{"_id":"6a359739e281300cb90e7ae8","slug":"lack-of-facilities-at-tejli-sports-complex-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-158111-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: तेजली खेल परिसर में सुविधाओं की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: तेजली खेल परिसर में सुविधाओं की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
तेजली खेल परिसर की दीवार से टूटी कंटीली तार। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल परिसर बदहाली का शिकार है। जिस परिसर से कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, वहीं अब मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी यहां अभ्यास के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खराब व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है।
खिलाड़ी रामकिशन, जयपाल, मुकेश कुमार, रजत, शिवम, कृष्ण, राजकमल, बिट्टू, हिमांशु आदि का कहना है कि स्टेडियम में लगी अधिकांश हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। परिसर में बिजली के पोल तो लगे हैं, लेकिन किसी भी पोल पर लाइट नहीं जलती। शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। कई स्थानों पर खुले पड़े बिजली के तार भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
शौचालयों की स्थिति भी दयनीय है। परिसर में बनी तीन बाथरूमों में से दो पर ताले लटके हुए हैं, जबकि मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय गंदगी और जाम की समस्या से जूझ रहा है। महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ी सुमित, प्रवीन और रोहित ने बताया कि वर्षों से शौचालयों की समुचित सफाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
इसके अलावा मैदान में उगी लंबी घास और झाड़ियों के कारण अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। एथलेटिक्स ट्रैक भी कई स्थानों पर उबड़-खाबड़ हो चुका है, जिससे धावकों को अभ्यास में दिक्कत आती है। आवासीय फुटबॉल अकादमी के पीछे गंदा पानी जमा होने से कई बार तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। इससे मच्छर और अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ रहा है।
स्थायी चौकीदार की तैनाती नहीं
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी नाकाफी है। इतने बड़े क्षेत्र में एक भी स्थायी चौकीदार या पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं है। रात के समय कई जगहों पर शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। स्टेडियम की चारदीवारी पर लगाई गई कांटेदार तार भी कई स्थानों से टूट चुकी है, जिससे लोग दीवार फांदकर आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं। मैदान में लावारिस पशु घूमते रहने से भी खिलाड़ियों को परेशानी होती है।
वर्तमान में स्टेडियम में एचकेआरएन के माध्यम से केवल एक सुरक्षा गार्ड तैनात हैछ परिसर के क्षेत्रफल को देखते हुए चार से पांच गार्डों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल परिसर बदहाली का शिकार है। जिस परिसर से कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, वहीं अब मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी यहां अभ्यास के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खराब व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है।
खिलाड़ी रामकिशन, जयपाल, मुकेश कुमार, रजत, शिवम, कृष्ण, राजकमल, बिट्टू, हिमांशु आदि का कहना है कि स्टेडियम में लगी अधिकांश हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। परिसर में बिजली के पोल तो लगे हैं, लेकिन किसी भी पोल पर लाइट नहीं जलती। शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। कई स्थानों पर खुले पड़े बिजली के तार भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शौचालयों की स्थिति भी दयनीय है। परिसर में बनी तीन बाथरूमों में से दो पर ताले लटके हुए हैं, जबकि मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय गंदगी और जाम की समस्या से जूझ रहा है। महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ी सुमित, प्रवीन और रोहित ने बताया कि वर्षों से शौचालयों की समुचित सफाई नहीं हुई है।
इसके अलावा मैदान में उगी लंबी घास और झाड़ियों के कारण अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। एथलेटिक्स ट्रैक भी कई स्थानों पर उबड़-खाबड़ हो चुका है, जिससे धावकों को अभ्यास में दिक्कत आती है। आवासीय फुटबॉल अकादमी के पीछे गंदा पानी जमा होने से कई बार तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। इससे मच्छर और अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ रहा है।
स्थायी चौकीदार की तैनाती नहीं
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी नाकाफी है। इतने बड़े क्षेत्र में एक भी स्थायी चौकीदार या पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं है। रात के समय कई जगहों पर शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। स्टेडियम की चारदीवारी पर लगाई गई कांटेदार तार भी कई स्थानों से टूट चुकी है, जिससे लोग दीवार फांदकर आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं। मैदान में लावारिस पशु घूमते रहने से भी खिलाड़ियों को परेशानी होती है।
वर्तमान में स्टेडियम में एचकेआरएन के माध्यम से केवल एक सुरक्षा गार्ड तैनात हैछ परिसर के क्षेत्रफल को देखते हुए चार से पांच गार्डों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।

तेजली खेल परिसर की दीवार से टूटी कंटीली तार। संवाद

तेजली खेल परिसर की दीवार से टूटी कंटीली तार। संवाद

तेजली खेल परिसर की दीवार से टूटी कंटीली तार। संवाद