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Yamuna Nagar News: कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर दर्ज होगी एफआईआर
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भगवाड़िया गैस एजेंसी पर पर्ची कटवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े उपभोक्ता। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमें निरीक्षण करेंगी। कॉमर्शियल सिलिंडर केवल अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए दिए जाएंगे। इसके लिए पहले जनप्रतिनिधियों से सत्यापन करवाना होगा। फिर जिला प्रशासन की ओर से तय कमेटी आवेदन पर फैसला लेगी। फिलहाल टूरिज्म केंद्रों और रस्म क्रिया में भी सिलिंडर उपलब्ध करवाने के सरकार से निर्देश मांगे गए हैं।
जिले में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की बिक्री को लेकर बुधवार को जिला सचिवालय में उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश डीएफएससी और पुलिस अधिकारियों को दिए। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए कितने कॉमर्शियल सिलेंडर जारी किए जाएं, इसका निर्णय जिला स्तर पर गठित कमेटी की ओर से किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने पुलिस तथा जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी)को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी गैस की कालाबाजारी न हो। इसके लिए आकस्मिक छापे मारे जाएं और कहीं भी कोई मामला सामने आए तो फौरन आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ईएसएमए) के तहत एफआईआर दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए कॉमर्शियल सिलिंडर जारी करने के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में वे खुद (उपायुक्त), एसपी, डीएफएससी, सीएमओ और डीईओ शामिल हैं।
सरपंच, पार्षद से सत्यापन के बाद मिलेगा सिलिंडर-
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शादी के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर जारी करने की अनुमति देने से पहले सरपंच व पार्षद आदि से विवाह के बारे सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के सत्यापन के बाद आवेदन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में जमा करवाना होगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही सिलिंडर उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार फिलहाल होटल संचालकों को कोई सिलिंडर जारी नहीं किया जाएगा। टूरिज्म केंद्रों अथवा रस्म क्रिया आदि के लिए सरकार से मार्गदर्शन मांगने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीएल के अधिकारियों को उपलब्ध स्टॉक के बारे में रोजाना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिले में 42 एजेंसी और 3023 उपभोक्ता
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में 42 गैस एजेंसियां हैं। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की संख्या 3023 है। सरकार की ओर से जिले के लिए 200 कॉमर्शियल सिलिंडर का कोटा तय किया गया है। रक्षा संस्थान, रिसर्च इंस्टीट्यूट, शिक्षा संस्थान और स्वास्थ्य संस्थान आदि को घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग करने की छूट है। बैठक में डीएफएससी मुकेश कुमार, डीएसपी राजीव, डीपीसी धर्मपाल, सीएमओ पूनम चौधरी, पेट्रोलियम कंपनियों के बिक्री अधिकारी वरुण, अंकित मंगला, जितेंद्र वाधवा ने भाग लिया।
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करनाल। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमें निरीक्षण करेंगी। कॉमर्शियल सिलिंडर केवल अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए दिए जाएंगे। इसके लिए पहले जनप्रतिनिधियों से सत्यापन करवाना होगा। फिर जिला प्रशासन की ओर से तय कमेटी आवेदन पर फैसला लेगी। फिलहाल टूरिज्म केंद्रों और रस्म क्रिया में भी सिलिंडर उपलब्ध करवाने के सरकार से निर्देश मांगे गए हैं।
जिले में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की बिक्री को लेकर बुधवार को जिला सचिवालय में उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश डीएफएससी और पुलिस अधिकारियों को दिए। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए कितने कॉमर्शियल सिलेंडर जारी किए जाएं, इसका निर्णय जिला स्तर पर गठित कमेटी की ओर से किया जाएगा।
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बैठक में उपायुक्त ने पुलिस तथा जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी)को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी गैस की कालाबाजारी न हो। इसके लिए आकस्मिक छापे मारे जाएं और कहीं भी कोई मामला सामने आए तो फौरन आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ईएसएमए) के तहत एफआईआर दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और विवाह समारोहों के लिए कॉमर्शियल सिलिंडर जारी करने के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में वे खुद (उपायुक्त), एसपी, डीएफएससी, सीएमओ और डीईओ शामिल हैं।
सरपंच, पार्षद से सत्यापन के बाद मिलेगा सिलिंडर-
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शादी के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर जारी करने की अनुमति देने से पहले सरपंच व पार्षद आदि से विवाह के बारे सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के सत्यापन के बाद आवेदन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में जमा करवाना होगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही सिलिंडर उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार फिलहाल होटल संचालकों को कोई सिलिंडर जारी नहीं किया जाएगा। टूरिज्म केंद्रों अथवा रस्म क्रिया आदि के लिए सरकार से मार्गदर्शन मांगने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीएल के अधिकारियों को उपलब्ध स्टॉक के बारे में रोजाना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिले में 42 एजेंसी और 3023 उपभोक्ता
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में 42 गैस एजेंसियां हैं। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की संख्या 3023 है। सरकार की ओर से जिले के लिए 200 कॉमर्शियल सिलिंडर का कोटा तय किया गया है। रक्षा संस्थान, रिसर्च इंस्टीट्यूट, शिक्षा संस्थान और स्वास्थ्य संस्थान आदि को घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग करने की छूट है। बैठक में डीएफएससी मुकेश कुमार, डीएसपी राजीव, डीपीसी धर्मपाल, सीएमओ पूनम चौधरी, पेट्रोलियम कंपनियों के बिक्री अधिकारी वरुण, अंकित मंगला, जितेंद्र वाधवा ने भाग लिया।