{"_id":"69d72397ad60f901d80233f1","slug":"major-accident-in-yamunanagar-gas-cylinder-explodes-at-factory-10-people-including-children-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुनानगर में बड़ा हादसा: फैक्टरी में गैस सिलेंडर फटा, 4 बच्चों सहित 10 लोग गंभीर रूप से घायल; दीवारें ढहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुनानगर में बड़ा हादसा: फैक्टरी में गैस सिलेंडर फटा, 4 बच्चों सहित 10 लोग गंभीर रूप से घायल; दीवारें ढहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Thu, 09 Apr 2026 09:27 AM IST
विज्ञापन
सार
यमुनानगर के व्यासपुर क्षेत्र के सलेमपुर गांव में एक फैक्टरी में बुधवार को गैस सिलेंडर बदलते समय भीषण हादसा हो गया। सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 10 लोग घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।
मौके पर पहुंचे लोग
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर में वीरवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जब एलपीजी सिलेंडर में गैस ट्रांसफर के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। हादसे में 4 बच्चों और 2 महिलाओं सहित कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना जबरदस्त था कि क्वार्टर की दीवारें ढह गईं और लेंटर तक में गहरी दरारें पड़ गईं। घटना सुबह करीब 8:20 बजे की बताई जा रही है।
Trending Videos
जानकारी के मुताबिक, जिस क्वार्टर में प्रवासी मजदूर परिवार रहते थे, वहां 17 क्वार्टर बने हुए थे और एक क्वार्टर में करीब 5 सदस्य रह रहे थे। घटना के समय महिलाएं बाहर खाना बना रही थीं, जबकि अंदर बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान गैस लीक होने से अचानक ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैल गई, जिससे कमरे में मौजूद बच्चे और महिलाएं उसकी चपेट में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसे में 2 महीने की सिमरन, 5 साल की शांति, 9 साल की नेहा, 9 साल की शांति, 4 साल की अंशु, 10 साल की सुभांति, तथा रीना देवी और 4 साल की कांति गंभीर रूप से झुलस गई हैं। गनीमत यह रही कि कमरे में रखे दो भरे हुए सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज की तरह कई मजदूर सुबह काम पर चले गए थे, जिसकी वजह से कई लोगों की जान बच गई।
धमाके की आवाज पूरे क्षेत्र में गूंज गई, जिससे अफरातफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और 5 बच्चों व एक महिला को जगाधरी सिविल अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आठ लोगों को PGI रेफर किया गया।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है कि गैस ट्रांसफर के दौरान आखिर ऐसी खतरनाक स्थिति कैसे बनी। वहीं, घायलों के परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। हादसे में घायल गुड़िया ने बताया कि उसकी बहन सुभांति (10), शांति (5), क्रांति (4), सिमरन और उनकी मां रीना देवी सभी ब्लास्ट की चपेट में आकर झुलस गए हैं। वह खुद घर से सुबह खाना खाकर फैक्ट्री काम पर गई थी, तभी यह हादसा हो गया।