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Yamuna Nagar News: हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Feb 2026 01:34 AM IST
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विलाप करते मृतक आदित्य के दादा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। थाना जठलाना क्षेत्र के गांव खजूरी में शनिवार देर शाम को बीए प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। कॉलेज के पुराने विवाद से जुड़ी इस वारदात के बाद परिजनों और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने पुलिस को खरीखोटी सुनाई।
पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही मामला शांत हो सका। पुलिस ने आदित्य की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी रक्षित और उसके पिता प्रीतम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हमले में मृतक आदित्य के साथी राज कुमार और चचेरे भाई अर्जुन भी घायल हो गए। राज कुमार की गर्दन पर गंभीर चोट लगने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अर्जुन को भी हमले में चोटें आई हैं।
पुलिस को दिए बयान में गांव नागल निवासी अर्जुन ने बताया कि वह यमुनानगर के खालसा कॉलेज में बीए का छात्र है। शनिवार शाम करीब छह बजे वह घर का काम निपटाकर जिम जाने के लिए निकला था। तभी उसके चाचा का बेटा आदित्य और एक अन्य युवक ने बताया कि खजूरी निवासी रक्षित उससे पुराने विवाद को सुलझाने के लिए बुला रहा है।
कहा गया कि राजपूत धर्मशाला में बैठकर बातचीत कर समझौता कर लिया जाएगा। इस पर तीनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव खजूरी पहुंच गए। वहां पहले से ही रक्षित अपने पिता प्रीतम सिंह और पांच-छह अन्य युवकों के साथ जिम के पास खड़ा मिला। तीनों को देखते ही रक्षित ने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी देते हुए कहा कि आज उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
इसके बाद रक्षित ने अपने पास छुपाया हुआ तेजधार हथियार निकाल लिया और अचानक आदित्य की गर्दन पर वार कर दिया। आदित्य के साथ खड़े राजकुमार ने बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उस पर भी वार कर दिया। आरोप है कि हमले के दौरान रक्षित के पिता ने भी युवकों को सबक सिखाने की बात कही और साथ खड़े अन्य लड़कों ने आरोपी का साथ दिया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे। भीड़ जुटती देख आरोपी अपने साथियों और पिता के साथ मौके से भाग गए। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत समझौते का बहाना बनाकर बुलाया और जानलेवा हमला किया। उन्होंने पुलिस से मुख्य आरोपी रक्षित, उसके पिता और अन्य साथियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हमारा घर उजाड़ दिया, अब किसके सहारे जिएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला अस्पताल में शनिवार रात का मंजर बेहद मार्मिक था। चाकू से हमले में मारे गए आदित्य के दादा की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अस्पताल के अंदर बैठे बुजुर्ग बार-बार भगवान से एक ही प्रार्थना करता रहा-हे प्रभु, हमारे साथ जो हुआ, किसी और के साथ मत करना। उनके मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे कि अब क्या करें हम… हमारा सारा घर उजाड़ दिया… अब कहां जाएंगे हम।
यह देखकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। विलाप करते हुए उन्होंने कहा कि उनका पोता बेहद सीधा और मेहनती था। मेरे बच्चे ने कभी किसी का बुरा नहीं किया। उसे घेर कर मार दिया। किसे सुनाऊं अपना दुखड़ा। यह कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा जाती और वे फूट-फूटकर रो पड़ते।
परिजनों के मुताबिक, आदित्य घर का होनहार बेटा था और पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था। दादा का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका पोता इस तरह उनसे छिन जाएगा। अस्पताल में मौजूद हर शख्स इस दर्दनाक दृश्य का गवाह बना। किसी ने बुजुर्ग को पानी पिलाया तो कोई उन्हें संभालता रहा, लेकिन उनका दर्द कम नहीं हो सका।
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पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही मामला शांत हो सका। पुलिस ने आदित्य की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी रक्षित और उसके पिता प्रीतम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हमले में मृतक आदित्य के साथी राज कुमार और चचेरे भाई अर्जुन भी घायल हो गए। राज कुमार की गर्दन पर गंभीर चोट लगने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अर्जुन को भी हमले में चोटें आई हैं।
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पुलिस को दिए बयान में गांव नागल निवासी अर्जुन ने बताया कि वह यमुनानगर के खालसा कॉलेज में बीए का छात्र है। शनिवार शाम करीब छह बजे वह घर का काम निपटाकर जिम जाने के लिए निकला था। तभी उसके चाचा का बेटा आदित्य और एक अन्य युवक ने बताया कि खजूरी निवासी रक्षित उससे पुराने विवाद को सुलझाने के लिए बुला रहा है।
कहा गया कि राजपूत धर्मशाला में बैठकर बातचीत कर समझौता कर लिया जाएगा। इस पर तीनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव खजूरी पहुंच गए। वहां पहले से ही रक्षित अपने पिता प्रीतम सिंह और पांच-छह अन्य युवकों के साथ जिम के पास खड़ा मिला। तीनों को देखते ही रक्षित ने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी देते हुए कहा कि आज उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
इसके बाद रक्षित ने अपने पास छुपाया हुआ तेजधार हथियार निकाल लिया और अचानक आदित्य की गर्दन पर वार कर दिया। आदित्य के साथ खड़े राजकुमार ने बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उस पर भी वार कर दिया। आरोप है कि हमले के दौरान रक्षित के पिता ने भी युवकों को सबक सिखाने की बात कही और साथ खड़े अन्य लड़कों ने आरोपी का साथ दिया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे। भीड़ जुटती देख आरोपी अपने साथियों और पिता के साथ मौके से भाग गए। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत समझौते का बहाना बनाकर बुलाया और जानलेवा हमला किया। उन्होंने पुलिस से मुख्य आरोपी रक्षित, उसके पिता और अन्य साथियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हमारा घर उजाड़ दिया, अब किसके सहारे जिएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला अस्पताल में शनिवार रात का मंजर बेहद मार्मिक था। चाकू से हमले में मारे गए आदित्य के दादा की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अस्पताल के अंदर बैठे बुजुर्ग बार-बार भगवान से एक ही प्रार्थना करता रहा-हे प्रभु, हमारे साथ जो हुआ, किसी और के साथ मत करना। उनके मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे कि अब क्या करें हम… हमारा सारा घर उजाड़ दिया… अब कहां जाएंगे हम।
यह देखकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। विलाप करते हुए उन्होंने कहा कि उनका पोता बेहद सीधा और मेहनती था। मेरे बच्चे ने कभी किसी का बुरा नहीं किया। उसे घेर कर मार दिया। किसे सुनाऊं अपना दुखड़ा। यह कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा जाती और वे फूट-फूटकर रो पड़ते।
परिजनों के मुताबिक, आदित्य घर का होनहार बेटा था और पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था। दादा का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका पोता इस तरह उनसे छिन जाएगा। अस्पताल में मौजूद हर शख्स इस दर्दनाक दृश्य का गवाह बना। किसी ने बुजुर्ग को पानी पिलाया तो कोई उन्हें संभालता रहा, लेकिन उनका दर्द कम नहीं हो सका।

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