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Yamuna Nagar News: कोहरे व शीतलहर ने बढ़ाई रक्तचाप और मधुमेह के रोगियों की परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 30 Jan 2026 12:49 AM IST
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Fog and cold waves have increased the problems for patients with high blood pressure and diabetes
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए लगी भीड़। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शीतलहर और घने कोहरे ने आमजन के साथ-साथ रक्तचाप, हृदय और मधुमेह रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठिठुरन भरी ठंड के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, विशेषकर बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं का असर जिले के स्वास्थ्य पर साफ नजर आने लगा है। पहले ही पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से जिले में काफी ठंड हो रही थी। अब तीन दिन पहले बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने दिक्कत और बढ़ा दी है। ठंड बढ़ने के साथ ही बीपी, हृदय और मधुमेह रोगियों में दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 2000 से 2300 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लगभग 350 से 400 मरीज ऐसे होते हैं, जो बीपी, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं। सर्दी के मौसम में घरों में मीठे और तैलीय भोजन का अधिक सेवन भी बीपी और मधुमेह मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
ठंड के चलते शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप और शुगर का स्तर बढ़ने लगता है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में पंजीकरण के बाद मरीजों की बीपी जांच को अनिवार्य कर रखा है। इसके बाद ही मरीजों को चिकित्सक कक्ष में भेजा जाता है। अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीजों की बीपी जांच की जा रही है, वहीं शुगर जांच भी नियमित रूप से की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में ठंडे पानी से स्नान करने से बचना चाहिए और जहां तक संभव हो गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। सुबह और शाम ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचाव जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में ठंड के मौसम में बीपी बढ़ने की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण दिनचर्या में बदलाव और व्यायाम की कमी है।
सीने के दर्द व घबराहट को अनदेखा न करें: डाॅ. कुमार

जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आईएनएल कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में बीपी, मधुमेह और हृदय रोगियों के साथ-साथ सामान्य लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आना या सांस लेने में तकलीफ होने पर लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें। नियमित जांच और सतर्कता ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे बेहतर उपाय है।
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