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Yamuna Nagar News: समझौता नहीं करूंगा, आरोपी डॉक्टरों को सजा दिलाकर ही रहूंगा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज (पट्टी) छूटने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पीड़िता मेहर खातून के पति ओसामा ने साफ शब्दों में कहा है कि वह किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे। ओसामा का कहना है कि उनकी पत्नी की जान से खिलवाड़ हुआ है और अब उनका एक ही लक्ष्य है आरोपी डॉक्टरों को सजा दिलाना।
ओसामा ने बताया कि वीरवार को थाना शहर जगाधरी पुलिस ने उन्हें पूरे दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था। दस्तावेज उन्हें सौंप दिए गए हैं। शुक्रवार को दोबारा से उनके बयान दर्ज होंगे। ओसामा का यह भी कहना है कि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य और प्रशासनिक जांच से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर सच्चाई अदालत के सामने आएगी। थाना शहर जगाधरी में एसपी अस्पताल जगाधरी की महिला डॉक्टर डॉ. सोना गोयल, उनके पति सेवानिवृत्त पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. अनूप गोयल (इनपर सरकारी सेवा रहते हुए ऑपरेशन में शामिल होने का आरोप), इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. प्रदीप तेहलान, मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर के डॉ. निखिल मेहता और मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल के डॉ. कुलदीप चड्ढा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। गांव बीबीपुर निवासी 21 वर्षीय मेहर खातून के पति ओसामा के अनुसार, 12 मार्च 2025 को वह अपनी गर्भवती पत्नी को चेकअप के लिए जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल लेकर गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी और मेहर को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। अगले दिन 13 मार्च 2025 की सुबह डॉ. सोना गोयल ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि इस दौरान उनके पति सेवानिवृत्त डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनूप गोयल, भी ऑपरेशन प्रक्रिया में शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान मेहर ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
ऑपरेशन और इलाज पर करीब 70 हजार रुपये खर्च हुए। 15 मार्च 2025 को मेहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर लौटने के कुछ दिन बाद ही मेहर को टांकों के आसपास तेज दर्द, सूजन और कमजोरी महसूस होने लगी।
शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह ऑपरेशन के बाद की सामान्य समस्या होगी, लेकिन धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई। 1 अप्रैल 2025 को दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे बूड़िया गांव स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। तीन अप्रैल 2025 को ओसामा अपनी पत्नी को जगाधरी-यमुनानगर रोड स्थित इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर गया। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों को महिला के गर्भ में किसी बाहरी वस्तु, संभवतः सर्जिकल स्पंज, का अंदेशा हो गया था, इसके बावजूद सच्चाई छिपा ली गई। आरोप है कि डॉ. प्रदीप तेहलान ने महिला डॉक्टर से मिलीभगत कर जानबूझकर नॉर्मल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बना दी।
रिपोर्ट में लिखा गया कि टांकों में केवल पस है और इलाज उसी डॉक्टर के पास करवाने की सलाह दी गई, जहां सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। रिपोर्ट नॉर्मल होने के कारण परिजन भ्रमित हो गए और बूड़िया के उसी अस्पताल में वापस चले गए। वहां केवल पस का इलाज किया गया और मेहर को 18 अप्रैल तक भर्ती रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
पंचकूला में कराई गई जांच में खुली सच्चाई
21 मई 2025 को मेहर की हालत अचानक फिर बिगड़ गई। उसे दोबारा बूड़िया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। 22 मई को परिजन उसे फिर यमुनानगर के मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां डॉ. निखिल मेहता ने सच्चाई छिपाते हुए रिपोर्ट में लिखा कि यूटेरस में पस के कारण रसौली बन गई है और ऑपरेशन जरूरी है। यहां से भी मरीज को मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर के अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी गई। इन्कार करने पर उन्हें मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल भेजा गया। आरोप है कि डॉ. कुलदीप चड्ढा को सच्चाई पहले से पता थी, फिर भी उन्होंने परिवार को डराया कि यूटेरस में गैस का गोला बन गया है, जो कभी भी फट सकता है और महिला की जान जा सकती है। इमरजेंसी ऑपरेशन का दबाव बनाया गया, लेकिन परिजन डर के बावजूद बिना इलाज कराए लौट आए। उसी दिन महिला को पंचकूला सेक्टर-26 स्थित ओजस अस्पताल ले जाया गया। यहां आधुनिक जांच में सच्चाई सामने आई।
जो लोग कह रहे प्राथमिकी में नाम गलत दर्ज किया गया। इस मामले में अभी जांच चल रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी जो भी इसमें जो भी सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। -राजिंद्र सिंह, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।
इस मामले की जो जांच हुई उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही यह कार्रवाई हुई है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, अब आगे की कार्रवाई पुलिन्कोने करनी है। -विश्वनाथ, एसडीएम, जगाधरी।
