूर्ति की जा रही थी। नियमित जांच न होने के कारण बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होने हो रही थी। कई घरों में एसी जैसे भारी उपकरण भी लगे पाए गए, जबकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिल डिफॉल्टर बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मीटर रीडिंग के लिए बिजली निगम के कर्मचारी यहां जाने से कतराते थे, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर विरोध और हमले का डर रहता था। यदि कनेक्शन वैध थे तो फिर दस्तावेजों की जांच और निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे रही।
कोई मदद के लिए नहीं आया आगे
आमतौर पर जब भी क्षेत्र में किसी पर कोई विपदा आती है तो शहर के समाजसेवी लोग व संस्थाएं उनकी मदद के लिए आगे आती हैं। यहां तक की कई-कई दिन के भोजन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेते हैं। यहां बेघर हुए लोगों को किसी ने भोजन तो क्या पानी का घूंट तक नहीं पिलाया। जिनके यहां तोड़फोड़ हुई वह सड़कों पर अपना सामान लेकर बैठे रहे और कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने नगरपालिका की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। युवाओं में नशे की समस्या बढ़ने को लेकर भी लोग चिंतित थे।
जमीन की तारबंदी की तैयारी में प्रशासन
नगरपालिका ने खाली करवाई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए तारबंदी की योजना बनाई है। एमई संदीप शर्मा ने बताया कि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही पूरे क्षेत्र की तारबंदी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा अवैध कब्जा न कर सके।
डेहा बस्ती में बिजली के कनेक्शन पुराने हैं और नियमित जांच की जाती है बिजली चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया है। बकाएदारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। - दीपांशु, एसडीओ, बिजली निगम रादौर।

डेहा बस्ती में तोड़फोड़ के बाद फैला मलबा। संवाद