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Yamuna Nagar News: बाहर निकाली गंदगी किनारों पर छोड़ने से फिर नालों में पहुंच रहा मलबा
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नालों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देतीं मेयर सुमन बहमनी। प्रवक्ता
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यमुनानगर। मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के नालों की सफाई के दावे कागजों तक सिमटे हैं। वहीं कई बड़े नालों की सफाई में औपचारिकता बरती जा रही है। शहर के कई प्रमुख नालों में अब भी गाद और कचरा जमा है। कई स्थानों पर नालों से निकाली गंदगी उठाने के बजाय किनारों पर ही छोड़ दी गई है, जिससे वही मलबा दोबारा नालों में गिर रहा है। सफाई के बावजूद निरीक्षण के दौरान नालों में गंदगी मिल रही है।
मेयर सुमन बहमनी ने बुधवार सुबह जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और नगर निगम अधिकारियों के साथ मॉडल टाउन के वेयर हाउस क्षेत्र से लेकर जम्मू कॉलोनी डिच ड्रेन तक विभिन्न नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई अधूरी मिली और नालों में गंदगी दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने मौके पर कर्मचारियों को लगाकर सफाई करवाई गई।
शहर के मॉडल टाउन, सरोजनी कॉलोनी, शक्ति नगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी और कैंप क्षेत्र के कई नालों में सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति दावों से अलग नजर आती है। लोगों का कहना है कि मशीनों और कर्मचारियों से नालों की ऊपरी सतह की सफाई तो कर दी जाती है, लेकिन तली में जमी गाद (सिल्ट) पूरी तरह नहीं निकाली जाती। इतना ही नहीं, जो गाद बाहर निकाली जाती है, उसे कई दिनों तक नालों के किनारे ही छोड़ दिया जाता है। बारिश या हवा के साथ यही गंदगी दोबारा नालों में पहुंच जाती है।
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स्थिति यह है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में हर वर्ष जलभराव की समस्या मुहं बाय खड़ी है। कर्मचारी सफाई की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, लेकिन इससे मानसून में शहर को जलभराव से बचाया नहीं जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों और सफाई एजेंसी को स्पष्ट कहा कि हर नाले की तली तक जमी गाद पूरी तरह बाहर निकालकर उसका तत्काल उठान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि धंसे स्लैब और अतिक्रमण भी हटाए जाएं। मानसून से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि सफाई में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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मेयर सुमन बहमनी ने बुधवार सुबह जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और नगर निगम अधिकारियों के साथ मॉडल टाउन के वेयर हाउस क्षेत्र से लेकर जम्मू कॉलोनी डिच ड्रेन तक विभिन्न नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई अधूरी मिली और नालों में गंदगी दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने मौके पर कर्मचारियों को लगाकर सफाई करवाई गई।
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शहर के मॉडल टाउन, सरोजनी कॉलोनी, शक्ति नगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी और कैंप क्षेत्र के कई नालों में सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति दावों से अलग नजर आती है। लोगों का कहना है कि मशीनों और कर्मचारियों से नालों की ऊपरी सतह की सफाई तो कर दी जाती है, लेकिन तली में जमी गाद (सिल्ट) पूरी तरह नहीं निकाली जाती। इतना ही नहीं, जो गाद बाहर निकाली जाती है, उसे कई दिनों तक नालों के किनारे ही छोड़ दिया जाता है। बारिश या हवा के साथ यही गंदगी दोबारा नालों में पहुंच जाती है।
स्थिति यह है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में हर वर्ष जलभराव की समस्या मुहं बाय खड़ी है। कर्मचारी सफाई की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, लेकिन इससे मानसून में शहर को जलभराव से बचाया नहीं जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों और सफाई एजेंसी को स्पष्ट कहा कि हर नाले की तली तक जमी गाद पूरी तरह बाहर निकालकर उसका तत्काल उठान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि धंसे स्लैब और अतिक्रमण भी हटाए जाएं। मानसून से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि सफाई में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।