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Yamuna Nagar News: शहर के 55 हजार खाली प्लाटों में कूड़े के ढेर से बीमारी फैलने की आशंका

Fri, 07 Aug 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 07 Aug 2026 12:48 AM IST
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Fear of disease spreading from garbage heaps on 55,000 vacant plots in the city
ताऊ देवी लाल कांप्लेक्स में खाली प्लॉट में पड़ा कूड़ा व उगी झाड़ियां। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर में वर्षों से खाली पड़े करीब 55 हजार प्लॉट अब नगर निगम और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। इन भूखंडों पर न तो निर्माण कार्य हो रहा है और न ही मालिकों की ओर से कोई देखरेख की जा रही है। अधिकांश प्लॉट कूड़ा डालने की जगह बन चुके हैं।
बरसात में पानी भरने से मच्छरों का प्रजनन बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर निगम अब ऐसे प्लॉट मालिकों की पहचान कर नोटिस जारी कर जुर्माना लगाने की तैयारी में है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में ऐसे प्लॉट हैं, जिन्हें खरीदने के बाद मालिक दूसरे जिलों, राज्यों या विदेश चले गए।
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इनमें कुछ स्थायी निवासी भी हैं। कई मामलों में निगम के पास मालिकों का स्थायी पता तक उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि कार्रवाई करना आसान नहीं है। निगम अब पार्षदों की मदद से ऐसे प्लॉटों की पहचान और मालिकों तक नोटिस पहुंचाने की योजना बना रहा है।
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पार्षद प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी और विक्रम राणा का कहना है कि खाली प्लॉटों में आसपास के लोग लगातार कूड़ा डालते हैं। इससे बदबू फैलती है और स्थानीय लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। बरसात के दौरान इन प्लॉटों में पानी जमा रहता है, जो मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। पिछले वर्षों में कई वार्डों में डेंगू के मामले सामने आने के बावजूद निगम ने समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया।
पार्षदों ने बताया कि खाली प्लॉटों का मुद्दा 24 फरवरी को हुई नगर निगम सदन की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया गया था। उस समय भी प्लॉट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ।
उनका आरोप है कि निगम की ढिलाई के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि तय समय सीमा के भीतर इनके मालिक निर्देशों का पालन नहीं करते तो नियमानुसार जुर्माना लगाया जाना चाहिए। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।इससे शहर में गंदगी, जलभराव और मच्छरों की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

निवेश के उद्देश्य से प्लॉट खरीदते हैं लोग : मेयर
मेयर सुमन बहमनी का कहना है कि शहर में करीब 55 हजार खाली प्लॉट हैं। काफी लोग निवेश के उद्देश्य से प्लॉट खरीदकर छोड़ देते हैं या दूसरे जिलों और राज्यों के निवासी होने के कारण उनकी देखरेख नहीं हो पाती। पार्षद भी ऐसे प्लॉट धारकों पर कार्रवाई की मांग उठा चुके हैं। ऐसे प्लॉटों पर नोटिस चस्पा किए जाएंगे। मालिकों को निर्धारित समय में चहारदीवारी कराने या निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। जिनके पते नहीं होंगे उसके लिए राजस्व विभाग को लिखा जाएगा।
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