{"_id":"6988ea82b9bac250e9070e49","slug":"passengers-were-inconvenienced-for-hours-while-waiting-for-buses-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-151089-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बसों के इंतजार में घंटों परेशान रहे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बसों के इंतजार में घंटों परेशान रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Feb 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
जगाधरी अड्डे पर बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कुरुक्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय पशु मेले ने जिले के रोडवेज यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मेले के अंतिम दिन रविवार को भी जिले से निर्धारित 22 के बजाय 23 बसों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लगाया गया, जिसका सीधा खामियाजा दैनिक यात्रियों को भुगतना पड़ा।
बसों को कार्यक्रम में लगाए जाने के कारण अंबाला, प्रतापनगर, व्यासपुर, साढौरा, नारायणगढ़, छछरौली और रादौर जैसे व्यस्त ग्रामीण रूटों से बसें हटा ली गईं। इन रूटों पर बसों की संख्या घटते ही यात्रियों को स्टैंडों पर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ को अपने जरूरी काम टालने पड़े।
यात्रियों का कहना है कि जिले में पहले ही रोडवेज बसों की संख्या सीमित है। ऐसे में जब भी कोई राज्यस्तरीय कार्यक्रम होता है, सबसे पहले स्थानीय रूटों की बसों को ही हटा लिया जाता है। इससे रोजमर्रा के सफर पर निर्भर लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
कई गांवों से आने वाले मजदूर, कर्मचारी और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। रविवार को राहत की बात यह रही कि अवकाश होने के कारण स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और अन्य कोचिंग संस्थान बंद रहे। यदि शिक्षण संस्थान खुले होते तो विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता।
आम दिनों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इन्हीं रूटों पर रोडवेज बसों से सफर करते हैं। यात्रियों ने मांग की है कि राज्यस्तरीय कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाए या फिर अन्य जिलों से बसें मंगाई जाएं, ताकि स्थानीय रूटों पर असर न पड़े। प्रशासन को पहले से वैकल्पिक योजना बनानी चाहिए, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान न होना पड़े।
वर्जन:
कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्यस्तरीय पशु मेला संपन्न हो गया है। सभी रूटों पर बसें सोमवार से पहले की तरह चलेंगी। यात्रियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - बलविंद्र सिंह, डीआई, यमुनानगर डिपो।
Trending Videos
यमुनानगर। कुरुक्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय पशु मेले ने जिले के रोडवेज यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मेले के अंतिम दिन रविवार को भी जिले से निर्धारित 22 के बजाय 23 बसों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लगाया गया, जिसका सीधा खामियाजा दैनिक यात्रियों को भुगतना पड़ा।
बसों को कार्यक्रम में लगाए जाने के कारण अंबाला, प्रतापनगर, व्यासपुर, साढौरा, नारायणगढ़, छछरौली और रादौर जैसे व्यस्त ग्रामीण रूटों से बसें हटा ली गईं। इन रूटों पर बसों की संख्या घटते ही यात्रियों को स्टैंडों पर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ को अपने जरूरी काम टालने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्रियों का कहना है कि जिले में पहले ही रोडवेज बसों की संख्या सीमित है। ऐसे में जब भी कोई राज्यस्तरीय कार्यक्रम होता है, सबसे पहले स्थानीय रूटों की बसों को ही हटा लिया जाता है। इससे रोजमर्रा के सफर पर निर्भर लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
कई गांवों से आने वाले मजदूर, कर्मचारी और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। रविवार को राहत की बात यह रही कि अवकाश होने के कारण स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और अन्य कोचिंग संस्थान बंद रहे। यदि शिक्षण संस्थान खुले होते तो विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता।
आम दिनों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इन्हीं रूटों पर रोडवेज बसों से सफर करते हैं। यात्रियों ने मांग की है कि राज्यस्तरीय कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाए या फिर अन्य जिलों से बसें मंगाई जाएं, ताकि स्थानीय रूटों पर असर न पड़े। प्रशासन को पहले से वैकल्पिक योजना बनानी चाहिए, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान न होना पड़े।
वर्जन:
कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्यस्तरीय पशु मेला संपन्न हो गया है। सभी रूटों पर बसें सोमवार से पहले की तरह चलेंगी। यात्रियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - बलविंद्र सिंह, डीआई, यमुनानगर डिपो।

जगाधरी अड्डे पर बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद