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Yamuna Nagar News: गेहूं की सरकारी खरीद आज से, बारदाना नहीं पहुंचने से बढ़ी चिंता

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 01 Apr 2026 12:43 AM IST
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Government Procurement of Wheat Begins Today; Concerns Mount Over Non-Arrival of Gunny Bags
खेतों में गेहूं की फसल पक कर सुनहरी होने लगी है। संवाद - फोटो : आरोपी मौलाना मोहम्मद सालिम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल अब पक कर सुनहरी होने लगी है। जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में आज से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी। वहीं जमीनी स्तर पर तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। मंडियों में अभी तक बारदाना नहीं पहुंचा है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। उठान के लिए वाहनों की व्यवस्था निविदा प्रक्रिया में उलझ है।
इस बार जिले में 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई थी। सरकारी एजेंसियों ने 3,36,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की 3,18,479 मीट्रिक टन खरीद से अधिक है। वहीं इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
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लगातार खराब मौसम और हालिया बारिश के कारण फसल में नमी अधिक है, जिससे मंडियों में गेहूं की आवक पांच अप्रैल के बाद ही शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस बार हैफेड, डीएफएससी और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियां खरीद कार्य में शामिल रहेंगी।
मंडियों की स्थिति भी फिलहाल संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर सीवरेज की गंदगी पड़ी हुई है, तो कहीं निर्माण मलबा जमा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से नहीं हो पाई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि एक दिन पहले डीसी प्रीति ने मंडियों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं।
इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया में कुछ नए नियम लागू किए गए हैं, जो किसानों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकते हैं। अब मंडी में गेहूं लाने वाले ट्रैक्टर या अन्य वाहन पर नंबर प्लेट होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही किसान का स्वयं मंडी में उपस्थित होना भी जरूरी होगा। यदि किसान खुद नहीं आता है, तो उसे पहले से पोर्टल पर तीन नॉमिनी दर्ज करने होंगे, जिनमें से कोई एक व्यक्ति ही गेहूं बेच सकेगा।
इसके अतिरिक्त मंडी गेट पर किसानों की बायोमीट्रिक पहचान भी की जाएगी। इसमें अंगुलियों के निशान के साथ-साथ आंखों के रेटिना का स्कैन भी शामिल है। इस प्रक्रिया को पारदर्शिता के लिए लागू किया गया है, लेकिन तकनीकी दिक्कतें किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
बिना बारदाना तौल में आएगी दिक्कत : मुनीष

अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुनीष कांबोज ने कहा कि अभी तक किसी भी आढ़ती के पास बारदाना नहीं पहुंचा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि बारदाना उपलब्ध नहीं होगा, तो गेहूं की तुलाई कैसे संभव होगी। ऐसे में खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द सभी मंडियों में बारदाना उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

खेतों में गेहूं की फसल पक कर सुनहरी होने लगी है। संवाद

खेतों में गेहूं की फसल पक कर सुनहरी होने लगी है। संवाद- फोटो : आरोपी मौलाना मोहम्मद सालिम।

खेतों में गेहूं की फसल पक कर सुनहरी होने लगी है। संवाद

खेतों में गेहूं की फसल पक कर सुनहरी होने लगी है। संवाद- फोटो : आरोपी मौलाना मोहम्मद सालिम।

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