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यमुनानगर। ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज (पट्टी) छूटने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पीड़िता मेहर खातून के पति ओसामा ने साफ शब्दों में कहा है कि वह किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे। ओसामा का कहना है कि उनकी पत्नी की जान से खिलवाड़ हुआ है और अब उनका एक ही लक्ष्य है आरोपी डॉक्टरों को सजा दिलाना।
ओसामा ने बताया कि वीरवार को थाना शहर जगाधरी पुलिस ने उन्हें पूरे दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था। दस्तावेज उन्हें सौंप दिए गए हैं। शुक्रवार को दोबारा से उनके बयान दर्ज होंगे। ओसामा का यह भी कहना है कि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य और प्रशासनिक जांच से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर सच्चाई अदालत के सामने आएगी। थाना शहर जगाधरी में एसपी अस्पताल जगाधरी की महिला डॉक्टर डॉ. सोना गोयल, उनके पति सेवानिवृत्त पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. अनूप गोयल (इनपर सरकारी सेवा रहते हुए ऑपरेशन में शामिल होने का आरोप), इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. प्रदीप तेहलान, मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर के डॉ. निखिल मेहता और मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल के डॉ. कुलदीप चड्ढा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। गांव बीबीपुर निवासी 21 वर्षीय मेहर खातून के पति ओसामा के अनुसार, 12 मार्च 2025 को वह अपनी गर्भवती पत्नी को चेकअप के लिए जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल लेकर गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी और मेहर को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। अगले दिन 13 मार्च 2025 की सुबह डॉ. सोना गोयल ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि इस दौरान उनके पति सेवानिवृत्त डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनूप गोयल, भी ऑपरेशन प्रक्रिया में शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान मेहर ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
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ऑपरेशन और इलाज पर करीब 70 हजार रुपये खर्च हुए। 15 मार्च 2025 को मेहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर लौटने के कुछ दिन बाद ही मेहर को टांकों के आसपास तेज दर्द, सूजन और कमजोरी महसूस होने लगी।
शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह ऑपरेशन के बाद की सामान्य समस्या होगी, लेकिन धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई। 1 अप्रैल 2025 को दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे बूड़िया गांव स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। तीन अप्रैल 2025 को ओसामा अपनी पत्नी को जगाधरी-यमुनानगर रोड स्थित इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर गया। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों को महिला के गर्भ में किसी बाहरी वस्तु, संभवतः सर्जिकल स्पंज, का अंदेशा हो गया था, इसके बावजूद सच्चाई छिपा ली गई। आरोप है कि डॉ. प्रदीप तेहलान ने महिला डॉक्टर से मिलीभगत कर जानबूझकर नॉर्मल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बना दी।
रिपोर्ट में लिखा गया कि टांकों में केवल पस है और इलाज उसी डॉक्टर के पास करवाने की सलाह दी गई, जहां सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। रिपोर्ट नॉर्मल होने के कारण परिजन भ्रमित हो गए और बूड़िया के उसी अस्पताल में वापस चले गए। वहां केवल पस का इलाज किया गया और मेहर को 18 अप्रैल तक भर्ती रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
पंचकूला में कराई गई जांच में खुली सच्चाई
21 मई 2025 को मेहर की हालत अचानक फिर बिगड़ गई। उसे दोबारा बूड़िया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। 22 मई को परिजन उसे फिर यमुनानगर के मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां डॉ. निखिल मेहता ने सच्चाई छिपाते हुए रिपोर्ट में लिखा कि यूटेरस में पस के कारण रसौली बन गई है और ऑपरेशन जरूरी है। यहां से भी मरीज को मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर के अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी गई। इन्कार करने पर उन्हें मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल भेजा गया। आरोप है कि डॉ. कुलदीप चड्ढा को सच्चाई पहले से पता थी, फिर भी उन्होंने परिवार को डराया कि यूटेरस में गैस का गोला बन गया है, जो कभी भी फट सकता है और महिला की जान जा सकती है। इमरजेंसी ऑपरेशन का दबाव बनाया गया, लेकिन परिजन डर के बावजूद बिना इलाज कराए लौट आए। उसी दिन महिला को पंचकूला सेक्टर-26 स्थित ओजस अस्पताल ले जाया गया। यहां आधुनिक जांच में सच्चाई सामने आई।
जो लोग कह रहे प्राथमिकी में नाम गलत दर्ज किया गया। इस मामले में अभी जांच चल रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी जो भी इसमें जो भी सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। -राजिंद्र सिंह, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।
इस मामले की जो जांच हुई उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही यह कार्रवाई हुई है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, अब आगे की कार्रवाई पुलिन्कोने करनी है। -विश्वनाथ, एसडीएम, जगाधरी।